ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशगाजियाबाद लोकसभा सीट समीकरण: कांग्रेस खोल पाएगी अपना खाता या चौथी बार भी भाजपा बिखरेगी भगवा रंग?

गाजियाबाद लोकसभा सीट समीकरण: कांग्रेस खोल पाएगी अपना खाता या चौथी बार भी भाजपा बिखरेगी भगवा रंग?

दिल्ली से सटी गाजियाबाद लोकसभा सीट पर तीन बार से लगातार भाजपा कमल खिलाते चली आ रही है। यहां दूसरी पार्टियों को अपनी जीत पर जश्न मनाने का मौका नहीं मिला है। 1976 में मेरठ से गाजियाबाद शहर अलग हुआ था।

गाजियाबाद लोकसभा सीट समीकरण: कांग्रेस खोल पाएगी अपना खाता या चौथी बार भी भाजपा बिखरेगी भगवा रंग?
Dinesh Rathourलाइव हिंदुस्तान,गाजियाबादFri, 19 Apr 2024 03:06 PM
ऐप पर पढ़ें

Ghaziabad Lok Sabha Seat Equation: दिल्ली से सटी गाजियाबाद लोकसभा सीट पर तीन बार से लगातार भाजपा कमल खिलाते चली आ रही है। यहां दूसरी पार्टियों को अपनी जीत पर जश्न मनाने का मौका नहीं मिला है। 1976 में मेरठ से गाजियाबाद शहर अलग हुआ था। 2008 में ये सीट अपने अस्तित्व में आई। 2009 में यहां पहली बार लोकसभा चुनाव हुए। पहले इलेक्शन में ही भाजपा ने इस सीट पर भगवा लहरा दिया। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी थी इसके बावजूद कांग्रेस गाजियाबाद में खास कमाल नहीं कर पाई। साल 2014 में यहां दूसरी बार लोकसभा चुनाव हुए तो भाजपा ने विजय कुमार सिंह को मैदान में उतारा। भाजपा ने कांग्रेस के पुरोधा कहे जाने वाले राजबब्बर को भारी मतों से हराकर भेजा। मोदी लहर के चलते भाजपा की ये दूसरी सबसे बड़ी जीत थी। जातीय समीकरण के हिसाब से देखें तो इस सीट पर दलित और मुस्लिमों का खासा वर्चस्व है। दोनों ही वोटर भाजपा के पक्ष में हैं। इसी का फायदा भाजपा को लगातार मिलता चला आ रहा है। इस बार भाजपा ने अतुल गर्ग को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने डॉली शर्मा को प्रत्याशी घोषित है। बसपा ने नंद किशोर पुंडीर को चुनाव मैदान में उतारा है। अब देखना यह है कि भाजपा चौथी बार भी भगवा रंग बिखरेगी या फिर गाजियाबाद में कांग्रेस अपना खाता खोलने में कामयाब हो जाएगी?  

गाजियाबाद लोकसभा सीट पर कब कौन लड़ा चुनाव!

80 सीटों में से एक गाजियाबाद लोकसभा सीट पर अभी तक तीन बार चुनाव हो चुके हैं। इस बार चौथी लोकसभा का चुनाव होना है। पहला चुनाव 2009, दूसरा 2014 और तीसरा चुनाव 2019 में हुआ था। पहली बार इस सीट से राजनाथ सिंह चुनाव जीते थे। 2009 लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह को 43.34 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र प्रकाश गोयल रहे, जिन्हें 32.41 फीसदी वोट मिले। बसपा कैंडिडेट अमर पाल शर्मा इस सीट पर तीसरे उम्मीदवार रहे और उन्हें 21.73 फीसदी वोट मिले। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट वीके सिंह को 56 फीसदी से ज्यादा वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर को हरा दिया। राज बब्बर को 14 फीसदी वोट ही मिल सके। बसपा उम्मीदवार मुकुल 12 फीसदी वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे। इसी तरह 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार जनरल विजय कुमार सिंह को बड़ी जीत हासिल हुई। उन्हें 61 फीसदी से ज्यादा वोट मिले और दूसरे नंबर पर सपा के सुरेश बंसल रहे, जिन्हें 29.06 फीसदी वोट मिले। तीसरे नंबर पर कांग्रेस की डॉली शर्मा रहीं और उन्हें महज 7.34 फीसदी वोट ही मिल सके। 

गाजियाबाद सीट का जातीय समीकरण

गाजियाबाद लोकसभा सीट में पांच विधासभा आती हैं। इनमें लोनी, मुरादानगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद और धौलाना शामिल हैं। यहां 72 प्रतिशत आबादी हिंदू और 25 प्रतिशत आबादी मुस्लिमों की है। दलित और मुस्लिम ही गाजियाबाद में प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करते हैं। जिले में ब्राह्मण, वैश्य, गुर्जर, ठाकुर, पंजाबी और यादव वोटर भी रहते हें। 

पिछले दो चुनाव से यह सीट हाई प्रोफाइल

गाजियाबाद संसदीय सीट पिछले दो चुनाव से हाई प्रोफाइल हो गई है। 2009 में राजनाथ सिंह यहां से चुनाव जीते। पिछला चुनाव जीतकर वीके सिंह यहां से सांसद हैं। वीके सिंह के खिलाफ सिने स्टार और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर भी चुनाव लड़े थे, मगर उनकी जमानत जब्त हो गई। इस बार सपा और बसपा का गठबंधन होने से मुकाबला त्रिकोणीय बनता नजर आ रहा है।