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28 अक्तूबर, 2020|10:52|IST

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सरकारी स्कूलों में बच्चों को एक ही पैर के जूते बांट दिए

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उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बच्चों को एक ही पैर के दोनों जूते बांटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई जोड़ी जूते ऐसे भी मिले जिनमें एक पैर का जूता लड़की का तो दूसरा लड़के का था। दोनों जूते अलग-अलग कंपनियों और साइज के हैं। 
सरकार की योजना के तहत प्रदेश में एक करोड़ साठ लाख छात्रों को स्कूल ड्रेस के साथ एक जोड़ी जूते व दो जोड़ी मोजे दिए जाने हैं।

10 हजार से अधिक जूतों में गड़बड़ी

शिक्षकों का कहना है कि लखनऊ में अब तक जितने भी जूते वितरित किए गए हैं, उनमें 30 फीसदी जूतों में किसी न किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आ रही है। अब तक दस हजार से अधिक जूतों में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। मोजों की गुणवत्ता भी खराब है।  

लखनऊ में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक समेत 1,839 स्कूल हैं। इनमें 1.42 लाख छात्र-छात्राओं को स्कूल ड्रेस यानी यूनिफार्म, बैग, जूते व मोजे वितरित किए जाने हैं। 

पहले चरण में 300 करोड़ का बजट

प्रदेश भर में सरकार ने बच्चों को जूते-मोजे बांटने की योजना के पहले चरण में 300 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। जूते आपूर्ति करने का काम पहले एक कंपनी को दिया गया था लेकिन जानकारों का कहना है कि इस बार यह काम दस अलग-अलग कंपनियों को दिया गया है। 

निकलने लगे धागे

कुछ छात्रों ने शिकायत की है कि 10 दिनों में जूतों के धागे निकलना शुरू हो गए हैं। बच्चों को जो मोजे वितरित किए जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता भी बहुत खराब है। शिक्षकों ने इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दे दी है। 

सरकारी स्कूल में बच्चों को जूते-मोजे वितरित करने में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। इन खामियों की बीएसए स्तर पर जांच कराई जाएगी। -सर्वेंद्र विक्रम सिंह, निदेशक, बेसिक शिक्षा

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  • Web Title:In government schools shoes shared to children of same foot