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पूर्वांचल में बारिश का कहर, सड़क-बिजली की व्यवस्था चरमराई, 9 की मौत

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पूर्वांचल के कई जिलों में शुक्रवार रात हो हो रही बारिश से हालात और बिगड़ गए हैं। सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था चरमरा गई है। शुक्रवार रात से बलिया, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर  में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यवस्त हो गया है। घरों से लेकर अस्पतालों तक  में पानी घुसने से लोगों को कहीं और शिफ्ट होना पड़ रहा है। बारिश के दौरान मकान, पेड़ और बिजली पोल और नालों में  बहने से करीब 9 लोगों की मौत हो गई है। 

आजमगढ़ में जानमाल का नुकसान

आजमगढ़ जिले में रुक रुककर हुई मूसलाधार बारिश से जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। जर्जर मकान, कच्चा घर, मड़ई, पेड़ की चपेट में आने से वृद्ध सहित पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं 12 लोग घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आजमगढ़ के 25 वार्डो में घरों में पानी घुस गया है। वहीं निचले इलाकों दलसिंगार, बाजबहादुर, मातबरगंज, नरौली आदि में सड़कों पर जलजमाव हो गया तो वहीं घरों में पानी घुस गया। आजमगढ़ में  के कई इलाकों में 20 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। 

बलिया में हालत बेकाबू

बलिया में लगातार हो रही बारिश से सड़क, बिजली, पानी आपूर्ति ठप हो गई है। तेज आंधी व बारिश से बिजली के खंभे उखड़ गए तो वहीं सड़कों, घरों और स्कूलों परिसरों में पानी भर गया। काजीपुरा, हरपुर मिड्ढ़ी व आवास-विकास मुहल्लों के कम से कम एक दर्जन परिवार घरों में पानी जमा होने के चलते कहीं और शिफ्ट हो गए हैं। एनएच 31 पर बलिया-बैरिया मार्ग के रामगढ़ के पास पेड़ गिरने से 41 घंटे तक बड़े वाहनों की आवाजाही ठप रही। किसी प्रकार उस पेड़ को हटाकर एनएच को खाली कराया गया तो शुक्रवार की रात को शहर के भृगु मंदिर के पास एनएच पर ही विशाल उखड़कर गिर जाने से फिर से एनएच पर यातायात ठप हो गया।  वहीं रसड़ा-कासिमाबाद मार्ग, रसड़ा-नगरा मार्ग, बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर जगह-जगह पेड़ गिर जाने से यातायात बाधित रहा। 

मऊ में 17 मकान जमींदोज

मऊ जिले में बारिश से दर्जनों स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। वहीं करीब 17 कच्चे व रिहायशी मकान जमींदोज हो गये हैं। विभिन्न स्थानों में बारिश के दौरान मकान गिरने और पानी में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा बारिश के कारण बिजली और दूरसंचार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। दर्जनों सरकारी कार्यालयों और घरों में बारिश का पानी घुस गया। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने शनिवार की सुबह शहर के जल भराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। 

गाजीपुर में 25 गांव जलमग्न

गाजीपुर में लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण इलाकों के हालात बिगड़ गए हैं। कासिमाबाद में निर्माणाधीन पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे कई फीट पानी भर गया है। इससे करीब 25 गांव जलमग्न हो गए हैं। वहीं जिले भर  करीब 16 मकान गिर गए। निहालपुर गांव में झोपड़ी पर पेड़ गिरने से एक किशोर की मौत गई। जबकि तीन लोग घायल हो गए। गाजीपुर में बारिश से सड़क,  बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई। कई इलकों में 48 घंटे से विद्युत आपूर्ति ठप है। 

रेल यातायात भी ठप

रसड़ा में शुक्रवार की रात रेल यातायात पर भी बारिश और आंधी के कारण प्रभावित रहा। रेलवे ट्रैक पर रसड़ा-चिलकहर और रसड़ा-मऊ रेल ट्रैक पर पर पेड़ के गिर जाने से दो ट्रेनों का परिचालन घंटों प्रभावित रहा।

नदियों का जलस्तर बढ़ा

आजमगढ़ में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार की रात में मूसलाधार हुई बारिश से 12 घंटे के अंदर सौ सेमी जलस्तर बढ़ गया। डिघिया गेज पर लाल निशान से 12 सेमी जलस्तर ऊपर बढ़ने से नदी के तटवर्ती दर्जनभर से अधिक गांवों में दहशत का माहौल है। बदरहुआ गेज में खतरे के निशान पर 71.80 मीटर पर जलस्तर पहुंच गया है वहीं उल्टहवा में खतरे के निशान से एक मीटर नीचे 75.80 मीटर पर है। तमसा नदी का जलस्तर भी दो मीटर 20 सेमी बढ़ गया है। शुक्रवार को सुबह तक नदी के सेंट्रल गेज पर 69 मीटर पर जलस्तर रिकार्ड किया गया था। मऊ में घाघरा का जलस्तर गौरीशंकर घाट पर जहां शुक्रवार की शाम चार बजे 68 मीटर था। वहीं शनिवार को शाम चार बजे बढ़कर 68.65 मीटर हो गया। 
 

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