ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशनव्य अयोध्या को गढ़ने में जुटे आईआईटी के इंजीनियर, ग्रीन फील्ड आवासीय योजना की डिजाइनिंग शुरू

नव्य अयोध्या को गढ़ने में जुटे आईआईटी के इंजीनियर, ग्रीन फील्ड आवासीय योजना की डिजाइनिंग शुरू

आईआईटी के इंजीनियर नव्य अयोध्या को गढ़ने में जुटे हैं। तीन सदस्यीय टीम ने सर्वे किया। टीम ने जरूरी डाटा जुटाया। 1893 एकड़ में बस रही ग्रीन फील्ड टाउनशिप के पहले फेज के विकास की प्रक्रिया शुरू।

नव्य अयोध्या को गढ़ने में जुटे आईआईटी के इंजीनियर, ग्रीन फील्ड आवासीय योजना की डिजाइनिंग शुरू
Srishti Kunjस्वरमिल चंद्रा,अयोध्याMon, 04 Dec 2023 07:09 AM
ऐप पर पढ़ें

सरयू नदी के किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर आवास विकास परिषद की भूमि विकास गृह स्थान एवं बाजार योजना-ग्रीन फील्ड आवासीय योजना के पहले फेज की डिजाइनिंग शुरू हो गई है। नव्य अयोध्या के नाम से चर्चित योगी सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग आईआईटी रुड़की कर रही है। शनिवार को तीन सदस्यीय इंजीनियरों की टीम ने पहुंचकर सर्वे किया। 

प्रोफेसर रैन सिन सू की अगुआई में ये टीम पहुंची। टीम ने माझा बरेहटा, शाहेनवाजपुर, समेत कई गांव में भौतिक स्थिति परखने के बाद परिषद के अफसरों से अन्य डाटा जुटाया। टीम ने जमीन की स्थिति, मिट्टी की स्थिति, समुद्र तल व सरयू नदी से ऊंचाई, पानी के प्रवाह की स्थिति का आकलन किया। श्रीरामजन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर से महज तीन किलोमीटर दूर 893 में विकसित की जा रही इस टाउनशिप के लिए अगले हफ्ते सीवर लाइन, व पर्यावरण से जुड़ी टीम डाटा जुटाने के लिए आएगी।  

मठ, धर्मशाला, होटल के लिए शुरू हुआ पंजीकरण 
इस आवासीय योजना के पहले फेज में बनाए जाने वाले मठ धर्मशाला होटल आदि के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है। अब तक एक दर्जन से अधिक संस्थानों ने अपना पंजीकरण कराया है। 55 एकड़ क्षेत्रफल में मठ, धर्मशाला व धार्मिक संस्थानों को जमीन आवंटित की जानी है। नवंबर के पहले सप्ताह में ही ये पंजीकरण शुरू हो गए। इस योजना में हरियाली के लिए 330 एकड़, सड़कों के लिए 254 एकड़, व्यवसायिक गतिविधियों के लिए 128 एकड़ में, समूह आवासीय योजना के लिए 93 एकड़ में अंतर्राष्ट्रीय व राज्यों के सरकारी भवनो के लिए 60 एकड़ क्षेत्रफल आरक्षित रखा गया है। 

यूपी की भीड़-भाड़ वाले स्टेशनों पर मिलेगी ये सुविधा, तैयारी में जुटा रेल प्रशासन

सरयू के प्रवेश व प्रवाह का मार्ग तय 
आवास विकास के अधिशाषी अभियंता अभिषेक वर्मा कहते हैं कि टाउनशिप के बीचोबीच से सरयू नदी को गुजारा जाएगा। जगह जगह ब्लू नेटवर्क विकसित किया जाएगा। सरयू नदी की धारा को गोशाला के पास से प्रवेश कराया जाएगा। उसके बाद तिहुरा गांव के बार्डर के पास से यह धारा टाउनशिप से बाहर निकल कर सरयू नदी में मिला दी जाएगी। समूची टाउनशिप में जगह जगह घाट बनाए जाएंगे। एक निश्चित गति से यहां नदी जल में प्रवाह रहेगा। नदी में प्रवाह हमेशा ही गतिमान रहे इसकी व्यवस्था भी आईआईटी रुड़की के इंजीनियर देख रहे हैं। 

आम लोगों को अभी करना होगा इंतजार 
इस टाउनशिप में अभी आम लोगों को आवंटन के लिए एक वर्ष तक का इंतजार करना होगा। कहा जा रहा है कि आम लोगों को तब तक जमीनें नहीं दी जा सकती हैं जब तक अंदर का विकास पूरा न हो जाए। सीवर, सड़क, बिजली, पार्क, घाट, समेत हर सुविधा जिसका वादा आवास विकास कर रही है उसे पूर्णतया विकसित करके ही आम लोगों को जमीनें दी जाएंगी। इसमें लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें