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राज्यपाल बोले, छात्र ही प्रदेश को ले जा सकते हैं विकास के रास्ते

सीएसए के दीक्षांत समारोह का उद्घाटन करते राज्यपाल राम नाइक

1 / 2सीएसए के दीक्षांत समारोह का उद्घाटन करते राज्यपाल राम नाइक

डिग्री पाने के बाद छात्र-छात्राओं ने ली शपथ

2 / 2डिग्री पाने के बाद छात्र-छात्राओं ने ली शपथ

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उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने कानपुर में कृषि विश्व विद्याल के दीक्षांत समारोह में कहा कि छात्र की प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में विकास कम हुआ है इसका कारण है की यहां बिजली और कानून व्यवस्था कभी अच्छी नहीं रही। इसीलिए प्रदेश में अभी तक इंडस्ट्री नहीं आयीं। अब हालात बदले हैं, प्रदेश सरकार इन्वेस्टर्स मीट करके इंडस्ट्री लाने का प्रयास कर रही है 1045 उद्यमियों ने प्रदेश में आने की हामी भरी है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में असली विकास छात्र ही ला सकते हैं। 

कृषि वैज्ञानिक बनना चाहता है टॉप मेडलिस्ट अजमुल

पीलीभीत के रहने वाले अजमुल हसन ने बीएससी (ऑनर्स) कृषि में सर्वोच्च अंक लाकर दीक्षांत में सबसे अधिक पांच मेडल प्राप्त किया। अजमुल के पिता रियाजुल हसन किसान हैं। रियाजुल और नूरजहां के दो बेटे और दो बेटी में तीसरे नंबर के अजमुल वर्तमान में बीएचयू से एमएससी कर रहे हैं। अजमुल ने बताया कि वह कृषि वैज्ञानिक बनना चाहते हैं और किसानों को आने वाली समस्याओं को दूर करना चाहते हैं। बचपन से ही कभी जलवायु तो कभी योजना का अभाव समेत कई समस्याएं देखते चले आ रहे हैं, इन सभी को दूर करना है। 

वैज्ञानिक बन आसान करनी है खेती

गोण्डा के रहने वाले हनुमान प्रसाद पांडेय ने एमएससी कृषि में सर्वोच्च अंक लाकर कुलाधिपति स्वर्ण पदक समेत तीन पदक प्राप्त किए। हनुमान के पिता प्रदीप कुमार पांडेय किसान हैं। प्रदीप और सुशील पांडेय के पांच बेटी और एक बेटा है। इकलौता बेटा हनुमान वर्तमान में सीएसए से ही पीएचडी कर रहे हैं। हनुमान ने बताया कि खेती अब किसान छोड़ रहे हैं। क्योंकि खेती में लाभ कम और मेहनत अधिक है। इसलिए मेरा प्रयास होगा कि किस तरह खेती को आसान बनाया जाए और उससे अधिक लाभ हो। 

आईएएस बन करनी है देश सेवा

बांदा के रहने वाले ओम सिंह ने बीएससी (ऑनर्स) वानिकी में सर्वोच्च अंक लाकर कुलाधिपति स्वर्ण पदक समेत दो पदक प्राप्त किए। ओम के पिता राम मिलन सिंह किसान हैं और उनकी मां उमा सिंह गृहणी। दो भाइयों में बड़े ओम वर्तमान में एमएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। ओम ने बताया कि वह आईएएस बन देश सेवा करना चाहता है। किसानों का क्या दर्द होता है, बचपन से देखा है। अधिकारी बनने के बाद किसानों के उन दर्दों को दूर करना ही लक्ष्य है। 

487 छात्र-छात्राओं को मिलीं उपाधियां

48 पदकों से नवाजें गए विद्यार्थी

32 पदक छात्रों के खाते में अाए

16 पदक छात्राओं के खाते में अाए

इनको मिले पदक

पाठ्यक्रम                          स्वर्ण पदक रजत पदक                  कांस्य पदक

बीएससी कृषि                     अजमुल हसन कृष्णकांत प्रजापति अंकिता दुबे

बीएससी गृहविज्ञान             शिखा सिंह         शतीक्षा सिंह         मानसी अग्निहोत्री

बीएससी वानिकी                ओम सिंह         उमेश कुमार         शुभम सिंह

बीएससी उद्यान                 जितेंद्र कुमार ललित यादव          नितिन कुमार चौहान

बीटेक कृषि                        हर्षित कुमार चौहान आकांक्षा यादव धीरज कुमार यादव

बीटेक मैकेनिकल               रजनीश कुमार त्रिपाठी अवनीश कुमार स्वरांजली मौर्या

बीटेक इले. एंड कम्यु.          विकास श्रीवास्तव वैशाली भदौरिया पारस गोयल

बीटेक सीएस                      रोहिता गुप्ता हरीराम पाठक कृष्णा वैभव

एमएससी कृषि                   हनुमान प्रसाद पांडेय शुभम विजया मंजूनाथ गौड़ा

एमएससी उद्यान               गार्गी गौतमी अंकित सिंह भदौरिया महेश कुमार गुप्ता

एमबीए -एग्री बिजनेस         नेहा मौर्या श्रुति दीक्षित प्राची यादव

एमएससी गृहविज्ञान            अर्चना सिंह प्रगति यादव नेहा कनौजिया

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  • Web Title:Governor says that students can take the state