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गंगा दशहरा पर कल 100 साल बाद चार अद्भुत संयोग, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग, जरूर करें यह काम

गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान से 10 तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है, इसमें तीन शारीरिक, चार मानसिक और तीन वाचिक पाप होते हैं। रविवार को गंगा दशहरा पर गंगा घाटों पर श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ेगी।

गंगा दशहरा पर कल 100 साल बाद चार अद्भुत संयोग, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग, जरूर करें यह काम
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,शाहजहांपुरSat, 15 Jun 2024 11:32 PM
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गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान से 10 तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है, इसमें तीन शारीरिक, चार मानसिक और तीन वाचिक पाप होते हैं। रविवार को गंगा दशहरा पर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ेगी। एक दिन पहले शनिवार से ही श्रद्धालु गंगा घाट पर पहुंचना शुरू हो गए। शाहजहांपुर के श्रीरुद्र बालाजी धाम के पुजारी डॉ. केके शुक्ला ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का महापर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान और पूजा के साथ दीपदान का विशेष महत्व होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान से हर तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। इतना ही नहीं पितर भी प्रसन्न होते है और उनका आशीर्वाद मिलता है। डॉ. केके शुक्ला ने बताया कि ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मां गंगा का अवतरण भूलोक पर हुआ था। अतः हर वर्ष ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंंगा दशहरा मनाया जाता है।

स बार गंगा दशहरा का पर्व 16 जून को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा के दिन इस बार चार शुभ संयोग बन रहे है। जो गंगा स्नान का फल दोगुना कर देंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार करीब 100 साल बाद गंगा दशहरा पर ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है। डॉ. केके शुक्ला ने बताया कि 15 जून शनिवार की रात्रि 1:00 बजे दशमी तिथि प्रारंभ होगी और 16 जून रविवार की रात 2:54 बजे दशमी तिथि का समापन होगा।

बन रहे चार अद्भुत संयोग
श्री रुद्र बालाजी धाम के पुजारी डॉ.कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन हस्त नक्षत्र है। इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत योग और रवि योग का भी अद्भुत संगम है। महावीर पंचांग के अनुसार, 16 जून को सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग है। इसके अलावा पूरे दिन रवि योग का शुभ संयोग भी बना हुआ है।

कुंभ में विराजे शनिदेव सौ साल बाद बनाएंगे शश राजयोग 
गंगा दशहरा पर लगभग 100 वर्ष बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक, गंगा दशहरा पर शनि देव कुंभ राशि में विराजमान होकर शश राजयोग का निर्माण करेंगे। इतना ही नहीं इस दिन कई दुर्लभ संयोग भी बन रहे है। गंगा दशहरा के दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है.। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि और रवि नामक शुभ योग भी इस दिन होंगे। ऐसा संयोग लगभग 100 सालों के बाद बन रहा है।

विद्धानों के मुताबिक, हिंदू पंचांग के अनुसार 23 साल बाद चित्रा नक्षत्र और पंच महायोग में गंगा दशहरा मनाया जाएगा। मानस, वरीयान, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और अमृत सिद्धि योग का शुभ मुहूर्त बन रहा है। इस दिन मां गंगा की पूजा व आरती होगी।  पंडित सुभाष शास्त्री बताते हैं कि 23 साल बाद गंगा दशहरा पर पंच योग बन रहा है। जो कि पूजा पाठ के लिए उत्तम माना गया है। भविष्य पुराण और स्कंद पुराण में गंगा दशहरा पर पूजन और स्नान का विशेष महत्व बताया गया। गंगा स्नान के समय ‘ॐ नमो भगवति हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे माँ पावय पावय स्वाहा’ मंत्र का जप करना चाहिए।

सनातन धर्म में मोक्षदायनी मां गंगा को बहुत पवित्र नदी माना जाता है। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार मां गंगा तीनों लोकों में बहती हैं. इसलिए उन्हें त्रिपथगामिनी कहा जाता है।  स्वर्ग में मां गंगा को मंदाकिनी और पाताल में भागीरथी कहा जाता है। जबकि पृथ्वी लोक पर मां गंगा या जाह्नवी के नाम से जाना जाता है।  गंगाजल का प्रयोग जन्म से लेकर मृत्यु तक के सभी अनुष्ठानों व संस्कारों में जरूरी माना गया है। 

जरूर करें ये काम
धार्मिक मान्यता के मुताबिक गंगा दशहरा के दिन मां गंगा में स्नान करने से 10 तरह के पापों से भी मुक्ति मिलती है। जिनकी कुंडली, जन्म के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती है तो उनके स्नान और पूजन करने से उनके सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। इसके अलावा अगर आप गंगा में स्नान नहीं कर पा रहे तो आप अपने घर में स्नान करते समय गंगाजल को अवश्य डालें।