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मेरठ में वीरता पदक से सम्मानित इंस्पेक्टर ने ली घूस, गिरफ्तारी से बचने के लिए हुआ फरार

लाइव हिन्‍दुस्‍तान टीम ,मेरठ Published By: Ajay Singh
Wed, 01 Sep 2021 05:15 PM
मेरठ में वीरता पदक से सम्मानित इंस्पेक्टर ने ली घूस, गिरफ्तारी से बचने के लिए हुआ फरार

उत्‍तर प्रदेश के मेरठ में वीरता पदक से सम्मानित एक इंस्पेक्टर के घूस लेने का मामला सामने आया है। इस मामले में एक सिपाही को गिरफ्तार भी किया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए इंस्‍पेक्‍टर फरार हो गया है। 

इंस्‍पेक्‍टर को बीते 15 अगस्‍त को डीजीपी मुकुल गोयल ने वीरता पदक दिया था। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने चोरी का ट्रक कटवाने के लिए कबाड़ी से एक लाख रुपए लिए। एसएसपी ने सूचना मिलने पर इस मामले में एक टीम बनाई थी जिसने सदर बाजार थाने के हेड कांस्‍टेबल मनमोहन को 30 हजार रुपए की रिश्‍वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने का दावा किया। हेड कांस्‍टेबल ने इस मामले में इंस्‍पेक्‍टर बिजेन्‍द्र राणा की भूमिका के बारे में बयान दिया। इसके बाद इंस्‍पेक्‍टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया। बताया जा रहा है कि हेड कांस्‍टेबल की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही इंस्‍पेक्‍टर फरार हो गए। 

उधर, एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मीडिया से बताया कि प्रारम्भिक जांच के आधार पर हेड कांस्‍टेबल और इंस्‍पेक्‍टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि ट्रक चोरी के एक मामले में दोनों वसूली कर रहे थे। उन्‍होंने बताया कि हेडकांस्‍टेबल को गिरफ्तार कर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इंस्‍पेक्‍टर और हेडकांस्‍टेबल, ट्रक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाए गए खतौली के वकार को छोड़ने के एवज में एक लाख की रिश्वत मांग रहे थे। इस मामले में हेडकांस्‍टेबल पहले ही 50 हजार की रकम वसूल चुका था। मंगलवार को वह बाकी की रकम लेने पहुंचा था। वकार शाम चार बजे थाने के बाहर पोस्ट आफिस के सामने मनमोहन को बाकी रकम देने पहुंचा। तभी एसपी सिटी की टीम ने मनमोहन को 30 हजार रुपयों के साथ पकड़ लिया। 

पूछताछ में हेडकांस्‍टेबल मनमोहन ने बताया कि इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा के कहने पर रकम वसूली जा रही थी। उसने बताया कि इंस्पेक्टर इससे पहले भी ट्रक मालिक और ड्राइवर को छोड़ने के एवज में तीन लाख रुपए की रकम वसूल चुके हैं। इसके बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर के आवास की तलाशी का आदेश दिया। उधर, हेड कांस्‍टेबल की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही एसएसआई को थाने का चार्ज देकर इंस्‍पेक्‍टर चले गए। उन्‍होंने पुलिस के वाट्सएप ग्रुप पर हाईकोर्ट में सीए दाखिल करने की बात भी लिखी। एसएसपी के निर्देश पर मंगलवार की देर रात सदर बाजार थाने में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 

इसलिए मिला था वीरता पुरस्‍कार

सदर बाजार इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा को दो लाख के इनामी बदमाश शिव शक्ति नायडू को मुठभेड़ में ढेर करने पर वीरता पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था। भ्रष्टचार का मुकदमा दर्ज होने के बाद कहा जा रहा है कि इंस्‍पेक्‍टर बिजेंद्र राणा का पदक वापस भी हो सकता है। उसके लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा ने अपनी सफाई में कहा कि हेडकांस्टेबल ने यदि वसूली का आरोप लगाया है तो वह बेबुनियाद है। इस पूरे मामले की निष्‍पक्षता से जांच कराई जानी चाहिए। 

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