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2 अप्रैल, 2020|2:24|IST

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2020 के अंत तक सूर्य की सतह पर पहुंचने की तैयारी में इसरो

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मंगल और चांद की दूरी तय करने के बाद भारत अब सूर्य की सतह तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है। इसरो ने सूर्य तक पहुंचने के लिए आदित्य एल-1 मिशन की तैयारी भी लगभग हो गई है। वर्ष 2020 के अंत तक भारत की पहुंच सूर्य तक होने की उम्मीद है। टेस्टिंग और शोध का सिलसिला चल रहा है। यह बातें इसरो, इस्ट्रैक्ट के निदेशक प्रो. वीवी श्रीनिवासन ने कही।

इसरो के नए प्रयोगों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सूर्य की सतह तक अभी किसी भी देश की पहुंच नहीं है। आदित्य एल-1 को 1.5 मिलियन किमी की दूरी तय करनी होगी। इसका आर्बिटल पीरियड करीब 178 दिन का होगा। इसरो सूर्य से निकलने वाली सोलर हवाओं का अध्ययन भी करेगा।

पीएसआईटी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने इसरो के कई वैज्ञानिक बुधवार को आए थे। इसरो इस्ट्रैक्ट के निदेशक प्रो. वीवी श्रीनिवासन ने बताया कि इसरो लगातार नए-नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जल्द ही अंतरिक्ष में गगनयान को भी भेजने की तैयारी है। उम्मीद है कि 2022 तक इसमें सफलता मिल जाएगी। गगनयान कार्यक्रम के तहत दो अनमैंड और एक मैंड अंतरिक्ष यान भेजा जाना है। इसके जरिए अंतरिक्ष पर मानव जीवन पर अहम जानकारी मिल सकेगी। यह देश का पहला मानव अंतरिक्ष यान होगा। इस यान से भेजे जाने वाले मानव को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले देश के राकेश शर्मा भी अंतरिक्ष में जा चुके हैं। मगर वे रसिया के यान के साथ गए थे। उम्मीद है कि गगनयान मिशन के तहत पहला अनमैंड फ्लाइट 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भेजेंगे। दूसरी अनमैंड फ्लाइट वर्ष 2021 में भेजा जाएगा। इसके बाद मानव अंतरिक्ष यान जाएगा। 

चंद्रयान-3 होगा सफल, 2020 में होगा प्रक्षेपण
इसरो इस्ट्रैक्ट के निदेशक प्रो. वीवी श्रीनिवासन ने बताया कि चंद्रयान-2 पूरी तरह सफल नहीं हुआ। अंतिम समय में कंट्रोल सिस्टम साफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण रोवर और लैंडर लैंड नहीं कर सके थे। इससे पूरी सफलता नहीं हुई। हालांकि आर्बिटर सही ढंग से काम कर रहा है और लगातार इसरो के संपर्क में है। जल्द ही चंद्रयान-3 की तैयारी चल रही है। मार्च से इस पर काम शुरू हो जाएगा। चंद्रयान-2 में जो कमियां सामने आई हैं या गड़बड़ी हुई है, इसे सुधारा जाएगा। चंद्रयान-3 में सिर्फ उतना ही बदलाव किया जाएगा, जो चंद्रयान-2 में कमी मिली है। इस बार चंद्रयान-3 पूरी तरह सफल रहेगा।

ये हैं भविष्य के मिशन 

  • 2020 में चंद्रयान-3
  • 2020 में आदित्य एल-1 मिशन
  • 2022 में गगनयान मिशन
  • 2022 में मॉम-2 (मार्स ऑर्बिटर मिशन) 
  • 2028 में एक्सोवर्ल्ड्स
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  • Web Title:ISRO preparing to reach the surface of Sun by the end of 2020