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19 फरवरी को यूपी में धरातल पर उतरेगा 10 लाख करोड़ का निवेश, सीएम योगी बोले-35 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 10 लाख करोड़ से अधिक निवेश के प्रस्तावों को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से धरातल पर उतारने जा रहे हैं।

19 फरवरी को यूपी में धरातल पर उतरेगा 10 लाख करोड़ का निवेश, सीएम योगी बोले-35 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी
Dinesh Rathourप्रमुख संवाददाता,लखनऊFri, 16 Feb 2024 06:23 PM
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 10 लाख करोड़ से अधिक निवेश के प्रस्तावों को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से धरातल पर उतारने जा रहे हैं। इससे 35 लाख नौजवानों को सीधे-सीधे नौकरी मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, यूपी के लोगों ने पिछले सात वर्षों में कानून-व्यवस्था के महत्व का बखूबी अनुभव किया। आज हर नागरिक के मन में सुरक्षा का विश्वास है। प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था का ही परिणाम है कि जीआईएस-23 में 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जबकि 2017 से पहले प्रदेश में निवेश के लिए कोई आना नहीं चाहता था। मुख्यमंत्री शुक्रवार को 67वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के समापन समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने स्मारिका का विमोचन किया। साथ ही विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को ट्रॉफी भी प्रदान की। 

फील्ड में मिला अनुभव ही असली ज्ञान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का बेहतर माहौल बनाने में पुलिस के विभिन्न बलों की अति महत्वपूर्ण भूमिका है। इतना ही नहीं जनता की धारणा बनाने में भी पुलिस बल का अहम रोल है। उन्हें यह धारणा बनाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके लिए दोहरी मानसिकता के साथ काम करना पड़ता है। वह असामाजिक और अराष्ट्रीय तत्वों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पेश आते हैं तो आम आदमी से संवाद स्थापित कर उन्हें न्याय दिलाते हैं। इससे आम आदमी के मन में एक नया विश्वास पैदा होता है। साथ ही यह पुलिस बल की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समारोह में देश भर के विभिन्न बलों के अधिकारी और कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। उनके अपने-अपने अनुभव हैं। उन अनुभवों का लाभ किस रूप में हम ले सकते हैं, यह काफी महत्वपूर्ण है। हमारे देश में ज्ञान के आदान-प्रदान की परंपरा वर्षों पुरानी है। राजधानी लखनऊ से 70 किलोमीटर दूर नौमिषारण्य है, जो हजारों वर्ष पहले ऋषियों के ज्ञान के आदान प्रदान के मंथन का केंद्र था। यहां पर भारत के वैदिक ज्ञान की परंपरा को लिपिबद्ध करने का काम किया गया था। इसमें पूरे देश भर के 88000 ऋषि-मुनि शामिल थे। ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट इसी धरोहर को आगे बढ़ाता है। सीएम योगी ने कहा कि ज्ञान वह नहीं होता है जो पुस्तकों में लिखा होता है, जबकि ज्ञान वह है जो फील्ड की ड्यूटी के दौरान आप अनुभव करते हैं।

प्रतिस्पर्धाओं में बहुत कुछ सीखने को मिलता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध की बदलती प्रकृति के अनुसार हम सभी को अपने आप को तैयार करना होगा। हम जब अपनी ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ को जनता के सामने पेश करते हैं तो बहुत कुछ जानने और सीखने को मिलता है। प्रतियोगिताओं और प्रतिस्पर्धाओं के माध्यम से बहुत सारी चीजों को देखने और सीखने का अवसर मिलता है। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर देश के अंदर की चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर स्मार्ट पुलिसिंग की बात करते हैं। इस दौरान वह सख्त और सेंसिटिव पुलिस की बात करते हैं। पुलिस बल जब स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था से जुड़ जाएगी तो वर्तमान की चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सकेगी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी प्रशांत कुमार व डीजी आरपीएफ मनोज यादव आदि शामिल हुए।

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