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रेलवे की बड़ी कार्रवाई, लापरवाही पर 4 कर्मचारियों को किया सस्पेंड

employee suspend over negligence

ड्यूटी में लापरवाही पर रेलवे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। इनमें स्टेशन मास्टर से लेकर गेटमैन तक शामिल हैं। ये मंडल की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। चारों कर्मचारियों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी समेत कई गंभीर आरोप है। सभी को रेलवे ने आर्टिकिल  14(2) के तहत दंडित किया है। इस कार्रवाई में कर्मचारी का पक्ष सुने बिना एक्शन का विधान है। उधर रेलवे की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में आक्रोश है।

रेलवे ने सोमवार को अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए रामपुर सेक्शन के गेटमैन नत्थू सिंह, ऐथल के स्टेशन मास्टर मनोज सिंह, महोली के स्टेशन मास्टर रविकांत सिंह और मुरादाबाद में तैनात कंट्रोलर राहुल सैनी की सेवा समाप्त कर दी। गेटमैन नत्थू सिंह ड्यूटी के समय गेट खुला मिला था। उसकी ड्यूटी दो दिन पहले यानी शनिवार को रामपुर सेक्शन में गेट संख्या 406-सी पर थी। इस दौरान गेट खुला रहा। इससे कॉनकोर ट्रेन हादसे का शिकार होते- होते बची थी। कुछ दिन पहले शताब्दी एक्सप्रेस के चालक ने भी इस तरह की लापरवाही की रिपोर्ट की थी। स्टेशन मास्टर  मनोज सिंह और रविकांत सिंह पर नियमों की अनदेखी कर ड्यूटी करने और यात्रियों को ट्रेनों के संबंध में गलत सूचना देने का आरोप है। जबकि मुरादाबाद में तैनात कंट्रोलर राहुल सैनी बिना जानकारी दिए ड्यूटी से गायब हो गए थे। 

जांच और साक्ष्य के आधार पर रेल प्रबंधन ने माना कि इस तरह की लापरवाही से रेल संचालन प्रभावित होने का बड़ा खतरा था।  ऐसे हालात में यात्रियों की जान को बड़ा खतरा संभव था। रेलवे के अन्य निगरानी कारणों से कोई हादसा नहीं हुआ। रेल प्रवक्ता का कहना है कि विभाग प्रमुखों ने अपने अधिकार का प्रयोग कर दंड दिया है। बर्खास्तगी पत्र सोमवार को सभी कर्मचारियों को जारी कर दिए गए।

यह है आर्टिकिल 14(2) 
रेल सेवा अनुशासन एवं अपील नियम 1968 के नियम 14(2) के तहत कर्मचारी को सेवा से(तत्काल प्रभाव से नौकरी से)तुरंत निकालने का प्रावधान है। इसमें किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं होती है।

डीआरएम से मिले नरमू नेता
मुरादाबाद। चार कर्मचारियों की सेवा समाप्ति(रिमूवल)से कर्मचारी संगठनों में उबाल है। सोमवार को कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद नरमू का प्रतिनिधि मंडल डीआरएम और सीनियर डीओएम से मिला। संगठन ने इस कारवाई को प्राकृतिक न्याय और कर्मचारी हित के खिलाफ माना। संगठन के मंडल अध्यक्ष आरके बाली और मंडल मंत्री राजेश चौबे ने इस कार्रवाई के खिलाफ लड़ाई का ऐलान कर दिया। मंडल मंत्री ने कहा कि कर्मचारी की बात सुनी जाए। प्रभावी आटिर्किल का हम विरोध कर रहे हैं।

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