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आजम के जौहर विश्वविद्यालय में शत्रु संपत्ति की जांच, रामपुर पहुंची गृह मंत्रालय की टीम 

आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय में शत्रु संपत्ति की जांच की गई है। शुक्रवार को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की टीम रामपुर पहुंची। टीम ने जौहर विश्वविद्यालय पहुंच कर मौके पर जमीन की वस्तुस्थिति देखी।

आजम के जौहर विश्वविद्यालय में शत्रु संपत्ति की जांच, रामपुर पहुंची गृह मंत्रालय की टीम 
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,रामपुरSat, 17 Feb 2024 05:49 AM
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जौहर विश्वविद्यालय परिसर में स्थित करीब 13 एकड़ शत्रु संपत्ति की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की टीम रामपुर पहुंची। टीम ने जौहर विश्वविद्यालय पहुंच कर मौके पर जमीन की वस्तुस्थिति देखी। टीम ने नवाब स्टेशन और कोठी खासबाग में शत्रु संपत्ति को देखा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान के जौहर ट्रस्ट से संचालित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपयों की कस्टोडियन की प्रापर्टी है। करीब 13 एकड़ शत्रु संपत्ति को कब्जाने में सपा नेता आजम खान के खिलाफ 2019 में केस भी दर्ज हुआ था। यह प्रॉपर्टी वर्तमान में किस स्थिति में है, इसका जायजा लेने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय में उप सचिव राजेंद्र कुमार, शत्रु संपत्ति के मुख्य पर्यवेक्षक ब्रिगेडियर यशपाल सिंह रामपुर पहुंचे।

पर्यवेक्षक प्रशांत सिंह सैनी ने बताया कि यहां एडीएम ई लालता प्रसाद शाक्य और अन्य अधिकारियों तथा फोर्स की मौजूदगी में जौहर विवि स्थित कस्टोडियन की प्रॉपर्टी का जायजा लिया। इसके बाद नवाब स्टेशन और कोठी खासबाग में भी शत्रु संपत्ति देखी।

पूर्व में हुई थी तारबंदी, कोर्ट ने हटवाई थी
जौहर विवि परिसर स्थित शत्रु संपत्ति को कस्टोडियन ने अपनी अभिरक्षा में लेने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर तारबंदी करायी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह तारबंदी हटवायी गई थी।

आजम समेत ट्रस्ट पर हो चुके हैं आरोप तय
पिछले दिनों कोर्ट में शत्रु संपत्ति कब्जाने के मामले में मोहम्मद आजम खान, मसूद खां उर्फ गुड्डू, तजीन फातिमा, मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान, नसीर अहमद खां, मुश्ताक अहमद सिद्दीकी, निकहत अफलाक, अदीब आजम खां, जेड आर सिद्दीकी, मोहम्मद फसीह जैदी, सैयद गुलाम सैय्यादेन रिजवी, रहमत हुसैन जैदी, सैयद वसीम रिजवी और उवैद उल हक पर आरोप तय हो चुके हैं।

ऐसे लिया था शत्रु संपत्ति पर कब्जा
तहसील सदर के गांव सींगनखेड़ा में शत्रु संपत्ति है, जो सरकारी संपत्ति के अधीन आती है। आरोप है कि उसे फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर जौहर विश्वविद्यालय को संचालित करने वाले जौहर ट्रस्ट ने अपने नाम करा लिया था। इस केस में सभी आरोपियों के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर कोर्ट ने उन पर आरोप तय कर दिए हैं। 

जानें क्या होती है शत्रु संपत्ति
शत्रु संपत्ति का सीधा सा मतलब है शत्रु की संपत्ति। फर्क बस इतना है कि वह दुश्मन किसी व्यक्ति का नहीं मुल्क का है। जैसे पाकिस्तान, चीन आदि। 1947 में भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, जो लोग पाकिस्तान चले गए, उनका घर-मकान, ज़मीन आदि यहीं रह गईं, जिन्हें शत्रु संपत्ति कहा गया।

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