ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशनिर्माणधीन गंगा पुल के पिलर गिरने के मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई, जेई और एई सस्पेंड

निर्माणधीन गंगा पुल के पिलर गिरने के मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई, जेई और एई सस्पेंड

बुलंदशहर के नरसेना क्षेत्र के गंगा नदी पर बन रहे निर्माणधीन पुल के पिलर गिरने के मामले में शासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। लापरवाही बरतने में सेतु निगम के जेई और एई को सस्पेंड कर दिया है।

निर्माणधीन गंगा पुल के पिलर गिरने के मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई, जेई और एई सस्पेंड
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,बुलंदशहरSat, 08 Jun 2024 09:09 PM
ऐप पर पढ़ें

यूपी के बुलंदशहर के नरसेना क्षेत्र में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पक्के पुल के पिलर गिरने के मामले में शासन की ओर से कार्रवाई शुरू हो गई है। लापरवाही बरतने पर सेतु निगम के जेई और एई को सस्पेंड किया गया है, जबकि विभाग के कई उच्च अधिकारी अभी जांच टीम के रडार पर हैं। वहीं, पुल में लगाई जा रही निर्माण सामग्री की जांच के लिए भी एमएनआईटी (मोतीलाल नेहरु नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद) की टीम ने मौके पर जाकर सैंपल लिए हैं। 

क्षेत्र के गांव गजरौला में अमरोहा के गांव वीरामपुर तक गंगा नदी पर करीब 83 करोड़ की लागत से 1062.65 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य जनवरी 2022 में शुरू हुआ था। 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन निर्धारित समय अवधि में निर्माण पूरा नहीं किया गया। सेतु निगम की अनदेखी और निर्माण कार्य कंपनी की लापरवाही से बीते 29 मार्च की रात को निर्माणधीन पुल के दो बीम पलट कर गिर गए, जबकि तीसरा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद शासन स्तर से मामले की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग लखनऊ के प्रमुख अभियंता एके अग्रवाल सेतु निगम के प्रबंध निदेशक धर्मवीर सिंह और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता सदन लाल गुप्ता की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। हादसे को करीब दो माह बीतने के बाद अब पुल की गुणवत्ता की जांच शुरू हुई है।  एमएनआईटी इलाहाबाद की टीम ने चार दिन तक निर्माणधीन पुल की सुरक्षात्मक जांच की है। पुल के बीम, पिलर और कंक्रीट के सैंपल एकत्रित किए गए हैं। जिन्हें जांच टीम अपने साथ लैब में जांच के लिए ले गई है। जांच कराने को सेतु निगम की ओर से एमएनआईटी को करीब 10 से 12 लाख रुपए की फीस का भुगतान भी किया गया है। 

सेतु निगम के जेई और एई को किया सस्पेंड

पूरे मामले में शासन की ओर से जांच के बाद निर्माण कार्य कंपनी एडिकोन को ब्लैक लिस्ट और 3 साल के लिए डिबार किया गया जबकि कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ नरसेना थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब चुनाव आचार संहिता हटने के बाद सेतु निगम के प्रबंध निदेशक धर्मवीर सिंह ने निर्माण स्थल देख रहे जेई प्रदीप चौहान और एई ओम प्रकाश को निलंबित कर महा प्रबंधक कार्यालय गाजियाबाद संबद्ध कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक शासन की ओर से कराई जा रही जांच में सेतु निगम के कई उच्च अधिकारी भी रडार पर हैं गुणवत्ता जांच रिपोर्ट के बाद जिन पर कार्रवाई हो सकती है।

सेतु निगम के जेएमडी संदीप गुप्ता ने बताया कि लापरवाही पर सेतु निगम के जेई और एई को सस्पेंड कर गाजियाबाद कार्यालय संबद्ध किया है। एमएनआईटी इलाहाबाद द्वारा ब्रिज के सेफ्टी की जांच की गई है। पुल निर्माण को देखने के लिए कई इंजीनियर लगाए गए हैं।