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अयोध्या राम मंदिर निर्माण की प्रगति देखने को 200 संतों को भेजा आमंत्रण

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण की प्रगति से संत समाज को अवगत कराने और इन धर्म धुरंधरों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक संदेश पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। इसी श्रृंखला में...

अयोध्या राम मंदिर निर्माण की प्रगति देखने को 200 संतों को भेजा आमंत्रण
हिन्दुस्तान टीम, अयोध्याThu, 19 Aug 2021 07:51 PM

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रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण की प्रगति से संत समाज को अवगत कराने और इन धर्म धुरंधरों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक संदेश पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। इसी श्रृंखला में रामजन्मभूमि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने हर सम्प्रदाय से जुड़े देश भर के 200 सम्प्रदायाचार्यों को पत्र भेजा है। इस पत्र में आग्रह किया गया है कि वह अयोध्या आकर रामलला का दर्शन करें और राम मंदिर निर्माण की प्रगति का भी अवलोकन करें। इसके साथ अपने बहुमूल्य सुझावों से ट्रस्ट को अवगत कराएं।

रामजन्मभूमि ट्रस्ट महासचिव के आमन्त्रण पर एकादशी के पर्व पर मध्य प्रदेश के भोपाल से उदासीन सम्प्रदाय के संतों का जत्था यहां पहुंचा।  यह सभी संत ऋषि आश्रम रानोपाली के अतिथि बने और फिर रामलला का दर्शन करने के साथ राम मंदिर निर्माण कार्य को भी देखा। स्वामी उमानंद महाराज के नेतृत्व में आए संतों ने ट्रस्ट महासचिव से भी भेंट की और निर्माण के प्रति साधुवाद देते हुए हर्ष प्रकट किया।

इसके पहले ट्रस्ट की ओर से प्रतिदिन अलग-अलग मंदिरों के संत-महंतों को भी झूलनोत्सव में आमंत्रित किया जा रहा है। एकादशी पर महंत परशुराम दास के नेतृत्व में खाकचौक के संतों ने रामलला का दर्शन किया और रामलला को मेवा-मिष्ठान का प्रसाद भी चढ़ाया। इससे पहले राम जन्मभूमि परिसर को पुष्पहारों से सजाया गया। 

राजसदन समेत सभी जातीय मंदिरों में पड़े झूले
‘उपवन कुंज कलाप झुकि झूलत हरिराधिका, विमलेंद्र प्रताप देखन चाहत सुह्रद संग ’ सावन शुक्ल एकादशी के पर्व पर राजसदन सहित रामनगरी के सभी छोटे-बड़े व जातीय मंदिरों में झूले पड़ गये। इस अवसर पर मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रहों को झूले पर प्रतिष्ठित कर सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया है। श्रीप्रताप धर्मसेतु वक्फ की ओर से राजसदन के श्रृंगार उपवन में विराजमान राधा-माधव की मनमोहिनी झूलन झांकी सजाई गयी। यह झूलन झांकी सावन पूर्णिमा तक चलेगी।

राज परिवार के सदस्यों ने भगवान की आरती उतारी
झूलन झांकी के अनावरण के क्षण में श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के न्यासी एवं अयोध्या राज परिवार के अगुवा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, उनके अनुज डा. शैलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र व उनके बेटे एवं प्रख्यात संगीत अध्येता यतीन्द्र मोहन प्रताप मिश्र सहित राज परिवार के सदस्यों ने भगवान की आरती उतारी और वंदन कर लोकमंगल की प्रार्थना की। इसके पहले राजसदन में राजपरिवार की परम्परा में नागपंचमी के पर्व पर दर्शनेश्वर महादेव शिवाला परिसर में भगवान राधा-माधव व राधा-बृजराज की संयुक्त झूलन झांकी सजाई गयी थी। 

शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां भी प्रवाहित होती रही
परम्परागत झांकी के लिए राजपरिवार के ही बाबू बाजार स्थित राधा-बृजराज मंदिर में विराजमान भगवान के उत्सव विग्रह को शिवाला परिसर में लाकर झूले पर विराजित किया गया। पुन: श्रृंगार उपवन में विराजमान भगवान राधा-माधव के भी उत्सव विग्रह को शिवाला परिसर में ही डाले गये। दूसरे झूले में उन्हें प्रतिष्ठित कर संयुक्त झूलन झांकी सजाई गई। इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां भी शिवाला परिसर में प्रवाहित होती रही।