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क्यों तामील नहीं हो रहे पुलिस अफसरों को जारी सम्मन व वारंट, हाईकोर्ट ने डीजीपी से पूछा, जिलावार सूची तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के डीजीपी को नोटिस जारी कर पूछा है कि आखिर क्यों तामील पुलिस अफसरों को जारी सम्मन व वारंट तामिल नहीं हो रहे हैं। आपराधिक मामलों में आरोपी अफसरों की जिलावार सूची भी मांगी है।

क्यों तामील नहीं हो रहे पुलिस अफसरों को जारी सम्मन व वारंट, हाईकोर्ट ने डीजीपी से पूछा, जिलावार सूची तलब
Yogesh Yadavविधि संवाददाता,प्रयागराजWed, 06 Dec 2023 10:10 PM
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामलों में अदालतों से जारी सम्मन व जमानती व गैर जमानती वारंट तामील न होने के कारण सुनवाई टलने को गंभीरता से लिया है। साथ ही प्रदेश के डीजीपी को किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के माध्यम से हलफनामे के साथ दाखिल कर ऐसे पुलिस अधिकारियों की सूची पेश करने का निर्देश दिया है, जिन्हें अदालतों से जारी सम्मन व वारंट समय के भीतर तामील नहीं किए गए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने जौनपुर के रूपेश कुमार सिंह की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

कोर्ट के 25 सितंबर 2023 के आदेश पर एसपी जौनपुर ने व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताया कि उप निरीक्षक सतींद्र कुमार तिवारी, छोटेलाल राम, राज नारायण चौहान व राजेंद्र नाथ सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जिसे कोर्ट ने अपर्याप्त माना और कहा कि दोष की अपेक्षा कम दंड है। यह कार्यवाही आंखों में धूल झोंकना मात्र है।

सभी दरोगा आपराधिक मामलों में अभियुक्त हैं। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पहले सम्मन और फिर गैर जमानती वारंट भी जारी किया है लेकिन कोई हाजिर नहीं हो रहा है। जबकि सभी ड्यूटी कर वेतन ले रहे हैं। इन लोगों के ट्रायल कोर्ट में हाजिर न होने के कारण मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। कोर्ट ने पूछा है कि आखिरकार इन पुलिस अधिकारियों को जारी सम्मन व वारंट तामील क्यों नहीं किए जा रहे हैं। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए इसकी प्रति डीजीपी को भेजने का निर्देश दिया है।

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