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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ कोर्ट में रेप केस की सुनवाई 20 दिन में पूरी, रेपिस्ट को मौत तक आजीवन कारावास

प्रतापगढ़ कोर्ट में रेप केस की सुनवाई 20 दिन में पूरी, रेपिस्ट को मौत तक आजीवन कारावास

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 20 दिन के अंदर कोर्ट ने रेप केस के मामले की सुनवाई की और दोषी को फांसी दिए जाने तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पॉस्को एक्ट के तहत 11 साल की बच्ची का रेप किया गया था।

 प्रतापगढ़ कोर्ट में रेप केस की सुनवाई 20 दिन में पूरी, रेपिस्ट को मौत तक आजीवन कारावास
Atul Guptaलाइव हिंदुस्तान,प्रतापगढ़Fri, 26 Aug 2022 03:41 PM

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ कोर्ट ने रेप के एक मामले की सुनवाई 20 दिन में पूरी कर सजा सुना दी है। 11 साल की बच्ची से रेप के मामले में प्रतापगढ़ कोर्ट ने 20 दिन के भीतर सुनवाई पूरी कर रेपिस्ट को मौत की सजा तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट की सजा के बाद रेप का दोषी राजकुमार मौर्य आखिरी सांस तक जेल में रहेगा।

10 जून 2022 को घर में घुसकर आरोपी ने 11 साल की बच्ची का रेप किया था।- इस दौरान राजकुमार मौर्य ने घर में घुसकर बच्ची के भाई को बंधक बनाया और फिर उसकी बहन का रेप किया। इस मामले में नगर कोतवाली ने पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जिस वक्त रेप की ये घटना हुई उस वक्त केवल पीड़िता और उसका भाई घर में मौजूद था। पॉस्को के मामले में 20 दिन के भीतर फैसला एतिहासिक है। कोर्ट ने ना सिर्फ 20 दिन में इस केस का फैसला किया बल्कि दोषी को सजा भी सुना दी। कोर्ट ने दोषी पर 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है जो पीड़िता को दिया जाएगा।

गौरतलब है कि निर्भया कांड के बाद देश में रेप के ऐसे मामलों में सुनवाई के लिए फॉस्ट ट्रैक कोर्ट बने थे। इनका मकसद था रेप के मामलों को जल्द से जल्द निपटना। हमारे सिस्टम में कई बार केस सालों साल पेंडिंग रहते हैं और सजा नहीं होती। एक अनुमान के मुताबिक अदालतों में करीब 3 करोड़ केस पेंडिंग है। ऐसे में लोगों का न्याय और कोर्ट पर भरोसा बना रहे इसलिए फॉस्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया था। बीस दिन में कोर्ट की सुनवाई और दोषी को सजा सुनाया जाना शायद त्वरित न्याय व्यवस्था की बेहतरीन मिसाल है।