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Hindustan Special: पीलीभीत के इस छात्र की बांसुरी वादन के हरि प्रसाद चौरसिया भी हैं फैन

बांसुरी से निकलने वाली धुन हर किसी का मन मोह लेती है। ऐसी ही मनमोहक धुन पीलीभीत के 14 साल के किशोर सम्यक पाराशरी की बांसुरी से भी निकलती है। मशहूर बांसुरी वादक हरि प्रसाद चौरसिया भी इसके वादन...

Hindustan Special: पीलीभीत के इस छात्र की बांसुरी वादन के हरि प्रसाद चौरसिया भी हैं फैन
Dinesh Rathourप्रसून शुक्ला,पीलीभीतMon, 05 Feb 2024 07:29 PM
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बांसुरी से निकलने वाली धुन हर किसी का मन मोह लेती है। ऐसी ही मनमोहक धुन पीलीभीत के 14 साल के किशोर सम्यक पाराशरी की बांसुरी से भी निकलती है। मशहूर बांसुरी वादक हरि प्रसाद चौरसिया भी इसके वादन की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हैं। कम उम्र में ही पीलीभीत के सम्यक हरि प्रसाद चौरसिया और राजेंद्र प्रसन्ना के साथ कई मंचों पर अपनी बांसुरी की धुन से श्रोताओं का मन मोह चुके हैं। कहावत है कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। पीलीभीत निवासी सम्यक पाराशरी के पिता संजीव पाराशरी संगीतकार हैं। वह हारमोनियम बजाते हैं। संजीव पाराशरी ने बताया कि सम्यक का बचपन से ही बांसुरी के प्रति लगाव दिखा। जब भी वह उसकी धुन सुनता तो उसी में रम जाता था।

पांच साल की उम्र से ही वह घर में बांसुरी बजाने की कोशिश करने लगा। कुछ दिनों बाद वह कुछ धुन भी बजाने लगा। उसकी इसी लगन को देखकर उन्होंने सम्यक को बांसुरी वादन की शिक्षा दिलानी शुरू कर दी थी। पीलभीत में चिरौंजीलाल वीरेंद्र पाल सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षक संजीव पाराशरी व संगीत की शिक्षक मां उपासना के पुत्र सम्यक बेनहर कॉलेज में इस बार दसवीं के छात्र हैं। मां और पिता की देखरेख में सम्यक बांसुरी बजाने में इतने दक्ष हो चुके हैं कि पिछले तीन साल से स्टेज पर बेहतर प्रस्तुति दे रहे हैं। 2022 में पीलीभीत के डीएम आईएएस पुलकित खरे ने जिले में बांसुरी महोत्सव कराया था, उसमें पहली बार सम्यक ने अपनी प्रतिभा बड़े मंच पर दिखाई थी।

पंजाब में मिली खास पहचान

पंजाब में हर साल सांस्कृतिक महोत्सव होता है। इसमें देश के बड़े संगीत घरानों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं। सम्यक को भी साल 2022 में उसमें प्रस्तुति देने का मौका मिला। उस स्टेज परफॉर्मेंस के बाद सम्यक ने ऐसी उड़ान भरी कि अब तक वह अयोध्या और वाराणसी सहित देश के कई हिस्सों में सांस्कृति कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।

हरि प्रसाद और राजेंद्र प्रसन्ना हैं आइडियल

वर्ष 2023 जून में मुंबई में वृंदावन गुरुकुल अंधेरी में बांसुरी के बड़े नाम हरि प्रसाद चौरसिया ने सम्यक को बुलाया था और खुद उनकी बांसुरी के सुर लय ताल को सुना। यही नहीं सम्यक को बांसुरी के कुछ टिप्स देकर बांसुरी की राग के बारे में भी जानकारी दी।

अयोध्या से बनारस तक सुरों की तान

बांसुरी के दूसरे बड़े नाम राजेंद्र प्रसन्ना के शिष्य सम्यक अयोध्या से लेकर बनारस और पंजाब समेत देश के कई हिस्सों में स्टेज परफार्म कर चुके हैं। आत्मविश्वास से लबरेज सम्यक अपने पिता से मिली संगीत की विरासत को सहेजते जा रहे हैं। सरल और स्वभाव से सह्दय सम्यक कहते हैं इस बार दसवी हैं। पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करना है। इसके बाद बांसुरी वादन में सारा जहां उनका है।

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