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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशपूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी की भाजपा में वापसी टली, खुद बताया क्या है पूरा मामला

पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी की भाजपा में वापसी टली, खुद बताया क्या है पूरा मामला

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सैनी बिरादरी के शीर्ष नेता और पूर्व मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी समाजवादी पार्टी से भाजपा में वापसी फिलहाल टल गई है। सैनी के समक्ष भाजपा ने आज खतौली में शामिल होने की बात कही थी।

पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी की भाजपा में वापसी टली, खुद बताया क्या है पूरा मामला
Yogesh Yadavवार्ता,सहारनपुरWed, 30 Nov 2022 04:27 PM

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सैनी बिरादरी के शीर्ष नेता और पूर्व मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी समाजवादी पार्टी से भाजपा में वापसी फिलहाल टल गई है। डा. सैनी के समक्ष भाजपा ने आज खतौली में मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ की सभा में शामिल होने की पेशकश की थी। इस तरह की खबरें मीडिया में जोरशोर के साथ आई भी हैं। लेकिन डा. सैनी ने दो टूक कहा कि वह आज भाजपा में शामिल होने नहीं जा रहे हैं।

सहारनपुर के दिग्गज राजनीतिज्ञ सैनी ने बुधवार को बताया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने उनके भाजपा में शामिल होने पर अपनी रजामंदी जता दी है और मंगलवार को उनकी पश्चिमी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहित बेनीवाल के साथ भी सकारात्मक बैठक हुई। वह तीन-चार दिन के भीतर प्रदेश अध्यक्ष की उपस्थिति में अपने समर्थकों सहित भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उनके लिए यह घर वापसी जैसा होगा।

उन्होंने अपने सहारनपुर आवास पर इस विषय को लेकर अपने समर्थकों की बैठक बुलाई है। उनके समर्थक भी भाजपा में जाने के लिए सहमत हैं। वर्ष 2002, 2007, 2012 और 2017 के लगातार चार चुनावों में विधायक चुने गए डा. सैनी ने 13 जनवरी 2022 को स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे। वह जिले की नकुड़ सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे जहां उन्हें भाजपा के नए प्रत्याशी मुकेश चौधरी ने 315 वोटों के मामूली अंतर से पराजित कर दिया था।

डा. सैनी मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ के पहले कार्यकाल में उनकी सरकार में आयुष राहत एवं पुनर्वास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे थे। उन्होंने 16 सितंबर 2016 को बहुजन समाज पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और वह रोचक मुकाबले में कांग्रेस उम्मीदवार इमरान मसूद को पराजित कर भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए। वह योगी सरकार में पूरे पांच साल मंत्री रहे।

डा. सैनी ने अपने राजनीतिक जीवन के पहले तीन चुनाव बसपा के टिकट पर जीते थे और 2007 में मुख्यमंत्री मायावती सरकार में वह बेसिक शक्षिा विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे थे। डा. सैनी ने बातचीत में आज कहा कि भाजपा छोड़ने का उनका फैसला सही नहीं था। इसका उन्हें बहुत मलाल है और वह अब अपने घर वापसी को लेकर बहुत उत्साहित हैं। पिछले कई माह से हालांकि वह कमर दर्द के कारण परेशान थे और घर पर आराम कर रहे थे।