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आईआईटी कानपुर ने तैयार कर किया अनोखा रोबोट, करेगा फसलों की रखवाली

अभिषेक सिंह, कानपुर Published By: Shivendra Singh
Wed, 01 Sep 2021 03:40 PM
आईआईटी कानपुर ने तैयार कर किया अनोखा रोबोट, करेगा फसलों की रखवाली

फसलों का डॉक्टर अब रोबोट होगा, जो खेतों की मेड़ों पर चलकर फसलों की पत्तियों, फूल व फलों को न सिर्फ कीटों के हमले से बचाएगा बल्कि अटैक होने पर उपचार भी करेगा। वहीं मिट्टी में होने वाले वायरस हमले से भी अलर्ट करेगा और उसका इलाज करेगा, जिससे किसानों को अच्छा व गुणवत्ता युक्त उत्पादन मिल सके। यह रोबोट तैयार किया है आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. बिशाख भट्टाचार्य ने। यह रोबोट अक्तूबर माह से आलू व टमाटर के खेतों में अपना काम शुरू कर देगा। रोबोट खेतों में होने वाले हर तरह के बदलाव व हलचल को लेकर भी अलर्ट करेगा।

आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक व मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. विशाख भट्टाचार्य ने बताया कि कीटों से फसल बचाने के लिए किसान भारी मात्रा में पेस्टीसाइट का छिड़काव करते हैं। नतीजा, फल व सब्जी के साथ मिट्टी व जल दोनों ही प्रदूषित होता है। इससे अनेक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए किसानों का साथी रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट खेतों की मेड़ों पर आसानी से चलकर एक फसल जाएगा और कीटों पर जरूरत के मुताबिक पेस्टीसाइट का छिड़काव करेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस रोबोट का उपयोग चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आलू व टमाटर खेतों में अक्तूबर माह से शुरू कर दिया जाएगा।

कैमरे व सेंसर देंगे जानकारी
प्रो. बिशाख ने बताया कि रोबोट में कई तरह के सेंसर, एलईडी एलडीआर, मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के साथ अत्याधुनिक कैमरे लगे हैं, जिसकी मदद से रोबोट फसलों की एक-एक पत्ती, फल व फूल को स्कैन कर लेगा। जितनी दूर कीटों का संक्रमण होगा, उतनी ही दूर पेस्टीसाइट या अन्य कीटरोधक दवा का छिड़काव करेगा। यह खुद मिट्टी की जांच कर देगा। प्रो. बिशाख ने बताया कि यह रोबोट फसलों की ग्रोथ के साथ ही उत्पादन की जानकारी भी देगा। फसलों में हो रहे हर तरह के बदलाव का डाटा तैयार करेगा और उसकी एनालिसिस रिपोर्ट भी तैयार करेगा।

यूपी को देखते हुए बनाया
प्रो. बिशाख ने बताया कि अभी उत्तर प्रदेश को देखते हुए आलू व टमाटर को लेकर रोबोट तैयार किया है। इसके ब्रेन में आलू व टमाटर में होने वाली सभी तरह की बीमारियां व पेस्टीसाइट की जानकारी रहेगी।

एक साल से चल रही है रोबोट के बैन की ट्रेनिंग
रोबोट को करीब ढाई साल की रिसर्च के बाद तैयार किया गया है। रोबोट के ब्रेन की ट्रेनिंग पिछले एक वर्ष से चल रही है। अब रोबोट बनकर तैयार हो गया है। कई और बदलावों के साथ इसे खेतों में फल तोड़ने की भी तकनीक सिखाई जाएगी।

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