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Hindi News उत्तर प्रदेशचुनाव प्रचार में लगे प्रधानाचार्य के निलंबन पर हाईकोर्ट  की रोक, वेतन और पद भी मिलेगा

चुनाव प्रचार में लगे प्रधानाचार्य के निलंबन पर हाईकोर्ट  की रोक, वेतन और पद भी मिलेगा

लोकसभा चुनाव में पीठासीन अधिकारी बने कॉलेज प्रधानाचार्य के राजनीतिक दल की रैली में जाने पर हुए निलंबन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। प्रिंसिपल को वेतन सहित पद पर कार्य करने देने का निर्देश दिया है।

चुनाव प्रचार में लगे प्रधानाचार्य के निलंबन पर हाईकोर्ट  की रोक, वेतन और पद भी मिलेगा
Yogesh Yadavविधि संवाददाता,प्रयागराजFri, 24 May 2024 05:21 PM
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा चुनाव में नियुक्त पीठासीन अधिकारी के एक राजनीतिक पार्टी की रैली में शामिल होने पर निलंबित करने के कॉलेज प्रबंधक के आदेश रोक लगा दी है और याची को कार्यकारी प्रधानाचार्य का कार्य करने देने एवं नियमित वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने लाला बाबू मेमोरियल इंटर कॉलेज सीधीपुर हापुड़ के प्रधानाचार्य सुनील दत्त शर्मा की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने केंद्र व राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार से याचिका पर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने जांच जारी रखने और याची को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।

याची लोकसभा चुनाव में पीठासीन अधिकारी है। इसी बीच उसने राजनीतिक दल की रैली में हिस्सा लिया, जिस पर निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हापुड़ ने डीआईओएस के माध्यम से कार्रवाई का आदेश दिया और कॉलेज प्रबंधक ने याची के खिलाफ जांच का निर्देश देते हुए उसे निलंबित कर दिया। राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा कि याची सरकारी सेवक है इसलिए पीठासीन अधिकारी होते हुए उसने चुनाव रैली में हिस्सा लेकर कदाचार किया है।

याची का कहना था कि वह कॉलेज का कार्यकारी प्रधानाचार्य है। सरकार ने ही शासनादेश जारी कर अध्यापकों को चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति दी है।याची सरकारी सेवक नहीं है। विधिक आधार के बिना उसे निलंबित किया गया है। जिस समय वह रैली में गया था, उस समय वह पीठासीन अधिकारी का कार्य नहीं कर रहा था। इस पर कोर्ट ने याची को राहत देते हुए याचिका पर जवाब मांगा है।