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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी में ऐसे दो स्‍कूलों को आपस में जोड़ देगी सरकार, अलग-अलग की बजाए एक ही होंगे हेडमास्‍टर; नया आदेश जारी 

यूपी में ऐसे दो स्‍कूलों को आपस में जोड़ देगी सरकार, अलग-अलग की बजाए एक ही होंगे हेडमास्‍टर; नया आदेश जारी 

एक परिसर में संचालित दोनों स्कूलों का संविलियन कर उसे एक विद्यालय इकाई का स्वरूप प्रदान करते हुए दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों में से वरिष्ठतम को एकीकृत स्कूल का प्रधानाध्‍यापक बनाया जाएगा।

यूपी में ऐसे दो स्‍कूलों को आपस में जोड़ देगी सरकार, अलग-अलग की बजाए एक ही होंगे हेडमास्‍टर; नया आदेश जारी 
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता,लखनऊFri, 14 Jul 2023 02:53 PM
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UP Primary Schools: उत्‍तर प्रदेश में एक ही परिसर में चल रहे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का अब हर हाल में संविलियन करना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने एक ही परिसर में चल रहे बेसिक शिक्षा के दो स्कूल और दो समांतर व्यवस्था से होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए यह कदम उठाया है।

इसके तहत एक परिसर में संचालित दोनों स्कूलों का संविलियन कर उसे एक विद्यालय इकाई का स्वरूप प्रदान करते हुए पहले से चल रहे दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों में से वरिष्ठतम को तत्काल प्रभाव से एकीकृत स्कूल का प्रधानाध्यापक बनाया जाएगा। इस संबंध में विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत कक्षा एक से पांच तक के प्राथमिक विद्यालय और कक्षा छह से आठ तक के उच्च प्राथमिक विद्यालय अगर एक परिसर में अलग-अलग चलाए जा रहे हैं तो जल्‍द ही दोनों को एक कर कम्पोजिट स्कूल बना दिया जाएगा। दोनों के एकीकरण के बाद प्रधानाध्यापक भी एक ही होंगे।

दोनों स्कूलों के प्रधानाध्यापकों में से जो वरिष्ठ होंगे वहीं नए स्वरूप पाने वाले एकीकृत स्कूल के प्रधानाध्यापक बनाए जाएंगे। सरकार ने इस तरह की नई व्यवस्था शुरू करने के लिए 2020 में आदेश जारी किया था। लेकिन किसी न किसी कारण से यह आदेश का पूरी तरह से अनुपालन नहीं हो पाया। ऐसे में सरकार की ओर से नए सिरे से जारी इस आदेश में कहा गया है कि एक परिसर में संचालित होने वाले दो स्कूलों सरकार के आदेशों का अनुपालन करते हुए दोनों विद्यालयों वाली व्यवस्था को समाप्त कर एक विद्यालय इकाई के रूप में काम करें। 

एक परिसर में पहले से संचालित इन विद्यालयों में अध्यापक उपस्थिति पंजिका के अलावा अन्य पंजिकाएं भी अलग-अलग बनी हुई हैं। शिक्षक डायरी भी इस बात का गवाह बनी हुई है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों द्वारा अलग-अलग शिक्षण कार्य किए जा रहे हैं जबकि प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त योग्यता रखते हैं।

आदेश में कहा गया है कि कम्पोजिट विद्यालयों में कार्यरत सभी अध्यापकों, अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों को समाहित कर समेकित रूप से समय विभाजन चक्र / समय सारणी निर्धारित करें और शिक्षा का बेहतर वातावरण तैयार करें।

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