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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश रामपुर में तीन महीने पहले 1.5 लाख की लीड लेने वाली सपा लोकसभा उप-चुनाव में 40 हजार वोटों से कैसे हारी?

रामपुर में तीन महीने पहले 1.5 लाख की लीड लेने वाली सपा लोकसभा उप-चुनाव में 40 हजार वोटों से कैसे हारी?

तीन महीने पहले यूपी विधानसभा चुनाव में रामपुर जिले की पांच सीटों में से तीन पर समाजवादी पार्टी ने बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं लोकसभा उपचुनाव में सपा को करीब 50 हजार वोटों से मुंह की खानी पड़ी।

 रामपुर में तीन महीने पहले 1.5 लाख की लीड लेने वाली सपा लोकसभा उप-चुनाव में 40 हजार वोटों से कैसे हारी?
Atul Guptaलाइव हिंदुस्तान,रामपुरSun, 26 Jun 2022 04:37 PM

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रामपुर में बीजेपी उम्मीदवार घनश्याम लोधी ने जीत दर्ज कर आजम खान को करारा झटका दिया है। रामपुर आजम खान का गढ़ माना जाता रहा है। रामपुर चुनाव आजम खान की प्रतिष्ठा से जुड़ा था। आजम खान के कहने पर ही अखिलेश यादव ने उनके सबसे करीबी आसिम राजा को उम्मीदवार बनाया था। 27 महीने जेल में रहने के बाद आजम खान जब आसिम रजा के चुनाव प्रचार के लिए रामपुर पहुंचे थे तो काफी भीड़ जमा हुई थी। लेकिन वो भीड़ वोटों में तब्दील नहीं हो सकी और धनश्याम लोधी ने आजम खान के दुर्ग में जीत का परचम लहरा दिया।

1.5 लाख की लीड़ कैसे बन गई 40 हजार की हार?

समाजवादी पार्टी को रामपुर सीट की हार ज्यादा खलेगी क्योकिं हाल ही में यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान रामपुर जिले की तीन सीटों पर सपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। बिलासपुर और मिलक को छोड़ सपा ने स्वार, चमरौआ और रामपुर सीट पर जीत दर्ज की थी। तीन महीने पहले हुए यूपी विधानसभा चुनाव में रामपुर जिले में सपा को 1.44 लाख से ज्यादा वोटों की लीड़ मिली थी। वहीं तीन महीने बाद रामपुर सीट पर हुए लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी ने 37,797 वोटों से जीत दर्ज की है। 

अपने गढ़ में कैसे हारी सपा?

ये नतीजे सपा और खास तौर पर आजम खान के लिए बड़ा झटका है। बिलासपुर और मिलक सीट पर तो साल 2019 लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने लीड बनाई थी लेकिन मुस्लिम बहुल रामपुर जिले की तीन सीटों पर तो सपा का दबदबा माना जाता रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव में जेल में रहते हुए भी आजम खान ने रामपुर सीट से जीत दर्ज की थी, वहीं उनके बेटे अब्दुल्ला आजम स्वार सीट से जीते थे। इसके अलावा चमरव्वा सीट पर सपा कैंडिडेट नसारी अहमद खान विजयी रहे थे। 

रामपुर में खत्म हुआ आजम खान का जलवा?

27 महीने जेल में रहकर बाहर निकले आजम खान ने रामपुर उपचुनाव में जनता से भावुक अपील करते हुए कहा था कि मेरे मुंह पर कालिख मत पुतवा देना। कहीं ऐसा ना हो कि यह सदमा मेरे लिए ज्यादा गहरा हो। आजम खान ने लोगों से बढ़ चढ़कर अपने उम्मीदवार आसिम राजा को वोट करने की अपील की थी लेकिन राजा हार गए।

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