DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › गैंगरेप पीड़िता नाबालिग की कोख तय करेगी पिता का नाम, 15 साल की लड़की छह महीने से है गर्भवती 
उत्तर प्रदेश

गैंगरेप पीड़िता नाबालिग की कोख तय करेगी पिता का नाम, 15 साल की लड़की छह महीने से है गर्भवती 

हिन्‍दुस्‍तान टीम ,बस्‍ती Published By: Ajay Singh
Tue, 03 Aug 2021 02:43 PM
गैंगरेप पीड़िता नाबालिग की कोख तय करेगी पिता का नाम, 15 साल की लड़की छह महीने से है गर्भवती 

पंद्रह साल की गैंगरेप पीड़िता की कोख से ही अब यह तय हो सकेगा कि दुनिया में आने वाले नवजात का पिता कौन है। इसी साल 13 जून 2021 को जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में सामने आए इस सनसनीखेज प्रकरण में मुकदमा दर्ज होने के समय पीड़िता करीब पांच माह की गर्भवती थी। किशोरी की जान खतरे में न पड़े, इसलिए गर्भपात नहीं हो सका। गैंगरेप के आरोप में गांव के तीन युवकों को जेल भेजा जा चुका है। किशोरी के गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता है, इसका पता डीएनए जांच से ही चल सकेगा।

कप्तानगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना से पहले उसके अभिभावक भी अनजान थे। जून 2021 के दूसरे सप्ताह में दिक्कत होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए तो पता चला कि वह गर्भवती है। तभी उसने बताया कि 5 जनवरी 2021 को सिवान में जब वह घास काटने गई थी तो गांव के तीन युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। उनके डर से वह चुप रही और इसकी जानकारी किसी को नहीं दी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस में तहरीर दी थी।

पुलिस ने गांव के ही रहने वाले बृजेश निषाद, गोरख व प्रदीप के खिलाफ गैंगरेप, धमकाने व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया। पीड़िता का मेडिकल कराया गया तो उसके पेट में पल रहा गर्भ 20 सप्ताह का बताया गया। पुलिस के अनुसार पीड़ित पक्ष ने गर्भपात कराने से मना कर दिया। लिहाजा जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक की देखरेख में अब पीड़िता की रूटीन चेकअप कराई जा रही है। अक्तूबर के दूसरे पखवारे में प्रसव की तारीख डॉक्टर ने दी है।

सहमति पर होगी डीएनए जांच
पुलिस के अनुसार डीएनए जांच के लिए पीड़ित पक्ष की सहमति के आधार पर प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया जाता है। पंद्रह वर्षीय किशोरी के साथ अपराध होने की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। जांच के आधार पर तीन आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर पुलिस कोर्ट में दाखिल भी कर चुकी है। डीएनए जांच इस बात भी निर्भर करता है कि पीड़िता यह जानना चाहती है या नहीं कि उसके बच्चे का पिता कौन है। सहमति के आधार पर डीएनए जांच के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाता है। साथ ही ऐसी दशा में आरोपितों का भी डीएनए कराया जाएगा। थाना प्रभारी बृजेश सिंह का कहना है कि पीड़िता के प्रसव के बाद ही डीएनए जांच से संबंधित प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।

बेटी और उसके बच्चे के हक की लड़ाई

पीड़िता के पिता का कहना है कि बेटी व उसके पेट में पल रहे बच्चे के हक के लिए हर दरवाजे को खटखटाऊंगा। बेटी के दोषियों को सजा और बेटी व उसके मासूम को उसका हक मिलना चाहिए। डीएनए जांच पर आने वाले खर्च के लिए मेरे पास पैसा नहीं है। अगर सरकार/ पुलिस जांच कराती है तो उसके लिए तैयार हैं। कहा कि बेटी की कभी-कभी सांस फूलती और खून की भी कमी है। गर्भपात से उसकी जान को खतरा न हो, इस कारण ही प्रसव का निर्णय लिया था। सुरक्षित प्रसव होने पर बेटी के साथ उसके बच्चे को भी पालूंगा।

घटनाक्रम सामने आने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कप्तानगंज थाने में गैंगरेप व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही 24 घंटे के भीतर आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। चार्जशीट दाखिल कराने के साथ ही आरोपितों पर गैंगस्टर भी लगाया गया है। महिला समाख्या व चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से पीड़िता की काउंसलिंग का प्रबंध किया गया। मुकदमा दर्ज होने व मेडिकल जांच बाद पीड़ित पक्ष ने गर्भपात कराने से मना कर दिया था। डीएनए जांच पर पीड़िता की सहमति के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता को हरसंभव मदद दिलाने के लिए प्रशासन को समयबद्ध रिपोर्ट भेज दी गई है।
आशीष श्रीवास्तव, एसपी, बस्ती

संबंधित खबरें