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गाजियाबाद वायरल वीडियो केस: सपा नेता पर मुकदमा, बुजुर्ग के साथ किया था फेसबुक लाइव

वरिष्ठ संवाददाता,गाजियाबादPublished By: Amit Gupta
Thu, 17 Jun 2021 02:13 PM
गाजियाबाद वायरल वीडियो केस: सपा नेता पर मुकदमा, बुजुर्ग के साथ किया था फेसबुक लाइव

गाजियाबाद के लोनी में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता  पहलवान उमेद इदरिश के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उस पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने, सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का प्रयास करने समेत कई अन्य आरोप हैं। लोनी बार्डर कोतवाली पुलिस ने आरोपी की तलाश में दबिश शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सबसे पहले आरोपी पहलवान उमेद इदरिश ने ही पीड़ित को साथ लेकर फेसबुक लाइव किया था। इस दौरान उसने पीड़ित के मुंह से जबरन अनर्गल बातें उगलवाई। इन्हीं बातों की वजह से यह मामला सोशल मीडिया पर दो दिन से ट्रेंड कर रहा है। पहलवाल उमेद द्वारा बनाए गए वीडियो को कई लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर, लाइक और रीट्वीट किया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

दो आरोपियों को हिरासत में लिया
बुजुर्ग के साथ मारपीट और दाढ़ी काटने के संबंध में दर्ज पहले मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें एक सद्दाम है व दूसरे का नाम इंतजार बताया गया है। सद्दाम ने पुलिस की पूछताछ में वारदात को कबूल किया है। बताया कि वारदात के वक्त वह मौके पर मौजूद था। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

मारपीट हुई, धार्मिक नारे लगवाने की बात झूठ

पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि उसके साथ मारपीट तो हुई थी, दाढ़ी भी काटी गई, लेकिन धार्मिक नारे नहीं लगवाए गए। उसने यह विवादित बयान नेताओं के बहकाने में आकर दिया। पीड़ित के इस बयान के बाद मामले की जांच की दिशा बदल गई है। पुलिस उपमहानिरीक्षक अमित पाठक ने बताया कि इस बयान में भी साफ है कि पीड़ित के साथ ज्यादती हुई है। उन्होंने बताया कि सभी आरोपी पीड़ित के जानने वाले हैं। इसके बावजूद उसने अपनी तहरीर में किसी का नाम नहीं दिया। इसके अलावा भी उसने कई तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया था। यदि समय रहते पीड़ित पुलिस को पूरी जानकारी देता तो मामला इतना बड़ा नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की निगरानी में मामले की विवेचना लोनी बार्डर कोतवाली के इंस्पेक्टर कर रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई होगी।

अपहरण का आरोप भी झूठा निकला
पुलिस उपमहानिरीक्षक अमित पाठक के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग ने वायरल वीडियो खुद को ऑटो में बैठाकर किसी सूनसान स्थान पर ले जाने की बात कही है। लेकिन पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। बल्कि वह खुद मुख्य आरोपी परवेश के घर गए थे। जहां उनका आरोपी के साथ विवाद हुआ था। डीआईजी के मुताबिक इस विवाद के बाद  ने परवेश ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया और मारपीट की। आरोपी और उसके सभी साथी वहां एक जिम में एक साथ एक्सरसाइज करते थे।

जानबूझ कर दिया गया सांप्रदायिक रंग
पुलिस उप महानिरीक्षक अमित पाठक के मुताबिक लोनी की घटना को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया गया। इस मामले की आड़ में देश की सामाजिक सद्भावना और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई। पुलिस ऐसा करने वाले सभी लोगों को शार्टलिस्ट कर रही है।  अभी नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन इसमें कई नाम अभी बढ़ाए जाएंगे। सभी को बुलाकर पूछताछ भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित का यह आपसी विवाद था जिस कारण  मारपीट और दाढ़ी काटने की घटना हुई ।  कुछ लोगों ने जान बूझकर इसे सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की है। तथ्यों का सत्यापन किए बिना सोशल मीडिया पर अर्नगल प्रचार किया गया है।  पुलिस अब पता करने का प्रयास कर रही है कि इस कुत्सित कृत्य के पीछे किसी का क्या उद्देश्य हो सकता है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर हो रहे दुष्प्रचार को देखते हुए पुलिस संबंधित ट्वीटर हैंडल पर वस्तु स्थिति स्पष्ट कर दी थी। बावजूद इसके इन लोगों के ट्वीट तैरते रहे। आखिर में पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर समेत अभी नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें तीन कांग्रेस के और एक समाजवादी पार्टी के नेता व दो पत्रकार और एक लेखिका शामिल हैं। इन सभी लोगों को नोटिस दिया जा रहा है। वहीं पुलिस की टीम यह भी पता करने का प्रयास कर रही है कि और कितने लोग इस में शामिल रहे हैं।

मुकदमा दर्ज होते ही डिलीट किया ट्वीट
मुकदमे में नाम आने के बाद सभी आरोपियों ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए हैं। हालांकि इससे अब उन्हें कोई खास राहत नहीं मिलने वाली। पुलिस उप महानिरीक्षक के मुताबिक पुलिस के पास इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार हैं। इनके अलावा भी जिन लोगों ने झूठी सूचना प्रसारित की और बाद में उसे डिलीट किया, उनकी भी लिस्ट तैयार है। इन सभी लोगों के खिलाफ उनकी भूमिका के मुताबिक कार्रवाई होगी।

आरोपियों ने खुद बनाया मारपीट का वीडियो
इस घटना का वीडियो खुद आरोपियों ने ही बनाया था। हालांकि वीडियो बनाने के बाद आरोपी इसे आठ दिन तक दबाकर बैठे रहे। लेकिन अचानक 14 जून को आरोपियों द्वारा ही यह वीडियो लीक कर दिया गया। बाद में इसी वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर किसी ने वायरल कर दिया।  पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वायरल वीडियो की आवाज जानबूझ कर गायब कर दी गई है। वहीं मामले को सांप्रदायिक रंग देने के लिए अलग से धार्मिक नारे लगवाने की बात कही गई है। पुलिस ने जब वीडियो की जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने बुजुर्ग के साथ मारपीट करते हुए खुद अपने मोबाइल से वीडियो बनाया था। मूल वीडियो में आवाज भी है। अब पुलिस ने यह वीडियो हासिल कर लिया है। पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है आरोपियों ने आखिर नौ दिन बाद वीडियो को क्यों और किसके कहने पर वायरल किया।

राहुल, ओवैसी व स्वरा भास्कर के खिलाफ दी तहरीर
लोनी में बुजुर्ग के साथ मारपीट के मामले में लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के अलावा अभिनेत्री स्वरा भास्कर पर सीधा हमला किया है। उन्होंने इन तीनों लोगों पर समाजिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए लोनी बॉर्डर कोतवाली में तहरीर दी है। विधायक ने बताया कि राहुल गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और अभिनेत्री स्वरा भास्कर व अन्य ने अपने वेरिफाइड ट्विटर हैंडल से एक बुजुर्ग की पिटाई व दाढ़ी काटने का वीडियो शेयर कर इस घटना को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की है। घटना को हिंदू-मुस्लिम से जोड़कर माहौल खराब करने की कोशिश की। जबकि आरोपियों में दो मुस्लिम युवक शामिल हैं। विधायक ने इन सभी के खिलाफ रासुका लगाने की भी मांग की है।
 

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