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उत्तर प्रदेशकोरोना का खौफः शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाटों में भटक रहे परिजन

कांडी (गढ़वा)। प्रतिनिधिPublished By: Yogesh Yadav
Wed, 28 Apr 2021 05:31 PM
कोरोना का खौफः शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाटों में भटक रहे परिजन

कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत पतरिया पंचायत के हेमराजी गांव निवासी समझावन साह का 42 वर्षीय पुत्र कामेश्वर शाह के शव का अंतिम संस्कार पंडी नदी और सोन नदी के तट पर करने से ग्रामीणों ने रोक दिया। परिजन शव के साथ अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाटों में भटकते रहे। बताया जाता है कि उसकी मौत पेट की बीमारी व सांस लेने में तकलीफ से हुई थी।

मिली जानकारी के अनुसार टेढ़ा नदी के समीप सतबहिनी रोड में बिहार से आया एक एंबुलेंस घंटों खड़ा था। शव के साथ एम्बुलेंस का काफी देर से खड़ा देख डेमा सहित अन्य गांवों के ग्रामीण संतोष राम, राजेश्वर रजवार, नरेश रजवार, उमेश चंद्रवंशी, रूपेश कुमार सिंह, मंदिस राम, सुखाड़ी रजवार, पवन राम समेत दर्जनों ग्रामीण वहां पहुंचे और पूछताछ शुरू कर दी।

उस दौरान एंबुलेंस के कर्मी किसी भी तरह की जानकारी देने से कतराते रहे। घंटों बीतने के बाद ग्रामीणों का शोरगुल सुनकर मृतक के परिजन उक्त वाहन के पास पहुंचकर विरोध जता रहे ग्रामीणों को जानकारी दी। मृतक के परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह बिहार के नावाडीह गांव में कामेश्वर शाह के पेट में अचानक दर्द होने पर उन्हें इलाज के लिए डेहरी ले जाया गया था। वहां के डॉक्टरों ने इलाज करने के बाद यह कहकर रेफर कर दिया गया की इनको सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

रेफर के बाद परिजन उसे लेकर रांची जा रहे थे तभी रास्ते में ही औरंगाबाद में कामेश्वर की मौत हो गई। उसके बाद उसे यहां लाया गया। उधर ग्रामीणों को आशंका थी कि कामेश्वर की मौत कोरोना से हुई है। उक्त कारण शव को यहां जलाने नहीं देंगे। डेमा गांव के ग्रामीणों के विरोध के बाद उक्त शव को पुलिस संरक्षण में सोनपुरा गांव के सामने स्थित सोन नदी तट पर ले जाया गया लेकिन वहां भी अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।

मामले में थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने कहा कि उक्त शव को सोन नदी में जलाने का भी स्थानीय ग्रामीणों की ओर से विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीडीओ से मामले में बात हुई है। उनसे अनुरोध किया गया है कि संदेहास्पद स्थिति में मौत के बाद दाहसंस्कार के लिए श्मशान घाटों का चयन कर आदेश निकाला जाए। समाचार लिखे जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था। पुलिस ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही थी।

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