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अखिलेश यादव राजनीति में न होते तो सैनिक बनते या इंजीनियर? 50 वें जन्‍मदिन पर जानिए सपा सुप्रीमो की पूरी कहानी

Akhilesh Yadav Birthday: सिर्फ 38 साल की उम्र में देश के सबसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले अखिलेश ने सैनिक स्‍कूल से लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक अपने मन में कई सपने संजो रखे थे।

अखिलेश यादव राजनीति में न होते तो सैनिक बनते या इंजीनियर? 50 वें जन्‍मदिन पर जानिए सपा सुप्रीमो की पूरी कहानी
Ajay Singhलाइव हिन्‍दुस्‍तान ,लखनऊSat, 01 Jul 2023 09:02 AM
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Akhilesh Yadav Birthday: यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव आज यानी एक जुलाई 2023 को अपना 50 वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। सिर्फ 38 साल की उम्र में देश के सबसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले अखिलेश ने सैनिक स्‍कूल से लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक अपने मन में कई सपने संजो रखे थे। हालांकि नियति ने उनके लिए सियासत और पिता की विरासत को संभालना तय कर रखा था और आखिरकार उन्‍होंने यही किया भी। आइए, अखिलेश के जन्‍मदिन के मौके पर आज एक नज़र डालते हैं उनकी जिंदगी और राजनीति‍क सफर पर एक नज़र। 

अखिलेश का जन्‍म यूपी के इटावा जिले के सैफई में एक जुलाई 1973 को हुआ था। उनके पिता मुलायम सिंह यादव देश के बड़े नेता थे। वह यूपी के मुख्‍यमंत्री रहने के अलावा देश के रक्षा मंत्री और कई अहम पदों पर रहे। मुलायम सिंह यादव ने लंबी सियासी पारी खेली। उन्‍होंने समाजवादी पार्टी की स्‍थापना की और उसे एक मजबूत आधार दिया। संगठन की अद्भुत प्रतिभा के धनी मुलायम के कायल उनके विरोधी भी रहते हैं। लम्‍बी बीमारी के बाद पिछले साल 10 अक्‍टूबर को मुलायम सिंह का गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्‍पताल में निधन हो गया था। 

सैफई से पहुंचे मिलिट्री स्‍कूल फिर ऑस्‍ट्रेलिया
अखिलेश यादव ने सबसे पहले सैफई के सेंट मैरी स्‍कूल में दाखिला लिया। इसके बाद वह राजस्‍थान धौलपुर के मिलिट्री स्‍कूल चले गए। आगे की पढ़ाई अखिलेश ने मैसूर के जयचामाराजेंद्र कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से की। वहां उन्‍होंने एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग से स्‍नातक किया। इसके बाद वह परास्‍नातक की पढ़ाई करने ऑस्‍ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी चले गए।

डिंपल बनीं जीवन संगिनी 
अखिलेश और डिंपल साल-1999 में परिणय सूत्र में बंध गए। दोनों की शादी 24 नवम्‍बर 1999 को हुई थी। अखिलेश और डिंपल की दो बेटियां और एक बेटा है। बता दें कि डिंपल ने पिछले साल अपने ससुर मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई मैनपुरी संसदीय सीट पर उपचुनाव चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

2012 में सीएम बने अखिलेश  
ऑस्‍ट्रेलिया से लौटने के बाद अखिलेश यादव का पूरा रूझान सियासत की ओर हो गया था। वह अपने पिता मुलायम सिंह यादव के नक्‍शेकदम पर चलते हुए समाजवादी पार्टी में पूरी तरह सक्रिय हुए और साल-2000 कन्‍नौज सीट से पहली बार सांसद चुने गए। उन्‍होंने लगातार तीन बार जीत हासिल की। 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को एक नई युवा छवि देते हुए अखिलेश ने व्‍यापक स्‍तर पर चुनाव प्रचार किया। इस चुनाव में सपा को स्‍पष्‍ट बहुमत मिला और तब अखिलेश ने पूर्ण बहुमत की सपा सरकार का नेतृत्‍व संभाला। वह यूपी के सबसे युवा सीएम बने। 2019 में अखिलेश ने आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीते। अखिलेश फिलहाल करहल से विधानसभा सदस्‍य हैं। वह जनवरी 2017 से लगातार समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष हैं। 

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