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जौनपुर के BSP सांसद ने अखिलेश पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप, कहा-आपको बददुआ लगेगी

जौनपुर लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद श्‍याम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को एक भावुक चिट्ठी लिख कर टिकट न मिलने पर अपना दु:ख जाहिर किया है। उन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।

जौनपुर के BSP सांसद ने अखिलेश पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप, कहा-आपको बददुआ लगेगी
Ajay Singhहिन्‍दुस्‍तान ,जौनपुरThu, 18 Apr 2024 01:35 PM
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BSP MP wrote a letter to Akhilesh Yadav: यूपी की जौनपुर लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद श्‍याम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को एक भावुक चिट्ठी लिख कर टिकट न मिलने पर अपना दु:ख जाहिर किया है। साथ ही उन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। सांसद का कहना है कि अखिलेश यादव ने उनसे हुई कई मुलाकातों में जौनपुर से चुनाव लड़ाने का वादा किया था। लेकिन टिकट देने का वक्‍त आया तो उनसे फोन पर बात भी नहीं हो सकी। 

बता दें कि जौनपुर सीट से बसपा ने इस बार बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्‍नी श्रीकला रेड्डी को टिकट दिया है। जबकि समाजवादी पार्टी ने पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और भाजपा ने कृपा शंकर सिंह को मैदान में उतारा है। अखिलेश यादव को लिखी चिट्ठी में बसपा सांसद श्‍याम सिंह यादव ने दावा किया है उन्‍हें सपा से लड़ाने का वादा किया गया था। उन्‍होंने यहां तक लिखा है कि  तीसरी मुलाकात में जब मैंने आपसे (अखिलेश यादव) से पूछ लिया कि क्‍या आपने जौनपुर से किसी और को (ल...) भी आश्‍वासन दिया है क्‍योंकि वह कहता फिर रहा है कि अध्‍यक्ष जी ने उसे तैयारी के लिए कहा है। तो आपने कहा था कि वह झूठ बोलता है, न ल...लड़ेगा, न ल...लड़ेगा और न ल...लड़ेगा ( ये ल से शुरू होने वाले तीन लोगों के नाम हैं जो टिकट के लिए इच्‍छुक थे)...लड़ेंगे आप। सांसद ने अपनी चिट्ठी की अंतिम लाइन में लिखा है कि ल...जो एमएलसी भी रह चुका है, आपके नाम को काफी बदनाम कर रहा है। कई लोग जानते हैं कि क्‍या कारण है। आपको इससे भी सावधान रहने की जरूरत है। 

13 अप्रैल को लिखी इस चिठ्ठी में सांसद श्‍याम सिंह यादव ने दावा किया कि पिछले करीब सात महीनों में तय वक्‍त और तारीख पर अखिलेश यादव के साथ उनकी पांच बैठकें हुईं। पहली ही मीटिंग में खुद अखिलेश यादव ने उनसे समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने की बात कही और बाद में हर मीटिंग में उसे दोहराया। लेकिन जब नाम घोषित करने का समय आया तो उनसे बात भी नहीं हो पाई। सांसद ने लिखा कि आपके (अखिलेश के) इस रवैए से उम्र के इस पड़ाव पर जिंदगी का आखिरी चुनाव लड़ने के एम्‍बीशन को उन्‍होंने खो दिया है लेकिन इससे अखिलेश ने भी अपनी बात खोई है। यह उनकी इमेज के लिए भी अच्‍छा नहीं है। उन्‍होंने लिखा कि मुझे आपके (अखिलेश के) कई करीबियों ने खबरदार किया था लेकिन आपकी बात के समय आंखों का भरोसा देखकर उनकी बात नहीं मानी। बहरहाल मैं इस बात से बेहद आहत होने के बाद इस दर्द को सह गया हूं। अब मैं आपसे टिकट का आकांक्षी नहीं हूं। 

सांसद ने लिखा कि माननीय नेताजी (मुलायम सिंह यादव) , आपके परिवार और आपसे इतने पुराने रिश्‍ते के बावजूद ऐसा झूठा वादा नहीं करना चाहिए था। दुआ की जगह किसी की बद्दुआ नहीं लेनी चाहिए थी। आप तो कहकर भूल गए लकन आपको यह तनिक भी एहसास नहीं होगा कि इतने दिनों से मैं कितने डिप्रेशन से गुजरा।