in an Interview with hindustan Rajnath Singh says BJP is getting complete mandate while NDA bags two third majority in 2019 lok sabha elections - Interview: भाजपा को पूर्ण, एनडीए को दो तिहाई बहुमत - राजनाथ सिंह DA Image
14 नबम्बर, 2019|8:47|IST

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Interview: भाजपा को पूर्ण, एनडीए को दो तिहाई बहुमत - राजनाथ सिंह

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गृहमंत्री राजनाथ सिंह की व्यस्तता इन दिनों चरम पर है। गृह मंत्रालय का काम-काज, देश भर में रैलियां फिर अपने चुनाव क्षेत्र लखनऊ में मौजूदगी। लोगों से मिलना-जुलना, प्रचार और छोटी-बड़ी सभाएं। लखनऊ में रम चुके राजनाथ कहीं भी रहें, लखनऊ और लखनऊ वाले उनके जेहन से नहीं हटते। उनका मिजाज भी लखनऊ के गंगा-जमुनी मिजाज से काफी मिलता है। तभी तो वह चुनाव अभियान के बीच कभी नदवा कॉलेज पहुंच जाते हैं तो कभी मुस्लिमों, सिखों, ईसाइयोंं के प्रतिनिधि मंडल के साथ घंटों बतियाते हैं। ‘मुसलमान भाजपा को वोट नहीं देते', राजनाथ सिंह इसे भ्रामक तथ्य करार देते हैं। राजनाथ सिंह ने अपनी व्यस्त दिनचर्या में से शनिवार को ‘हिन्दुस्तान' से बातचीत के लिए वक्त निकाला। दिलकुशा स्थित अपने बेटे पंकज सिंह के आवास पर उन्होंने ‘हिन्दुस्तान' लखनऊ के कार्यकारी संपादक केके उपाध्याय से बात की। पेश हैं इस बातचीत के चुनिंदा अंश...

उप्र में भाजपा क्या अपना पुराना प्रदर्शन दोहरा पाएगी?

2014 में हमने सहयोगियों के साथ मिलकर उप्र में 73 सीटें जीती थीं। इस बार हमने लक्ष्य निर्धारित किया है कम से कम 74 सीटों का। हमारा प्रयत्न है कि हमारी संख्या 72 न होने पाए। हम 73 प्लस की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ रहे हैं।

उप्र में जातीय गणित तो गठबंधन के पक्ष में मजबूत कहा जा रहा है। ऐसे में भाजपा कैसे मुकाबला कर रही है? 

नहीं, यह पुरानी बात है। पहले जब सपा-बसपा गठबंधन हुआ था, वह पिछली सदी की बात है। तब जरूर उनका समीकरण मजबूत बना था। अब दोनों दल अपने ही लोगों के बीच विश्वास खो चुके हैं। उनके मतदाताओं ने ही दोनों की वास्तविकता देख ली है। जो सपा-बसपा एक दूसरे के जानी दुश्मन थे, दोनों ने हाथ मिला लिया है। इस गठबंधन की विश्वसनीयता जनता में नहीं बची।

दोनों दलों के प्रति सहानुभूति रखने वाले लोग क्या गठबंधन को वोट नहीं करेंगे?

देखिए, यह नेचुरल एलायंस नहीं है। दोनों के समर्थक दशकों तक आपस में संघर्षरत रहे हैं। खून बहा है। मुकदमे चल रहे हैं। ऐेसे में गठबंधन नीचे तक कारगर नहीं हो सकता। दूसरी बात यह कि सपा-बसपा के समर्थक भी जानते हैं कि ये सरकार बना नहीं सकते। केन्द्र में विपक्ष की सरकार किसी सूरत में नहीं बननी है। वे अपना वोट बर्बाद नहीं करेंगे।

आपके कार्यकाल में नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगा। यह सिमट कर 10-11 जिलों में ही बचा। अब अचानक गढ़ चिरौली में बड़ा हमला हो गया?

नहीं 10-11 नहीं बस 3-4 जिलों में ज्यादा हिंसा हुई है। गढ़ चिरौली उन्हीं में है। हम राज्यों को विश्वास में लेकर इन जिलों से भी नक्सलवाद समाप्त करेंगे।

नक्सलियों के हमले और उनकी तैयारी की क्या हमें सूचनाएं नहीं मिल पातीं?.

ऐसा नहीं है। हमारा बेहद मजबूत सूचना तंत्र है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जो भी ऑपरेशन होते हैं, वे इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर होते हैं। सेंटर की इनमें बड़ी भूमिका रहती है। दरअसल ये इलाके दुर्गम हैं। हजारों वर्ग किमी के बड़े और घने जंगल हैं। इसलिए इन इलाकों में हिंसक घटनाओं से लड़ना कुछ मुश्किल होता है। 

क्या नक्सली संगठन एक बार फिर मजबूत हो रहे हैं?

बिलकुल नहीं। उनकी कमर टूट चुकी है। वे अब सीधा मुकाबला करने की स्थिति में नहीं हैं। आप देखिए, अब वे आईईडी से हमले कर रहे हैं। किसी ने साल-दो साल पहले आईईडी लगा रखी है। उधर से फोर्स का मूवमेंट हुआ और एक अकेले आदमी ने आईईडी में विस्फोट कर दिया। यह उनके कमजोर होने का लक्षण है। वे सीधा मुकाबला करने की जगह हताशा में कायराना हमले करने लगे हैं।

ऐसे हमलों के जवाब में हम क्या कर रहे हैं?

हमारे जवान ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। हम ऐसी डिवाइस की खोज में हैं, जो आईईडी को भी डिटेक्ट कर सके। उम्मीद है कि बहुत जल्द हम ऐसी डिवाइस हासिल कर उसका इस्तेमाल शुरू कर देंगे। इससे नक्सलियों की बची-खुची मारक क्षमता भी खत्म हो जाएगी। यह हिंसक आंदोलन अब अंतिम सांसें गिन रहा है।.

जम्मू कश्मीर के हालात अच्छे नहीं हैं?

हां, हम मानते हैं कि घाटी के हालात संतोषजनक नहीं हैं। इसे ठीक करना है। हम ठीक करेंगे। हमने पहले से चले आ रहे प्रयासों को आगे बढ़ाया था। वहां के संगठनों से मैंने खुद बातचीत को बढ़ावा दिया। शुरू में मैंने भी खुले दिल से यह किया। तमाम छोटे बच्चों के खिलाफ पत्थरबाजी के मामले दर्ज थे। 12-14 साल तक के बच्चों के केस मैंने वापस कराए। लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। अलगाववादियों पर प्रभाव नहीं पड़ा। अब हम लोगों ने तय किया कि जो करना चाहिए वही करेंगे। 

क्या तय किया गया है?

सख्त कार्रवाई। हमने दो अलगाववादी संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। जेकेएलएफ और जमात-ए-इस्लामी। और कार्रवाइयां भी कर रहे हैं। अब ऐसा नहीं हो सकता कि हम बात करें, सुधार के अवसर दें और अलगाववादी अपना राग अलापते रहें। 

धारा 370 हटाने का मुद्दा भाजपा लंबे समय से उठाती रही है। 2014 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बावजूद आपने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया?

लोकसभा में हम बहुमत में थे लेकिन राज्यसभा में हमारा बहुमत नहीं था। डेढ़-दो साल में राज्यसभा में भी हमारा बहुमत होगा। हम धारा 370 और 35 ए को लेकर प्रतिबद्ध हैं। दोनों सदनों में बहुमत मिलते ही हम समीक्षा करेंगे कि धारा 370 और 35 ए का जम्मू-कश्मीर को कितना लाभ हुआ या कितना नुकसान उठाना पड़ा। अब इस पर दो टूक फैसला करने का वक्त आ गया है। 

आपकी सरकार ने जो एयर स्ट्राइक की, उसके जवाब में कांग्रेस दावा कर रही है कि उसने अपने कार्यकाल में 6 सर्जिकल स्ट्राइक कीं। भाजपा सैनिकों के शौर्य का चुनावी इस्तेमाल कर रही है, जबकि कांग्रेस ने हर स्ट्राइक गोपनीय रखी?

(ठहाका लगाते हैं) जी तभी तो प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि यह सर्जिकल स्ट्राइक पर मी-टू, मी-टू शुरू हो गया है। आप बताइए, कभी आपने कांग्रेस सरकार के वक्त सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सुना था। किसी को कभी सुनने को मिला उस समय। 

अपने जवानों के शौर्य और पराक्रम की चर्चा करने में कांग्रेस को आपत्ति क्या है। क्यों नहीं किया उन्होंने। अगर सर्जिकल स्ट्राइक की थी तो बताने में संकोच क्यों करते रहे?

 कांग्रेस समेत विपक्ष के तमाम नेताओं ने बालाकोट आपरेशन पर सवाल उठाए हैं। आप लोग बालाकोट में 250-300 आतंकियों के मारे जाने के आंकड़े कहां से लाए हैं?

देखिए, सरकार का कोई व्यक्ति नहीं बोलेगा। यह विषय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का है। ऐसे विषयों में सारी बातें सार्वजनिक नहीं की जाती हैं। हम यह कह सकते हैं कि बालाकोट एयर स्ट्राइक ने आतंकियों और आतंकी संगठनों को बहुत गहरी चोट दी है।

जैश के मुखिया मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराना कितनी बड़ी सफलता है?

मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराना प्रधानमंत्री की बहुत बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है। उनके कूटनीतिक कौशल की वजह से चीन को अपना वीटो हटाना पड़ा। 

लेकिन चीन ने तभी वीटो वापस लिया जब पुलवामा कांड में मसूद अजहर की संलिप्तता का विषय हटाया गया?

पुलवामा कांड उसकी फाइल में रखा गया या हटाया गया, क्या फर्क पड़ता है। आखिरकार चीन समेत पूरे विश्व ने माना कि मसूद अजहर अंतरराष्ट्रीय आतंकी है। अब पाकिस्तान को भी कहना पड़ा है कि उसकी संपत्ति जब्त करेंगे। इससे हमारी लड़ाई को ताकत मिलेगी।

हाल में ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इमेज खराब कर रहे हैं?

सभ्य व्यक्ति किसी की इमेज नहीं खराब करता। सभी को भाषा का संयम बरतना चाहिए।

लेकिन भाजपा के कई नेता भी भड़काऊ बयान देते रहते हैं। क्या उन्हें आप लोगों का इशारा रहता है कि आप बोलते रहिए, हम मना करते रहेंगे?

नहीं.. नहीं। ऐसा बिलकुल नहीं है। ऐसा कोई इशारा नहीं है। ऐसे बयान आने पर पार्टी सख्ती के साथ मना करती है। राजनीति में भाषा का संयम जरूरी है। केवल विपक्ष के लिए नहीं, हमारे लिए भी। 

भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप है?

यह झूठा आरोप विपक्ष लगाता है, जबकि विपक्ष खुद ही ध्रुवीकरण की राजनीति करता है। वे अल्पसंख्यकों के मन में भाजपा का डर पैदा करते हैं। फिर उनका शोषण करते हैं। 

फिर भाजपा साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को टिकट क्यों देती है, जिन पर आतंकवाद के आरोप हैं। विपक्ष का आरोप है कि ऐसे लोगों को ध्रुवीकरण के लिए टिकट दिए गए हैं?

ये झूठे आरोप हैं। ध्रुवीकरण की राजनीति हमने कभी नहीं की। विपक्ष आरोप लगाता है कि हम धर्म के आधार पर राजनीति करते हैं। दरअसल ध्रुवीकरण की राजनीति उनकी तरफ से होती है। हम जानते हैं कि देश को शक्तिशाली और संपन्न बनाना है तो सभी को साथ लेकर ही बना सकते हैं। हम अल्पसंख्यकों के मन में प्यार-मोहब्बत के जरिए जगह बना रहे हैं। विपक्ष उनमें हमारा डर पैदा कर अपनी जगह बनाना चाहता है। हम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर भरोसा करते हैं। वसुधैव कुटुम्बकम् हमारा मूलमंत्र है।

माना जाता है कि मुस्लिम भाजपा को वोट नहीं देते?

यह झूठ प्रचारित किया जाता है। सारे मिथक टूट रहे हैं। वाराणसी जाकर देखिए। हजारों मुस्लिम प्रधानमंत्री मोदी को वोट दे रहे हैं। हजारों मुस्लिम यहीं लखनऊ में मुझे वोट देते हैं। भारत बदल रहा है। ये सब पुरानी बातें हैं, जहां विपक्ष की सुई अटकी हुई है। वे बदलाव को भांप ही नहीं पा रहे हैं।

क्या तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिलाएं भाजपा का साथ दे रही हैं?

तीन तलाक ही क्यों, हर मुद्दे पर वे भाजपा का साथ दे रही हैं। विकास के जो काम मोदी सरकार ने किए हैं, उनका लाभ तो उन्हें भी मिला है। हर मुद्दे पर मुस्लिम आबादी भाजपा के साथ आने लगी है। धीरे-धीरे वे हमें और ज्यादा वोट देने लगेंगे।.

लखनऊ की तरक्की के लिए आपका एजेंडा क्या है?

हम इन्फ्रासट्रक्चर का तेजी से विकास कर रहे हैं। लखनऊ की रिंग रोड देखिए। किनारे 4 जी के टावर लग रहे हैं। इन पर 5 जी भी चल सकता है। इस सड़क के किनारे तमाम जमीनें हैं। इन पर देश-दुनिया के निवेशक उद्योग लगाएंगे। शहर की तरक्की होगी और लाखों रोजगार पैदा होंगे।

विपक्ष रोजगार को मुद्दा बना रहा है। उनका कहना है कि यह ऐतिहासिक बेरोजगारी का दौर है?

यह बेबुनियाद मुद्दा उठाना उसकी मजबूरी है। विपक्ष बेचारा पहले महंगाई को मुद्दा बनाना चाहता था लेकिन बना नहीं पाया। पाकिस्तान में देखिए, महंगाई दर 10 फीसदी से ऊपर है। हमने उसे बाघा बार्डर नहीं पार करने दिया। भारत में महंगाई दर को 2-3 फीसदी में ही बांध रखा है। यह बहुत बड़ी कामयाबी है।

क्या आपके दावे के अनुरूप रोजगार बने हैं?

जी बिलकुल। जब इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से विकास हुआ हो तो रोजगार तो बढ़ेंगे ही। अटल सरकार में भी ऐसा हुआ और मोदी सरकार में भी। पांच साल से रोज 28-30 किमी हाईवे बन रहे हैं। नए एयरपोर्ट और पोर्ट बन रहे हैं। रेलवे स्टेशन बन रहे हैं। 15 करोड़ लोगों ने मुद्रा योजना के तहत लोन लिया है। ये पैसे वे फूंकने के लिए तो नहीं ले रहे हैं। स्वाभाविक है कि इस लोन से उन्होंने अपने लिए ही नहीं कुछ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार बनाया होगा। एक करोड़ लोगों ने कौशल विकास की योजनाओं का लाभ लिया। क्या ये रोजगार के अवसर नहीं पैदा कर रहे हैं? आजाद भारत के इतिहास में इतने रोजगार कभी नहीं पैदा हुए। 

 

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