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इस 'कुटी' वाले स्‍कूल में मुश्किल से मिलता है एडमिशन, लगती है सिफारिश; देना पड़ता है एंट्रेंस

सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही लोगों की प्रतिक्रिया ठीक नहीं होती है। लेकिन गोरखपुर में एक ऐसा भी सरकारी स्कूल है जहां लोग अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए सिफारिश करते हैं। तारीफों के पुल बांधते हैं।

इस 'कुटी' वाले स्‍कूल में मुश्किल से मिलता है एडमिशन, लगती है सिफारिश; देना पड़ता है एंट्रेंस
Ajay Singhनिज संवाददाता,गोरखपुरMon, 20 Nov 2023 07:28 AM
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UP Government School: आमतौर पर मोटी फीस लेने वाले निजी स्कूलों में दाखिले के लिए लोग सिफारिश करते हुए नजर आते हैं तो सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही उनकी प्रतिक्रिया ठीक नहीं होती है। लेकिन गोरखपुर में एक ऐसा भी सरकारी स्कूल है जहां अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए सिफारिश करते हैं। तारीफों के पुल बांधते हैं।

पिपरौली ब्लॉक स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय छपिया संभवत जनपद का पहला स्कूल है जहां दाखिले के लिए बच्चों को प्रवेश परीक्षा पास करना जरूरी है। कक्षा छह से आठवीं तक के इस स्कूल को लोग ‘कुटी’ वाला स्कूल कहकर पुकारते हैं। दरअसल स्कूल की बनावट कुटी के आकार की है। यहां मात्र तीन कमरे और एक लैब है। विद्यालय में पांच शिक्षक और 220 बच्चों का नामांकन है।

पिछले 20 सालों से इस विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रहे प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह ने बताया कि आमतौर पर बच्चे गणित से घबराते हैं। उन्हें गणित पढ़ना कठिन लगता है। विद्यालय में गणित को आसान और रुचिकर बनाकर समझने के लिए मैथ लैब की व्यवस्था एक कमरे में की गई है। अध्यापक निश्चित सामाग्री मॉडलों, चार्टों की सहायता से अनेक गणित के तथ्यों और गुणों को समझाते हैं। इसके बाद बच्चे खुद ही प्रयोग करते हैं।

अक्टूबर में आईसीटी लैब की व्यवस्था भी की गई। इस विद्यालय को टक्कर देने के लिए क्षेत्र में कई कान्वेंट स्कूल खुले लेकिन धीरे-धीरे सभी बंद हो गए। प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह ने बताया कि अप्रैल में प्रवेश परीक्षा होती है। फेल होने वाले बच्चों को जुलाई में एक बार फिर मौका दिया जाता है। बच्चों के बीच शिक्षा का माहौल बरकरार रखने के लिए प्रवेश परीक्षा कराई जाती है।

उपलब्धि
-जिले में हुए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में विद्यालय के छह बच्चों ने प्रतिभा किया था जिसमें पांच बच्चे सफल हुए।
-भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आयोजित स्पेल बी की जिला स्तर प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्रा ने टॉप किया था।
-जिला जज की ओर से आयोजित स्वच्छ भारत जागरूकता अभियान की परीक्षा में स्कूल की छात्रा सिमरन ने टॉप किया था।

बीएसए ने कहा 
बीएसए रमेन्‍द्र कुमार सिंह ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों द्वारा पूरे मनोयोग से शिक्षण कार्य किया जा रहा है। जो सराहनीय है। स्कूल को और बेहतर बनाने के लिए विभाग की ओर से मदद किया जाएगा।

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