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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी की इन सीटों पर कैसे बदले समीकरण? 50% वोट पाने वाले सांसद भी मैदान से हुए बाहर 

यूपी की इन सीटों पर कैसे बदले समीकरण? 50% वोट पाने वाले सांसद भी मैदान से हुए बाहर 

Lok Sabha Election 2024: बंपर वोट पाकर भी कई सांसद इस चुनाव में अपने दलों द्वारा खारिज कर दिए गए। पार्टी ने तमाम वजहों से उनको टिकट देने के बजाए नए प्रत्याशी पर दांव लगाना बेहतर समझा।

यूपी की इन सीटों पर कैसे बदले समीकरण? 50% वोट पाने वाले सांसद भी मैदान से हुए बाहर 
Ajay Singhविशेष संवाददाता,लखनऊMon, 22 Apr 2024 05:48 AM
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Lok Sabha Election 2024: बंपर वोट पाकर भी कई सांसद अपने दलों द्वारा खारिज कर दिए गए। पार्टी ने तमाम वजहों से उनको टिकट देने के बजाए नए प्रत्याशी पर दांव लगाना बेहतर समझा। कहीं उम्र का वास्ता, तो कहीं जनता की नाराजगी तो कहीं जातीय समीकरणों का तकाजा। भाजपा ही नहीं बसपा में भी 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट पाने वाले कई सांसद पार्टी का टिकट नहीं पा सके। 

इसे किस्मत ही कहेंगे चुनावी चौसर पर भाजपा में ऐसे लोग चुनाव लड़ने का मौका पा गए जो कम अंतर से जीते थे और पचास प्रतिशत से ज्यादा वोट पाकर भी टिकट की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। मुरादाबाद से सपा के एसटी हसन भाजपा की पिछली लहर में भी सपा का झंडा बुलंद करते हुए मुरादाबाद से जीते थे। वह खुद पचास प्रतिशत से ज्यादा वोट पाए थे। यहां अब चुनाव भी हो गया है। अब नतीजा बताएगा कि पार्टी का निर्णय सही रहा या नहीं। 

वीके सिंह 60 फीसदी वोट के बाद भी नहीं पा सके टिकट
गाजियाबाद से भाजपा सांसद तो सर्वाधिक अंतर से चुनाव जीते। यही नहीं उन्होंने तो सर्वाधिक 61.93 वोट पाए थे लेकिन उनकी जगह भाजपा ने अतुल गर्ग को उतारा है। रामपुर से सपा के आजम खां 52.6 प्रतिशत वोट पाकर जीते थे लेकिन वह जेल में होने व चुनाव लड़ने की पाबंदी के कारण खुद ही रण से बाहर हो गए। बागपत से भाजपा के सत्यपाल सिंह 50.29 वोट पाकर जीते थे। पर यह सीट भाजपा ने सहयोगी रालोद को दे दी। बरेली से संतोष गंगवार कई बार से भाजपा के टिकट पर जीतते रहे। उन्हें पिछली बार 52.88 वोट मिले थे लेकिन टिकट छत्रपाल गंगवार को मिला। 

वरुण को 59 फीसदी वोट के बाद भी नहीं मिला टिकट
ऐसा ही कुछ पीलीभीत में वरुण गांधी के साथ हुआ। उन्हें 59.34 वोट मिला था लेकिन पार्टी ने यूपी सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद को लड़ा दिया। यहां मतदान भी हो गया। ऐसा ही हाल केसरी देवी पटेल, रीता बहुगुणा जोशी, अक्षयबर लाल व रमापति त्रिपाठी के साथ हुआ। भाजपा ने इन सभी का टिकट काटा। इसी तरह बसपा ने भी जौनपुर से श्याम सिंह यादव व लालगंज से संगीता आजाद को टिकट नहीं दिया। यह दोनों पचास प्रतिशत से वोट पाए थे। दिलचस्प बात यह कि यह दोनों क्रमश: सपा व भाजपा में भी गए थे। लेकिन वहां भी इन्हें टिकट नहीं मिला।

चुनाव मैदान से बाहर हुए पिछली बार के विजेता 
लोकसभा सीट  सांसद        गत चुनाव में प्राप्त वोट प्रतिशत
 
गाजियाबाद जनरल वीके सिंह    61.93
मुरादाबाद   एसटी हसन      50.65
रामपुर     आजम खां         52.6
बागपत    सत्यपाल सिंह      50.29
बरेली   संतोष गंगवार        52.88
पीलीभीत वरुण गांधी         59.34
रायबरेली  सोनिया गांधी      55.77
कानपुर   सत्यदेव पचौरी     55.66
फूलपुर  केसरी देवी पटेल    55.63
इलाहाबाद रीता बहुगुणा जोशी   55.58
बहराइच   अक्षयबर लाल         53.12
देवरिया रमापति राम त्रिपाठी        57.17
लालगंज   संगीता आजाद           53.98
जौनपुर श्याम सिंह यादव        50.02