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Hindi News उत्तर प्रदेशस्पेशल 26 की तर्ज पर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर छापा मारने पहुंचे जालसाज, सिपाही ने खोल दी पोल, 3 गिरफ्तार

स्पेशल 26 की तर्ज पर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर छापा मारने पहुंचे जालसाज, सिपाही ने खोल दी पोल, 3 गिरफ्तार

स्पेशल 26 फिल्म की तर्ज पर आयकर अधिकारी बनकर छापेमारी करने पहुंचे तीन जालसाजों को एक सिपाही की सूझबूझ से दबोच लिया। जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। उनके पास से कई फर्जी आईडी बरामद हुई है।

स्पेशल 26 की तर्ज पर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर छापा मारने पहुंचे जालसाज, सिपाही ने खोल दी पोल, 3 गिरफ्तार
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,गोरखपुरFri, 14 Jun 2024 08:34 PM
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स्पेशल 26 फिल्म की तर्ज पर आयकर अधिकारी बनकर छापा डालने पहुंचे तीन जालसाजों को एक सिपाही की सूझबूझ से गोरखपुर पुलिस ने दबोच लिया। जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। पुलिस ने उनके पास से फर्जी आईकार्ड व भारत सरकार आयकर विभाग का बोर्ड लगी कार बरामद की है। कार पर दिल्ली की नंबर प्लेट लगी है। कार भी चोरी की होने की आशंका जताई जा रही है। 

एम्स थाना क्षेत्र के कुसम्ही बाजार में रहने वाले भजनलाल सिंघड़िया स्थित एक कंपनी के एजेंट हैं। यह कंपनी लोगों को काम के सिलसिले में विदेश भेजती है। उनका कुसम्ही में दो मंजिला मकान है। जिसके ऊपरी मंजिल में सिपाही अनिल गुप्ता किराये पर रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे चार लोग एक लग्जरी कार से भजनलाल के घर पहुंचे। कार के अगले हिस्से पर आयकर विभाग, भारत सरकार लिखा था। खुद को आयकर अधिकारी बताते हुए एक ने कहा कि तुम्हारे खिलाफ शिकायत है, हमें घर की तलाशी लेनी है।

भजनलाल को फर्जी आई कार्ड दिखकर चारों ने अर्दब में लेना शुरू कर दिया। ये सब चल ही रहा था कि तब तक किराएदार सिपाही अनिल गुप्ता कहीं से आ गए। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ शुरू की और कहा कि हम स्थानीय पुलिस को बुला रहे है फिर जांच करिएगा। बहसबाजी शुरू हो गई तब सिपाही ने कहा कि थाने चलिए वहीं बात होगी। जिसके बाद जालसाज कुछ ले देकर मैनेज करने की बात करने लगे। तब तक सिपाही अनिल ने जगदीशपुर चौकी पुलिस को फोन कर दिया। जिसके बाद चौकी से दरोगा प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान एक जालसाज मौके से फरार हो गया जबकि 3 लोग पकड़ लिए गए। पुलिस सभी को थाने ले गई। पूछताछ में पता चला कि है कि इन लोगों ने अब तक दर्जनों जगह वारदातें की हैं। 

दिल्ली में आफिस, कई जगह जालसाजी

पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश कुमार, उपेंद्र पांडेय और नवाजिश अली के रूप में हुई। राजेश फर्जी अधिकारी बना था, वह मूल रूप से गोरखपुर के महादेवा बाजार का रहने वाला है और इस समय दिल्ली रहता है। दिल्ली में आफिस भी बना रखा है। उपेंद्र बिहार का जबकि नवाजिश नोएडा की खोड़ा कॉलोनी का रहने वाला है। बरामद गाड़ी उपेंद्र की बताई जा रही है। 

किराये पर देते थे गाड़ी, सीखे अफसरों के हावभाव

थाने पर आए राजेश के भाई ने बताया कि वे लोग दिल्ली में रहते हैं। वे लोग इनकम टैक्स विभाग दिल्ली में गाड़ी किराए पर देते थे। कई बार अधिकारियों की गाड़ी भी चलाई थी। जिससे इनकम टैक्स विभाग के लोगों से परिचय हुआ था। विभाग के अधिकारी किस तरह से छापा डालते हैं, यह हाव-भाव भी इन लोगों ने सीखा था।

भजनलाल की भी चल रही थी जांच, आए थे अर्दब में

भजनलाल मूल रूप से देवरिया जिले के ग्राम चोरखरी पोस्ट बखिरा के रहने वाले हैं। पिछले 4 सालों से कुसम्ही बाजार में मकान बनाकर रहते हैं। भजनलाल के खिलाफ भी एम्स थाने में विदेश भेजने के नाम पर ठगी की शिकायतें आ चुकी हैं जिसकी जांच पुलिस कर रही है। इस बीच कथित आयकर अफसरों की टीम पहुंचने के बाद भजनलाल उनके अर्दब में आ गए थे। किरायेदार सिपाही ने सूझबूझ से काम नहीं लिया होता तो वह जालसाजों का शिकार बन जाते। भजनलाल की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस पकड़े गए जालसाजों से पूछताछ कर रही है।