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जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है, एमपी में कांग्रेस की हार पर सपा का रिएक्शन

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा जहां एक ओर सरकारी वापसी पर जीत का जश्न मना रही है तो वहीं कांग्रेस हार की समीक्षा करने में जुट गई है। चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बीच मध्यप्रदेश...

जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है, एमपी में कांग्रेस की हार पर सपा का रिएक्शन
Dinesh Rathourलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊSun, 03 Dec 2023 07:04 PM
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा जहां एक ओर सरकारी वापसी पर जीत का जश्न मना रही है तो वहीं कांग्रेस हार की समीक्षा करने में जुट गई है। चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बीच मध्यप्रदेश में चुनावी मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस की हार पर बड़ा रिएक्शन दिया है। सपा ने कांग्रेस की हार का ठीकरा उनके बड़े नेताओं पर फोड़ा है। सपा प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने एक वीडियो जारी करके पूर्व सीएम कमलनाथ पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस की हार का ठीकरा फोड़ा। उन्होंने कहा कांग्रेस मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अमर्यादित बयानों के कारण हारी है। सपा ने आरोप लगाया है विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं पर अहंकार सिर चढ़कर बोल रहा था।

सपा ने कमलनाथ का नाम लेकर कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव के प्रति अपमानजनक शब्द बोले थे। सपा प्रवक्ता ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता का जिक्र करते हुए कहा, जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। उनके मर्यादित बयानों से कांग्रेस हारी है और ज्यादातर जगहों पर यही हुआ है। यूपी में कांग्रेस अध्यक्ष के बदले जाने को लेकर सपा प्रवक्ता ने कहा, जिस तरह से उत्तर प्रदेश में एक दलित का अपमान करके एक किस व्यक्ति को प्रदेश का अध्यक्ष बना दिया।

एक देश के बड़े नेता जो आज के दौर में बहुजनों के नायक हैं अखिलेश यादव जो मंडल कमीशन जातिगत जनगणना को लेकर सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक और सभी तरह के भागीदारी की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिन्होंने अपने दम पर भाजपा को कई बार नाको चने चबवाए, उस बड़े नेता को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना कांग्रेस पर भारी पड़ा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस को समझना पड़ेगा कि जब-जब दलितों, पिछड़ों और क्षेत्रीय दलों का अपमान होगा तो कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ेगी।

क्या बोले थे कमलनाथ

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और सपा के बीच टिकट बंटवारे को लेकर काफी दिनों तक गहमा-गहमी रही थी। कांग्रेस की ओर से टिकट को लेकर कोई रुख साफ नजर नहीं आया तो सपा ने अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया था। इसके बाद कांग्रेस और सपा के बीच तल्खबाजी बढ़ गई थी। चुनाव को लेकर नेताओं के प्रदेश में दौरे चल रहे थे। इसी दौरान पूर्व सीएम कमलनाथ भी चुनाव के किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। एक पत्रकार ने जब कमलनाथ से जब अखिलेश को लेकर सवाल किया तो कमलनाथ ने बात को काटते हुए कहा था, छोड़ो भाई अखिलेश-वखिलेश को। कमलनाथ के इस बयान के बाद सपा और उनके कार्यकर्ताओं में कांग्रेस और उनके नेताओं के प्रति खासी नाराजगी पैदा हो गई थी।

कमलनाथ के बयान के बाद क्या बोले थे अखिलेश

पूर्व सीएम कमलनाथ के अखिलेश-वखिलेश वाले बयान के बाद सपा प्रमुख ने भी पलटवार किया था। यूपी के हरदोई में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था, कमलनाथ ने ये सही कहा, अखिलेश तो हैं, वखिलेश कौन हैं? अगर वो इस तरह की बातें कहते हैं तो समाजवादी पार्टी भी कह सकती है, लेकिन हम नहीं चाहते इसमें शामिल हों। हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं कमलनाथ से। उनका नाम बहुत अच्छा है। जिनके नाम में 'कमल' है वो अखिलेश नहीं, अखिलेश ही कहेंगे। 

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