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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशनाचते-गाते, छींकते निकल रहे प्राण, कार्डियक अरेस्ट है साइलेंट किलर, समझें लक्षण

नाचते-गाते, छींकते निकल रहे प्राण, कार्डियक अरेस्ट है साइलेंट किलर, समझें लक्षण

मेरठ में एक युवक के चलते हुए अचानक छींक आने, गिरने व मौत होने की वीडियो ने लोगों को काफी डरा दिया है। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो आए दिन वायरल हो रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताए इसके कारण और लक्षण।

नाचते-गाते, छींकते निकल रहे प्राण, कार्डियक अरेस्ट है साइलेंट किलर, समझें लक्षण
Srishti Kunjपारुल सिंघल,मेरठTue, 06 Dec 2022 10:34 AM
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बीते एक डेढ़ साल में चलते-फिरते, नाचते-गाते और जिम में एक्सरसाइज करते वक्त अचानक लोगों के गिरने और तुरंत ही मौत होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में मेरठ में एक युवक के चलते हुए अचानक छींक आने, गिरने व मौत होने की वीडियो ने लोगों को काफी डरा दिया है। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो आए दिन वायरल हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड प्रभावित लोगों के हृदय का आकार बढ़ने लगा है। हृदय की क्षमता कम हो गई है। पंपिंग कमजोर हुई है। लोगों की सांसें अब अधिक फूलने लगी हैं। दिल पर जरा सा जोर हृदय पर आघात कर रहा है।

नसों में जमा थक्का बन रहा वजह चिकित्सक बताते हैं कि कोविड संक्रमित मरीजों की नसों में खून के थक्के बनने की शिकायत बढ़ रही है। चिकित्सक बताते हैं कि थक्के जमने पर अगर इलाज नहीं कराया जाए या थक्के बड़े हो जाएं तो मौत की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती है। हृदयाघात से अचानक होने वाली मौत दिखने में एकाएक हैं, लेकिन मरीजों में इसके लक्षण पहले से पनपने लगते हैं। नसों में जमाव, छाती में दर्द, बीपी बढ़ना, पल्स अचानक कम होना या बढ़ जाने जैसे लक्षण मरीज में आते हैं जिन्हें वह नजरंदाज कर देते हैं या मामूली समझकर उपचार नहीं कराते।

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कई शोध में खुलासा
- अमेरिका के ह्यूस्टन फायर विभाग के मुताबिक,कोरोना काल में अचानक हृदय गति रुकने की कॉल की संख्या 45 फीसदी तक बढ़ी हैं।
- इटली के अध्ययन के मुताबिक कोरोना की वजह से अस्पताल के बाहर अचानक हृदय गति रुकने के मामले 77 फीसदी तक बढ़े हैं।
- फ्रांस में हुए शोध के अनुसार पेरिस में भी कोरोना के दौरान अस्पताल के बाहर कार्डियक अरेस्ट के मामले दोगुना बढ़े हैं।
- फिलाडेल्फिया के अध्ययन के मुताबिक कोरोना के भर्ती 700 मरीजों में 1.3 फीसदी कार्डियक अरेस्ट के शिकार हुए।

जानें अंतर
हार्ट अटैक-हृदय तक खून पहुंचना बंद हो जाता है। अधिक फैट, कोलेस्ट्रोल अधिक होना इसकी वजह। हार्ट फेल- हृदय सही तरीके से खून की पंपिंग नहीं कर पाता है। कोरोनरी आर्टरीज में ब्लाकेज इसकी वजह है। कार्डियक अरेस्ट- दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है।

दिल को रखें स्वस्थ
- अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, मेवे, अंकुरित बीज आदि का सेवन करें 
- धूम्रपान, शराब का सेवन न करें 
- वजन, शुगर, केलोस्ट्रोल तनाव नियंत्रित करें 
- बदलाव देख चिकित्सक से संपर्क करें।

समझें लक्षण
- सांस लेने में दिक्कत, जल्दी थकना, सांस फूलना 
- दिल का तेजी से धड़कना
- सीने में दर्द, जलन, सिर घूमना 
- पेट और सीने में एक साथ दर्द

लक्षणों को नजर अंदाज ना करें
हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. संजीव सक्सेना ने कहा कि जब भी किसी को कार्डियक अरेस्ट आता है तो उसकी धड़कन नहीं चलती है और सांस बंद हो जाती है। व्यक्ति बेहोश हो जाता है। विभागाध्यक्ष ह्दय रोग विभाग मेडिकल कॉलेज, डॉ. धीरज सोनी ने कहा कि कार्डियक अरेस्ट अक्सर बिना किसी चेतावनी के होता है, इसलिए समय पर जांच कराते रहना चाहिए। अनियमित दिनचर्या और खानपान में लापरवाही के कारण इन दिनों कार्डियक अरेस्ट के मामले काफी बढ़ गए हैं।

वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा कि 50 प्रतिशत लोगों में हार्ट अटैक का खतरा 25 से 40 साल की उम्र में ज्यादा बढ़ रहा है। हार्ट अटैक की घटनाएं असंतुलित खानपान के कारण हो रही हैं। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. अभिषेक मोहन ने कहा कि हृदय के बदलाव को समझें। ओवर एक्साइटमेंट या ऐसी गतिविधि न करें जिससे हृदय को अपनी क्षमता से अधिक काम करना पड़े। मेडिकल कॉलेज, मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि कोरोना से उबरे लोगों में दिल की पंपिंग कमजोर हुई है। नतीजन हृदय की मांसपेशियों व इसकी संरचना भी प्रभावित हो रही है।

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