ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशलखनऊ में फ्लैट चाहने वालों के लिए खुशखबरी, 3 योजनाओं में बने अपार्टमेंटों में कम होंगी कीमतें 

लखनऊ में फ्लैट चाहने वालों के लिए खुशखबरी, 3 योजनाओं में बने अपार्टमेंटों में कम होंगी कीमतें 

लखनऊ में तीन योजनाओं में बने अपार्टमेंटों के फ्लैटों की कीमतें 10 लाख रुपए तक कम होंगी।एलडीए ने प्रस्ताव तैयार करा लिया है। जुलाई के पहले सप्ताह में प्रस्तावित बोर्ड बैठक में प्रस्‍ताव रखा जाएगा।

लखनऊ में फ्लैट चाहने वालों के लिए खुशखबरी, 3 योजनाओं में बने अपार्टमेंटों में कम होंगी कीमतें 
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता,लखनऊTue, 25 Jun 2024 01:16 PM
ऐप पर पढ़ें

Flats in Lucknow:  कानपुर रोड पर एलडीए की तीन योजनाओं में बने अपार्टमेंटों के फ्लैटों की कीमतें 10 लाख रुपए तक कम होंगी। इसके लिए एलडीए ने प्रस्ताव तैयार करा लिया है। जुलाई के पहले सप्ताह में प्रस्तावित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसमें कानपुर रोड योजना की रश्मि लोक अपार्टमेंट, अनुभूति अपार्टमेंट तथा सृजन अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमतें कम होंगी।

एलडीए एक बार फिर अपने फ्लैटों की कीमतें कम करने की तैयारी में है। इस योजना के फ्लैट नहीं बिक पा रहे थे। जिसकी वजह से प्राधिकरण इनकी कीमतें कम करने जा रहा है। इससे पहले भी प्राधिकरण अपनी कुछ योजना के फ्लैटों की कीमतों में कमी कर चुका है। फिलहाल कानपुर रोड मानसरोवर योजना व शारदानगर योजना में बने रश्मिलोक, अनुभूति तथा सृजन अपार्टमेंट के फ्लटों की कीमतें कम की जाएंगी।

एलडीए के नए व पुराने सभी आवंटियों के लिए ब्याज दरें एक समान की जाएंगी। एलडीए ने पिछले वर्ष अपनी ब्याज दरें कम कर दी थी। इसे एमसीएलआर प्लस एक प्रतिशत कर दिया गया था, जो लगभग नौ प्रतिशत है। इसके बाद फ्लैट व अन्य व्यावसायिक सम्पत्ति खरीदने वालों से इसी दर पर ब्याज लिया जा रहा है। जबकि पुराने के तमाम खरीदारों से पुरानी दर पर ब्याज लिया जा रहा है। जो 11 प्रतिशत है। बोर्ड में प्रस्ताव रखा जा रहा है कि जब से एलडीए ने ब्याज दरें कम की है तब से पुराने खरीदारों से भी नयी निर्धारित ब्याज दरें ही ली जाएंगी।

कास्टिंग में गड़बड़ी पर केवल मूल रकम देनी होगी

एलडीए भवन खरीदारों को एक और राहत देने जा रहा है। प्रस्ताव है कि पहले मकान खरीदते समय अगर प्राधिकरण के स्तर से मकान की गणना करने में कोई त्रुटि कर दी जाती है। मकान व सम्पत्ति की कीमत कम जमा होती है तो सम्बंधित भवन स्वामी से केवल अन्तर की धनराशि ही वसूली जाएगी। जब भी मामला पकड़ा जाएगा उससे केवल अन्तर की धनराशि ली जाएगी। उस रकम पर ब्याज नहीं लिया जाएगा। जबकि अगर किसी की सम्पत्ति की गणना में कीमत कम लगी होती है तो उससे उस समय से वर्तमान तक ब्याज भी लिया जाता है। इससे लोगों को बहुत कीमत देनी पड़ती है।