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Hindustan Special: यूपी के इस गांव में 122 साल पुराना मदरसा, मुस्लिम ही नहीं हिंदू बच्चे भी यहां करते हैं पढ़ाई

मेरठ के अजराड़ा गांव में स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया अरबिया गुलजार-ए-हुसैनिया 122 साल का हो गया। इसमें यूपी समेत कई प्रदेशों के 500 से अधिक बच्चों को दीनी-दुनियावी तालीम दी जा रही है।

Hindustan Special: यूपी के इस गांव में 122 साल पुराना मदरसा, मुस्लिम ही नहीं हिंदू बच्चे भी यहां करते हैं पढ़ाई
Pawan Kumar Sharmaसलीम अहमद,मेरठWed, 22 Nov 2023 10:53 PM
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मेरठ के अजराड़ा गांव में स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया अरबिया गुलजार-ए-हुसैनिया 122 साल का हो गया। इसमें यूपी समेत कई प्रदेशों के 500 से अधिक बच्चों को दीनी-दुनियावी तालीम दी जा रही है। यहां एचआरडी मिनिस्ट्री से मान्यता प्राप्त कंप्यूटर सेंटर में मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिंदू छात्र-छात्राएं भी कंप्यूटर शिक्षा हासिल करते हैं। 

1323 हिजरी में हुई थी मदरसे की स्थापना 

आपसी भाईचारे और सौहार्द्र के लिए नामचीन गांव अजराड़ा में मदरसा जामिया इस्लामिया अरबिया गुलजार-ए-हुसैनिया की स्थापना 1323 हिजरी में हुई थी। 1445 हिजरी में आज यह मदरसा 122 साल का हो चुका है। 25 और 26 नवंबर को मदरसे में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव मनाया जाएगा।  

हाईस्कूल उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर में मिलता है प्रवेश  

मदरसा जामिया इस्लामिया अरबिया गुलजार-ए-हुसैनिया में एचआरडी मिनिस्ट्री की ओर से मान्यता प्राप्त कंप्यूटर सेंटर में हिंदू-मुस्लिम दोनों वर्गों के करीब 80 छात्र-छात्राएं कंप्यूटर शिक्षा हासिल करते हैं। हाईस्कूल उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर में प्रवेश मिलता है। 

कोरोना काल के बाद घट गई बच्चों की संख्या 

मदरसे के प्रबंधक हकीम मौलाना मुहम्मद अब्दुल्लाह मुगीसी बताते हैं कि कोरोना काल से पहले यहां बच्चों की संख्या एक हजार तक थी। कोरोना काल के बाद मदरसे में करीब 500 बच्चे रह गए हैं।  

गांव में मंदिर-मस्जिद के बीच महज दीवार का फासला 

अजराड़ा गांव की लोग आपसी भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल देते हैं। इस गांव में मंदिर और मस्जिद के बीच सिर्फ एक दीवार का फासला है। एक तरफ मंदिर तो दूसरी तरफ मस्जिद है। यहां मस्जिद से अजान की गूंज भी होती है और मंदिर से आरती सुनाई देती है। नमाज के समय मंदिर की तरफ से लाउडस्पीकर से आरती की आवाज नहीं होती और मंदिर में आरती-पूजा-अर्चना के दौरान मस्जिद से अजान की गूंज नहीं होती। मंदिर में धार्मिक आयोजन भी होता है तो मस्जिद की ओर से ख्याल रखा जाता है। 

इन प्रदेशों के बच्चे हासिल करते तालीम 

मौलाना मुस्तुफा कासमी बताते हैं कि मदरसे में यूपी के अलावा हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों से भी बच्चे दीनी तालीम हासिल करने आते हैं। 

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