In initial investigation of police Bulandshahr violence is pre planned know full story behind Bulandshahr violence - बुलंदशहर हिंसा: पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा, जानिए क्यों हुआ बवाल DA Image
16 दिसंबर, 2019|4:49|IST

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बुलंदशहर हिंसा: पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा, जानिए क्यों हुआ बवाल

बुलंदशहर बवाल

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) में तब्लीगी इज्तमा के दिन गोकशी पर बवाल कराना एक बड़ी साजिश हो सकती है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की जांच में ये बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो खेत में दिखावे के लिए गाय के अवशेष जगह-जगह लटका रखे थे। ऐसा लग रहा था जैसे कोई माहौल को भड़काने की साजिश रच रहा है। गोकशी की सूचना पर सबसे पहले पहुंचने वाले अधिकारियों और पुलिस सहित ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए गए हैं।

महाव गांव में घटनास्थल पर पहुंचने वालों में सबसे पहले प्रशासनिक अधिकारियों में स्याना तहसीलदार राजकुमार भास्कर थे। उनका कहना है कि ईख के कई खेतों में गोवंश कटान कर रखा था। गाय के सिर और खाल आदि अवशेष गन्ने पर लटका रखे थे जो दूर से ही दिख रहे थे। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति गोकशी करेगा तो वह अवशेषों को इस तरह से नहीं लटकाएगा। आरोपी यही चाहेगा कि किसी को इस बात का पता नहीं चले। ऐसे में अधिक संभावना यही है कि सिर्फ माहौल को भड़काने के लिए गोकशी की गई हो।

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तहसीलदार ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने गाय के अवशेष ट्रैक्टर-ट्रॉली में भर लिए। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली को बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर स्टेट हाईवे की तरफ ले जाना चाह रहे थे। तहसीलदार ट्रैक्टर-ट्रॉली के आगे खड़े हो गए। भीड़ को शांत करने का अनुरोध किया, पर वे नहीं माने। भीड़ ने किसी की मान-मनौव्वल नहीं सुनी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर हाईवे पर चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने पहुंच गई। यहां पर भीड़ ने बवाल करना शुरू कर दिया। बुलंदशहर एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचने वाले सभी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शुरुआती माहौल जानने की कोशिश की जा रही है। माहौल भड़काने वालों पर रासुका जैसी गंभीर कार्रवाई की जाएगी।

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क्या है पूरा मामला
थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में रविवार की रात अज्ञात लोगों ने करीब 25-30 गोवंश काट डाले। गोवंश काटने की सूचना मिलने पर कई हिन्दू संगठनों सहित अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोग घटनास्थल पर पहुंचे और गोवंश के कटे अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंचे और पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस ने भी जवाब में फायरिंग की, जिसमें सुमित नाम के युवक की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद बेकाबू भीड़ ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए और चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी। भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को जमकर पीटा जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

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सीएम ने आर्थिक सहायता देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की घटना के दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी को 40 लाख रु तथा माता-पिता को 10 लाख रु आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की है।

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