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Hindi News उत्तर प्रदेशराम मंदिर में सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए शुरू होगी यह व्यवस्था, रामलला के साथ इनके भी होंगे दर्शन

राम मंदिर में सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए शुरू होगी यह व्यवस्था, रामलला के साथ इनके भी होंगे दर्शन

श्रीरामजन्म भूमि परिसर में स्थित कुबेर नवरत्न टीला पर विराजित कुबेरेश्वर महादेव का दर्शन भी रामलला के दर्शनार्थियों को सितम्बर माह से सुलभ हो जाएगा।

राम मंदिर में सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए शुरू होगी यह व्यवस्था, रामलला के साथ इनके भी होंगे दर्शन
Dinesh Rathourहिन्दुस्तान,अयोध्याFri, 24 May 2024 10:17 PM
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श्रीरामजन्म भूमि परिसर में स्थित कुबेर नवरत्न टीला पर विराजित कुबेरेश्वर महादेव का दर्शन भी रामलला के दर्शनार्थियों को सितम्बर माह से सुलभ हो जाएगा। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र की भवन निर्माण समिति की मंदिर परिसर में शुक्रवार को शुरू हुई दो दिवसीय बैठक में निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यदाई संस्था एल एण्डटी के पीडी वीके मेहता ने जानकारी दी कि कुबेर टीला पर निर्माणाधीन कार्य को अगस्त माह में पूरा कर तीर्थ क्षेत्र के सुपुर्द कर दिया जाएगा। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र ने बताया कि कुबेर टीला का निर्माण पूरा होने के बाद यहां आम श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ भेजने की व्यवस्था तय की जाएगी।

बताया गया कि यहां निर्धारित संख्या में ही श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा। इसके लिए सुगम दर्शन पास की तरह ही व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा मिश्र ने बताया कि पहले दिन की बैठक में एलएण्डटी व टीसीई के अलावा डिजाइन एसोसिएट व अन्य सभी निर्माण एजेंसियों की संयुक्त बैठक की गयी। इस बैठक में सभी एजेंसियों के अलग-अलग कामों की समीक्षा की गई और निर्माण कार्य पूरा करने से सम्बन्धित समस्याओं व उनके निदान पर भी मंथन किया गया।

परकोटा निर्माण के लिए नौ लाख घन फुट पत्थरों की हो चुकी है आपूर्ति

तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा मिश्र ने बताया कि बैठक में परकोटा निर्माण के लगने वाले बंशी पहाड़पुर के रेड सैंड स्टोन की सम्पूर्ण आपूर्ति (करीब नौ लाख घन फुट) हो गयी है। इसके राजस्थान में इन पत्थरों की तराशी के साथ उनकी भी आपूर्ति निर्बाध रूप से हो रही है‌। बताया गया कि परकोटा के साथ उसमें प्रस्तावित छह मंदिरों का निर्माण बहुत तीव्र गति से हो रहा है और यह मार्च 2025 में पूरा कर लिया जाएगा। यह भी बताया गया कि राम मंदिर के भूतल के अवशेष कामों के अलावा प्रथम-द्वितीय तल का निर्माण भी दिसम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ नृत्य मंडप, रंग मंडप का निर्माण पूरा हो चुका है। बताया गया कि गूढ़ी मंडप व प्रार्थना एवं कीर्तन मंडप का निर्माण समानांतर चल रहा है। इसके बाद शिखर का निर्माण शुरू हो जाएगा। 

बैठक से पहले निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने किया स्थलीय सत्यापन

बताया गया कि पहले दिन की बैठक राम मंदिर परिसर में पूर्वाह्न साढ़े नौ बजे से शुरू हुई। इसके पहले नौ बजे परिसर में पहुंचे समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन करते हुए स्थलीय सत्यापन किया। बैठक में तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र के अलावा मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव, सीबीआर आई के पूर्व निदेशक एके मित्तल, संघ के अभियंता जगदीश आफले, डिजाइन एसोसिएट के आर्किटेक्ट जय कानीटकर, मंदिर निर्माण के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा व अन्य मौजूद रहे।

तीर्थ क्षेत्र ने माना कि नृत्य मंडप के स्तम्भ में हनुमान जी की मूर्ति का हाथ टूटा

राम मंदिर के नृत्य मंडप के स्तम्भ में निर्मित हनुमान जी की मूर्ति का दाहिना हाथ एक सप्ताह पहले टूट गया था। इस पर एक दिन पूर्व लोगों का ध्यान तब गया जब इस मूर्ति का वीडियो वायरल हो गया। हालांकि वीडियो के वायरल होने के साथ ही कार्यदाई संस्था के कारीगरों ने खंडित हाथ को पुनः ठीक कर लिया है। इस बारे में पूछे जाने पर तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र ने कहा कि राम मंदिर में दर्शन के साथ -साथ स्तम्भों में मूर्तियों के निर्माण का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि तराशी के दौरान भीड़ भी चलती रहती है। इसी समय कतिपय कारणों से हाथ खंडित हो गया होगा। यह बड़ा इशू नहीं है। फिलहाल अब कोई मूर्ति खंडित नहीं रह गई है। 

राम मंदिर में 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया दर्शन

बैसाख शुक्ल पूर्णिमा के पर्व पर जहां गुरुवार को एक लाख सात हजार 252 श्रद्धालुओं ने रामलला का दर्शन किया था। वहीं ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा के पर्व पर शुक्रवार को भी 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। बताया गया कि रामलला के दर्शन की अवधि सुबह साढ़े छह बजे से रात्रि दस बजे तक निर्धारित है। इस अवधि में आने वाले श्रद्धालुओं की गणना सीसीटीवी के माध्यम से की जाती है।