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लखनऊ का जाम कैसे खत्म हो? डीसीपी ट्रैफिक ने मंडलायुक्त को पत्र लिख कर गिनाए कारण 

राजधानी लखनऊ के ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए बैठक में तय मानकों पर नगर निगम ने न पार्किंग जोन बनाया और न ही वेडिंग जोन घोषित किए। डीसीपी ट्रैफिक ने मंडलायुक्त को पत्र लिखा है।

लखनऊ का जाम कैसे खत्म हो? डीसीपी ट्रैफिक ने मंडलायुक्त को पत्र लिख कर गिनाए कारण 
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊWed, 29 Nov 2023 08:06 AM
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लखनऊ शहर के 10 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए बैठक में तय मानकों पर नगर निगम ने न पार्किंग जोन बनाया और न ही वेडिंग जोन घोषित किए। यहां तक इन चौराहों के आस पास अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई कार्रवाई की। यह बातें डीसीपी ट्रैफिक ने मण्डलायुक्त को लिखे पत्र में कही है। इस पत्र में उन्होंने बिन्दुवार कारण गिनाये है। इस सम्बन्ध में 24 नवम्बर को मण्डलायुक्त ने डीसीपी ट्रैफिक को पत्र लिखकर इन चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था कितनी सही हुये, इस बारे में पूछा था। इन चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था के सम्बन्ध में एक बैठक मण्डलायुक्त ने बुधवार को नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस अफसरों की बुलाई है।

डीसीपी हदयेश कुमार के लिखे पत्र में नगर निगम द्वारा कई कार्य न किये जाने की बात है। इसमें उन्होंने मुख्य चौराहों के हाल के बारे में बताया है। इस पत्र में निम्न चौराहों के बारे में लिखा गया है।

0-चिनहट चौराहा-

चिनहट चौराहें पर वेंडिंग जोन एवं पार्किंग जोन के सम्बन्ध में निगम ने कोई सूचना नहीं दी है। नगर निगम ने अभी तक यहां वेंडिंग जोन के सम्बन्ध में कोई नोटिस बोर्ड नहीं लगाया है। न ही अधिकृत वेंडर्स की कोई सूची अभी तक दी है। इसी तरह वेंडिंग जोन व रिक्शा पार्किंग स्टैण्ड भी नहीं बनाया है। चिनहट चौराहें पर बिजली का पोल है। इससे ट्रैफिक फंसता है लेकिन इसे अभी तक नहीं हटाया जा सका है। इस चौराहे पर यातायात व्यवस्था सुधार सम्बन्धी कोई कार्य नहीं किया गया है। कमता से अयोध्या जाने वाले मार्ग पर मार्ग को काटकर फुटपाथ बढ़ा दिया गया है। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा होती है। इंटरलाकिंग आधी सड़क तक कर दी गई है।

-चिनहट चौराहे पर अस्थायी दुकाने हैं। इनमें नगर निगम ने कुछ दुकाने आवंटित की है। इनके द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। कई बार हटाने पर अतिक्रमण फिर से कर लिया जाता है। उ0प्र0 पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) नियमावली 2017 के नियम 20 के अन्तर्गत यदि लाइसेंस न हो तो सिर्फ नगर निगम को ही इन्हें हटाने का अधिकार है। ऐसे में नगर निगम को यह काम चेकिंग करते हुये करना चाहिये। इस चौराहे पर पटरी दुकानदारों ने भी अतिक्रमण कर रखा है। पुलिस को अधिकार नहीं है कि उनके सामान जब्त करें। धारा 21 में यह अधिकार नगर निगम को है। ऐसे में नगर निगम को यह कार्रवाई करनी चाहिये।

-चिनहट चौराहों पर टैम्पों व सिटी बस के लिए स्टोपेज पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गयी है। न ही चौराहे पर पार्किंग/स्टोपेज न करने के नोटिस बोर्ड लगाये गये हैं। जबकि इससे पहले बैठक में जेसीपी ने महत्वपूर्ण चौराहों पर ई-रिक्शा स्टैण्ड चिन्हित कर जगह देने के लिये कहा था।

-अवध (वाराबिरवा) चौराहा-

अवध चौराहा पर वेन्डिंग जोन एवं पार्किंग जोन का कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है। यहां अधिकृत वेन्डर्स की कोई सूची भी नहीं दी गयी है। इस चौराहे से पारा की तरफ ठेलिया खुमचा की दुकाने लगाकर यातायात को बाधित कर दिया गया है। इसे कई बार हटाया गया लेकिन फिर से सब कब्जा कर लेते है। नगर निगम को यह कार्रवाई करने का अधिकार है।

यही हाल चौक चौराहे व केजीएमयू चौराहे का है। यहां भी अधिकृत वेन्डर्स की कोई सूची नहीं दी गई है। केजीएमयू चौराहे पर बसों का आवागमन नहीं होता है। यहां ई-रिक्शा एवं आटो ज्यादा चलते है। इनके स्टापेज व पार्किंग अभी तक नहीं तय किये जा सके है। यह काम नगर निगम को करना है। बालागंज चौराहा समेत अन्य का भी यही हाल है।

यह भी कहा जा चुका है
पत्र में लिखा है कि जेसीपी कानून व्यवस्था उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने नगर निगम के साथ बैठक में तय किया था कि सभी वेंडरों को लाइसेंस देकर 2.5% की सीमा का उपयोग कर लिया जाये। इससे अलग अनधिकृत वेंडरों को पूरी तरह से रोक दिया गया। कम से कम चौराहों के पास ई-रिक्शा स्टैण्ड व वेंडिंग जोन जरूर बनाया जाये।लेकिन इस सम्बन्ध में भी नगर निगम ने कोई सूचना ट्रैफिक पुलिस को नहीं दी है।

अवध व पालीटेक्निक चौराहों पर ही सुधार हुआ
डीसीपी ट्रैफिक ने लिखा है कि सीमित संसाधानों में पालीटेक्निक चौराहों व अवध चौराहे को नो पार्किंग जोन घोषित कर अतिरिक्त बल लगाकर ट्रैफिक को काफी हद तक सुधार दिया गया है। जेसीपी के निर्देश पर यहां सख्ती से काम किया गया लेकिन अन्य चौराहों पर नगर निगम व अन्य सम्बन्धित विभाग को अभी अपना काम करना है।

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