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वसूली के लिए अगवा करने में दरोगा सिपाही गिरफ्तार, इंस्पेक्टर निलंबित 

वसूली करने के लिए आजमगढ़ से अगवा कर लखनऊ लाने के मामले में पुलिस अफसरों ने जीरो टालरेंस के तहत सख्त कार्रवाई की है। अगवा करने में दरोगा सिपाही गिरफ्तार किया गया। जबकि इंस्पेक्टर निलंबित  कर दिया गया।

वसूली के लिए अगवा करने में दरोगा सिपाही गिरफ्तार, इंस्पेक्टर निलंबित 
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊMon, 04 Dec 2023 07:46 AM
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फेरी दुकानदार इश्तियाक को वसूली करने के लिए आजमगढ़ से अगवा कर लखनऊ लाने के मामले में पुलिस अफसरों ने जीरो टालरेंस के तहत सख्त कार्रवाई की है। इसी कड़ी में हसनगंज कोतवाली के सब इंस्पेक्टर अनुराग द्विवेदी व सिपाही यूसुफ अली को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को शनिवार रात पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को रिमाण्ड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में फरार बर्खास्त सिपाही धीरेन्द्र यादव, हिस्ट्रीशीटर नसीम, दिनेश गुप्ता और शेखर उर्फ चुन्नू की तलाश में कई जगह दबिश दी गई। डीसीपी ने इंस्पेक्टर हसनगंज राजकुमार को निलम्बित कर दिया है।

आजमगढ़ से इश्तियाक को बोलेरो से अगवा कर निरालानगर में बंधक बनाकर रखा गया था। यहां उससे कपड़े व रुपये छीनने के बाद परिवारीजनों से एक लाख 20 हजार रुपये और मांगे। आरोपितों में ही विवाद होने पर इस मामले की पोल खुल गई। सोशल मीडिया पर यह वायरल होते ही हड़कम्प मच गया। बड़े अफसरों के हस्तक्षेप पर हसनगंज इंस्पेक्टर राजकुमार की ओर से बर्खास्त सिपाही धीरेन्द्र यादव, हिस्ट्रीशीटर नसीम, दिनेश गुप्ता व शेखर और इनका साथ देने में हसनगंज कोतवाली के सब इंस्पेक्टर अनुराग द्विवेदी व हेड कांस्टेबल युसूफ अली पर केस मुकदमा दर्ज कर किया गया।

डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक का कहना है कि इंस्पेक्टर हसनगंज राजकुमार को अपराध नियंत्रण न कर पाने और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलम्बित किया है। जेसीपी का कहना है कि दुकानदार इश्तियाक को अगवा कर पीटने में इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच की जायेगी। इंस्पेक्टर पर आरोप लगा था कि जब बंधक बनाने का मामला सामने आया था तो वह मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई की बजाये यह कह दिया था कि आपस में समझौता कर लो..। यह कहकर वह चले गये थे। यह आरोप शेखर ने लगाया था। दूसरे दिन शेखर अपने ही बयान से मुकर गया था। उसने नया बयान दिया था कि शराब के नशे में उसने गलत बोला था। इंस्पेक्टर पर ये भी आरोप है कि इस घटना की सूचना इन्होंने अपने अफसरों को नहीं दी।

जांच में यह भी पता चला है कि श्रवण साहू हत्याकाण्ड में बर्खास्त सिपाही धीरेन्द्र यादव ने हिस्ट्रीशीटरों नसीम व दिनेश गुप्ता की मुलाकात दरोगा अनुराग व सिपाही युसूफ से करायी थी। इसके बाद ये लोग अक्सर मिलते रहते थे। दावा यहां तक किया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर नसीम अक्सर थाने में इन दोनों से मिलने पहुंचता था। डीसीपी का कहना है कि इस मामले में कई अन्य बिन्दुओं पर भी जांच की जा रही है। दरोगा व सिपाही की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।

पुलिस की एक टीम ने निरालानगर में उस गेस्ट हाउस में लगे सीसी कैमरों की फुटेज भी देखी जहां इश्तियाक को बंधक बनाकर रखा गया था। यहां के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। यहां से भी पुष्टि हुई कि छह सात लोग इश्तियाक को लेकर आये थे। हसनगंज कोतवाली की तरफ से ही कहा गया था कि एक कमरा चाहिये।

इश्तियाक के खिलाफ चोरी के मुकदमे है। उससे पहले भी बर्खास्त सिपाही ने वसूली ली है। कुछ समय पहले इन लोगों ने इश्तियाक से और रुपयों की मांग की थी। इश्तियाक इनसे मिलने नहीं आया। इस पर बर्खास्त सिपाही धीरेन्द्र यादव ने एसआई व सिपाही यूसुफ अली के साथ उसे उठा लाने की साजिश रची।

चारों आरोपियों की तलाश में तीन टीमें लगाई गईं

एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह ने बताया कि बर्खास्त सिपाही धीरेन्द्र यादव और अन्य की तलाश में तीन टीमें दबिश दे रही है। धीरेन्द्र के कुछ करीबियों से भी पूछताछ की गई है। साथ ही उसके परिचितों के नम्बर सर्विलांस पर ले लिये गये हैं। एक टीम बाराबंकी भी गई है।
 

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