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Hindi News उत्तर प्रदेशसोशल मीडिया पर बिक रहे अवैध असलहे, हर जिले में फैले हैं एजेंट 

सोशल मीडिया पर बिक रहे अवैध असलहे, हर जिले में फैले हैं एजेंट 

यूपी में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अवैध पिस्टल, रिवाल्वर आदि की बिक्री हो रही है। इन्हें बेचने वालों का कोई ब्योरा किसी के पास नहीं है।

सोशल मीडिया पर बिक रहे अवैध असलहे, हर जिले में फैले हैं एजेंट 
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊTue, 21 Nov 2023 08:10 AM
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यूपी के कई जिलों में यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अवैध पिस्टल, रिवाल्वर आदि की बिक्री हो रही है। इन्हें बेचने वालों का कोई ब्योरा किसी के पास नहीं है। दावा है कि गिरोह का पूरे यूपी में नेटवर्क है। हर जिले में एजेन्ट हैं। यह खुलासा पीएसी के इंस्पेक्टर सतीश सिंह की हत्या में गिरफ्तार उनके साले देवेन्द्र के बयान से हुआ। देवेन्द्र ने कबूला था कि उसने यू-ट्यूब पर एक व्यक्ति से सम्पर्क कर कानपुर में अवैध पिस्टल की डील की। 70 हजार में पिस्टल ली। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं जानता था।

12 मोबाइल नम्बरों की पड़ताल पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि 12 ऐसे नम्बर थे, जो पिस्टल बेचने वाले ने कमेन्ट बॉक्स में दे रखे थे। ये सभी अब बंद हैं। इनमें तीन ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल तीन मोबाइल में हुआ। अलग-अलग व्यक्तियों से बात की गई। मोबाइल भी फिर इस्तेमाल में नहीं लाये गये। इस आधार पर ही दावा है कि इन नम्बरों का इस्तेमाल अवैध असलहों की बिक्री के लिए ही किया गया।

नहीं पता चला पिस्टल देने वाले का नम्बर एडीसीपी शशांक सिंह ने बताया कि देवेन्द्र ने यूट्यूब के जरिये पिस्टल की डील की, पिस्टल कानपुर में दी गई थी। डील से पहले देवेन्द्र ने 1500 रुपये में की-पैड मोबाइल खरीदा था। इसी फोन में नया सिम लगाकर सम्पर्क किया। डील के बाद मोबाइल नदी में फेंक दिया। पिस्टल बेचने वाले का नम्बर उसमें ही था, इस वजह से देवेन्द्र नम्बर नहीं बता सका। यू ट्यूब पर वह नम्बर कमेन्ट बॉक्स से हटा दिया गया। पुलिस का दावा है कि पिस्टल बिकते ही सोशल मीडिया के जरिये पिस्टल बेचने वाला शख्स चैट डिलीट कर देता है। एडीसीपी का कहना है कि अब टीम कानपुर में पड़ताल करेगी।

उन्नाव में भी सोशल मीडिया से बेचे असलहे बांगरमऊ में पिछले साल सन्यासी, पिपरमिंट व्यापारी की हत्या कर दी गई थी। खुलासे में पुलिस ने हिन्दू युवा वाहिनी बांगरमऊ नगर अध्यक्ष कीर्तिमान गुप्ता को गिरफ्तार किया था। तब घटना से जुड़ा स्क्रीन शॉट, असलहे की फोटो वायरल हुई थी। इसमें एक शख्स को असलहों के रेट तय कर कमेंट करने वालों से खरीदने की चैट थी।

चाइल्ड पोर्न या चाइल्ड क्राइम सर्च

भूलकर भी गूगल पर बच्चों से जुड़ा अश्लील कंटेंट नहीं खोजना चाहिए। ऐसी जानकारी का सर्च भी अपराध है। पोक्सो एक्ट 2012 की धारा 14 अंतर्गत चाइल्ड पोर्न देखना, बनाना और सेव कर रखना तक अपराध है।