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IIT कानपुर का डिवाइस करेगा इन खास बच्चों को सीखने में मदद, टचस्क्रीन इंटरफेस है बेहद आसान

आईआईटी की डिवाइस डिस्लेक्सिया व डिस्ग्राफिया से पीड़ित बच्चों को सीखने में मदद करेगी। संस्थान के वैज्ञानिक प्रो. ब्रज भूषण, प्रो. शतरूपा ठाकुरता रॉय, मनोचिकित्सक डॉ. आलोक बाजपेयी ने डिवाइस बनाई।

IIT कानपुर का डिवाइस करेगा इन खास बच्चों को सीखने में मदद, टचस्क्रीन इंटरफेस है बेहद आसान
Srishti Kunjहिन्दुस्तान,कानपुरSun, 14 Aug 2022 01:43 PM

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कानपुर। आईआईटी की डिवाइस डिस्लेक्सिया व डिस्ग्राफिया से पीड़ित बच्चों को सीखने में मदद करेगी। संस्थान के वैज्ञानिक प्रो. ब्रज भूषण और प्रो. शतरूपा ठाकुरता रॉय ने मनोचिकित्सक डॉ. आलोक बाजपेयी के साथ मिलकर यह डिवाइस विकसित की है। प्रो. ब्रजभूषण ने बताया कि डिस्लेक्सिया और डिस्ग्राफिया न्यूरोडेवलपमेंटल विकार है। इसमें धीमी और गलत शब्द की पहचान करते हैं। डिस्लेक्सिया सटीक और धाराप्रवाह शब्द पहचान और वर्तनी के साथ कठिनाइयों का कारण बनता है। जबकि डिस्ग्राफिया लिखने में असमर्थता को बताता है।

आईआईटी कानपुर के प्रो. ब्रज भूषण ने बताया कि भारतीय बाल रोग के आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय के बच्चों में डिस्लेक्सिया की घटना दो से 18 फीसदी, डिस्ग्राफिया 14 फीसदी और डिस्केल्कुलिया 5.5 फीसदी समस्या है। देश में सीखने की अक्षमता की अलग-अलग डिग्री वाले करीब 90 मिलियन लोग हैं। स्कूल में औसत एक कक्षा में सीखने की अक्षमता वाले पांच छात्र हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि डिस्लेक्सिया और डिस्ग्राफिया दो सामान्य स्थितियां हैं जो बच्चे के मार्गदर्शन के लिए उचित समर्थन तंत्र के अभाव में उसके विकास में बाधा उत्पन्न करती है। इसे मुख्य रूप से हिन्दी भाषा के लिए तैयार किया गया है।

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कक्षा 1 से 5 के बीच स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए हिंदी भाषा में वर्तमान में उपलब्ध एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है। यह डिवाइस एक टचस्क्रीन आधारित इंटरफेस है, जिसमें श्रवण प्रतिक्रिया शामिल है। इसमें हैप्टिक सेन्सैशन और मोटर मूवमेंट शामिल है। जल्द इसमें अन्य भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा। उन्हें हिन्दी अक्षरों का पता लगाने को नीले और गुलाबी बिंदु का पालन करना होगा। जैसे ही बच्चा नीले बिंदु से गुलाबी बिंदु तक ट्रेस करना शुरू करता है, एक पीली रेखा साथ आती है। जिस क्षण बच्चा,विशेष रूप से डिसग्राफिया से पीड़ित, ट्रेसिंग क्षेत्र से विचलित हो जाता है, पीली रेखा गायब हो जाती है और उन्हें कार्य को फिर से शुरू करने को कहा जाता है। कठिनाई के बढ़ते स्तर के साथ 120 हिन्दी शब्द हैं।