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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी के चौथे चरण में 130 कैंडिडेट्स में से 36 पर दर्ज है क्रिमिनल केस, 53 उम्मीदवार करोड़पति, ADR की रिपोर्ट से खुलासा

यूपी के चौथे चरण में 130 कैंडिडेट्स में से 36 पर दर्ज है क्रिमिनल केस, 53 उम्मीदवार करोड़पति, ADR की रिपोर्ट से खुलासा

चौथे चरण के लोकसभा चुनाव में यूपी की 13 सीटों पर 130 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से 36 पर क्रिमिनल केस दर्ज है। जबकि 53 प्रत्याशी करोड़पति हैं। भाजपा के सभी उम्मीदवारों की संपत्ति करोड़ों में है।

यूपी के चौथे चरण में 130 कैंडिडेट्स में से 36 पर दर्ज है क्रिमिनल केस, 53 उम्मीदवार करोड़पति, ADR की रिपोर्ट से खुलासा
Pawan Kumar Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊSat, 04 May 2024 05:56 PM
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लोकसभा के चौथे चरण का चुनाव 13 मई को होगा। इस फेज में यूपी की 13 सीटों पर 130 प्रत्याशी मैदान में हैं। यूपी इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने चौथे चरण की सभी उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया है। जिसके मुताबिक 130 में से 36 यानी 28 प्रतिशत उम्मीदवारों के उपर क्रिमिनल केस दर्ज है। सबसे अधिक आपराधिक मामले सपा प्रत्याशियों पर दर्ज हैं। 11 में से 7 प्रत्याशियों के ऊपर अपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि अन्य पार्टियों की बात करें तो बसपा के 13 में से 5, भाजपा के 13 में से 4 , सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी के 4 में से 1 और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के 3 में से 2 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं। 

उम्मीदवारों द्वारा घोषित गंभीर आपराधिक मामलों में भारतीय  जनता पार्टी के 31%, बहुजन  समाज  पार्टी  के 38 %, समाजवादी पार्टी के 36%, कांग्रेस के 100%, सरदार पटेल सिद्धांत  पार्टी  के 25%, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के 33%, उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। कानपुर से कांग्रेस प्रत्याशी आलोक कुमार के ऊपर 5 आपराधिक मामले दर्ज है। वहीं अकबरपुर से भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र सिंह अलियास पर 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा धौराहरा से बसपा उम्मीदवार श्याम किशोर अवस्थी हैं। जिन पर 4 आपराधिक केस हैं। 

भाजपा के सभी प्रत्याशी करोड़पति

यूपी इलेक्शन वॉच एडीआर राज्य संयोजक संतोष श्रीवास्तव के मुताबिक, करोड़पति उम्मीदवारों की बात करें तो 130 में से 53 यानी 41% उम्मीदवार करोड़पति हैं। जिसमे भारतीय जनता  पार्टी के 13 में से 13 (100%), बहुजन समाज पार्टी के 13 में से 10 (77%), समाजवादी पार्टी के 11 में से 10 (91%), कांग्रेस के 2 में से 2 (100%) उम्मीदवार करोड़पति हैं।

उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे  चरण के उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 3.54 करोड़ है। मुख्य दलों में भाजपा के 13 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति लगभग 9 करोड़ है। बहुजन  समाज  पार्टी  के 13 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.67 करोड़ है। समाजवादी पार्टी के 11 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 16.71 करोड़ है। वहीं कांग्रेस के 2 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति लगभग 19 करोड़ है।

सपा प्रत्याशी के पास 79 करोड़ की संपत्ति

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के प्रत्याशियों में उन्नाव से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रही अन्नु टंडन हैं। जिनकी संपत्ति लगभग 79 करोड़ है। इसी तरह से कन्नौज से चुनाव लड़ रहे अखिलेश यादव संपत्ति 42 करोड़ है। कानपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी आलोक मिश्रा के पास 35 करोड की संपत्ति है। खीरी निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश रिपब्लिकन पार्टी की एक उम्मीदवार कुमारी पंचशिला आनंद ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की  हैं। वहीं 4 उम्मीदवारों ने अपना पैन घोषित नहीं किया है।

130 में 85 प्रत्याशी ग्रेजुएट

लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे  चरण में  130 में से 37 (28%) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं और 12वीं के बीच घोषित की है। जबकि 85 (65 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज़्यादा घोषित की हैं। 1 उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक घोषित की है। 5 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता साक्षर और 2 उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता असाक्षर घोषित की है|
 अगर चौथे चरण में उम्मीदवारों की आयु की बात करें तो 130 में से 46 (35 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 25 से 40 वर्ष के बीच घोषित की है, जबकि 64 (49 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 41 से 60 वर्ष के बीच घोषित की है। 20 (15 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 61 से 80 वर्ष के बीच घोषित की है। उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे चरण में 16 (12प्रतिशत) महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही है।

मुख्य संयोजक यूपी इलेक्शन वॉच एडीआर संजय सिंह ने कहा, 'सभी दल महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी कर रहे हैं। अब तक के चार चरणों में महिलाओं को टिकट देने में पार्टियों ने रुचि नहीं दिखाई है। इससे यह प्रतीत होता है कि जब भारत की संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पास हो गया है ऐसी परिस्थिति में इतने कम टिकटों को देकर राजनैतिक दलों में  कहीं न कहीं महिलाओं के प्रति उदासीनता दिखाई देती है|'