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रामपुर जीतने के लिए झोंकी पूरी ताकत, 45 साल की सियासत में पहली दफा वोट नहीं डाल सके आजम खान

आजम खान ने 45 साल की सियासत में पहली दफा वोट नहीं डाल सके। इसकी सबसे बड़ी वजह नफरती बोल में उनका सजायाफ्ता हो जाना है।

रामपुर जीतने के लिए झोंकी पूरी ताकत, 45 साल की सियासत में पहली दफा वोट नहीं डाल सके आजम खान
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,रामपुरTue, 06 Dec 2022 07:25 AM

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आधी से भी ज्यादा जिदंगी को सियासत में झोंक चुके सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान पहली दफा अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को वोट नहीं डाल सके। इसकी सबसे बड़ी वजह नफरती बोल में उनका सजायाफ्ता हो जाना है।

सपा के कद्धावर नेता आजम खान रामपुर ही नहीं बल्कि देश प्रदेश की सियासत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। दस बार विधायक और एक दफा लोकसभा सदस्य जबकि एक दफा राज्यसभा सदस्य रह चुके सपा के वरिष्ठ नेता अपने बयानों से लगातार चर्चा में रहे हैं। कई दफा विवादित बयानों देकर फंसे भी हैं। भाजपा सरकार आने के बाद से सपा के नेता आजम खां मुसीबतों से घिरने शुरू हुए हैं जिसका सिलसिला लगातार अभी भी जारी है। नफरती भाषण के कई मामले कोर्ट में विचाराधीन है। एक मामले में सपा नेता आजम खां को कोर्ट दोषी करार देकर सजा सुना चुकी है।

सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधायकी भी चली गई थी। विधायकी जाने के बाद ही शहर विधानसभा सीट पर उप चुनाव की नौबत आई है। इस उप चुनाव में सपा नेता ने अपने करीबी आसिम राजा पर दांव खेला है। आसिम की जीत के लिए आजम खान ने पूरी ताकत झोंक दी है। अपने विश्वासपात्रों से दूर हो चुके सपा नेता ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत लगा दी।

दो भाषणों में विवादित बोल सामने आने के बाद मुकदमा भी दर्ज किया गया था। शहर विधानसभा सीट पर हुए मतदान के दिन सपा नेता आजम खां वोट डालने नहीं पहुंचे। वोट रद्ध होने के बाद सपा नेता किसी भी बूथ पर नजर भी नही आए। सपा के सूत्रों के मुताबिक आजम खां दिन भर घर पर ही रहे।

आजम परिवार ने डाला वोट

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान वोट कटने के बाद जहां घर में ही रहे,वहीं दूसरी ओर उनक ी पत्नी व पूर्व विधायक तंजीन फात्मा, स्वार विधायक बेटा अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम वोट डालने पहुंचे। यह सभी अलग-अलग समय में वोट डालने पहुंचे थे। इन तीनों ने राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मतदान केंद्र पर वोट डाले।