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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशहाथरस केस : एक दिन में कई-कई बार पीड़िता के परिजनों से पूछते हैं अफसर- कोई दिक्कत तो नहीं 

हाथरस केस : एक दिन में कई-कई बार पीड़िता के परिजनों से पूछते हैं अफसर- कोई दिक्कत तो नहीं 

हिन्दुस्तान ब्यूरो,हाथरस Amit Gupta
Sat, 10 Oct 2020 11:26 AM
हाथरस केस : एक दिन में कई-कई बार पीड़िता के परिजनों से पूछते हैं अफसर- कोई दिक्कत तो नहीं 

हाथरस केस में  पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा में प्रशासन ने रखा है। दिन में कई बार अफसर इस बारे में उनसे पूछते भी हैं। डीआईजी शलभ माथुर भी उसके घर पहुंचे।  पीड़िता के घर के चारों ओर तैनात पुलिसकर्मियों को देखा। इसके बाद पीड़िता के घर के बाहर महिला मजिस्ट्रेट से बात की। यहां मीडियाकर्मियों को बाहर जाने के लिए कहा गया। चंद मिनट पीड़िता के पिता से बात करने के बाद वह लौट लिए। पीड़िता के भाई ने बताया कि सुरक्षा के बारे में अफसर यही पूछते हैं कि वे लोग संतुष्ट हैं या नहीं। भाई का कहना था कि वे फिलहाल सुरक्षा इंतजामों से संतुष्ट हैं, आगे का पता नहीं। 

पुलिस सुरक्षा में कोर्ट जाएंगे परिवार के लोग 

बूलगढ़ी गैंगरेप प्रकरण में हाईकोर्ट ने डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह सहित काफी अफसरों को तलब किया है। साथ ही पीड़ित परिवार को भी बुलाया गया है। इसलिए पीड़ित परिवार के पांच लोगों ने अपनी जाने की सहमति पुलिस को दे दी है। सभी लोग पुलिस सुरक्षा में लखनऊ जाएंगे।  बूलगढ़ी में पीड़िता की मौत के बाद हाईकोर्ट ने खुद ही पूरे मामले का संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, एसपी, डीएम सहित अन्य कुछ अफसरों को तलब किया है। उन्हें हाईकोर्ट में जाकर अपना पक्ष रखना होगा। इसके साथ ही कोर्ट के निर्देश है कि पीड़ित परिवार के सदस्यों को कोर्ट में लाया जाये। इसलिए प्रशासन ने पीड़ित परिवार के पांच सदस्यों को कोर्ट जाने के लिए राजी कर लिया है। सभी लोग पुलिस सुरक्षा में लखनऊ जायेंगे। रविवार को पुलिस और पीड़ित परिवार लखनऊ रवाना होगा।  

न्याय मिलने पर ही करेंगे अस्थियों का विसर्जन 
गैंगरेप पीड़िता की चिता से अस्थियों को चुनकर सुरक्षित जगह पर परिवार ने रखवा तो दिया है लेकिन इनका विसर्जन कब होगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। शुक्रवार को बातचीत के दौरान एक बार फिर से पीड़ित परिवार ने कहा कि मानवता के नाते उन्होंने चिता शांत होने पर अस्थियों को एकत्रित कर तो लिया है, लेकिन वह इसका विसर्जन न्याय मिलने के बाद ही करेंगे। पीड़िता के बड़े भाई ने सवाल खड़ा किया कि उन्हें तो यह भी नहीं पता कि शव उनकी बहन का ही था या नहीं। उनका कहना है कि सुरक्षा को लेकर अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं लेकिन ऐसा कब तक चलेगा यह समझ नहीं आ रहा। सरकार को इस तरह प्रयास करना चाहिए ताकि हमें न्याय मिल सके। 

कोविड की जांच कराने से पीड़ित परिवार का इंकार 
बूलगढ़ी में पीड़िता के परिवारीजनों ने कोविड की जांच कराने से इंकार कर दिया। लिहाजा हेल्थ टीम बिना नमूने लिए ही लौट गई।पिछले कई दिनों पीड़िता के परिवार से तमाम लोग मिल चुके हैं। लगातार उनके घर पर लोगों का आना जारी है। ऐसे में कोविड 19 के संक्रमण की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। शुक्रवार को पीड़िता के घर पर डॉ. पंकज के नेतृत्व में हेल्थ टीम पहुंची। आशा कार्यकर्ता भी साथ थीं। पीड़िता की बहन से बात की तो उन्होंने जांच कराने से मना कर दिया। डॉ. पंकज ने बताया कि उन्हें अधिकारियों से निर्देश मिले थे। वह यहां कोविड की जांच के लिए आए हैं, लेकिन मना कर दिया गया है। पीड़िता की बहन को खांसी की शिकायत बताई गई थी। 


 

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