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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशबहराइच, सीतापुर और बाराबंकी के 400 से अधिक गांवों में बाढ़ का कहर, मंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण

बहराइच, सीतापुर और बाराबंकी के 400 से अधिक गांवों में बाढ़ का कहर, मंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण

लखनऊ। हिन्दुस्तान टीम Yogesh Yadav
Fri, 22 Oct 2021 07:08 PM
बहराइच, सीतापुर और बाराबंकी के 400 से अधिक गांवों में बाढ़ का कहर, मंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण

बारिश और नेपाल के पानी छोड़ने के बाद कई जिलों में फिर बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सीतापुर, बहराइच और बाराबंकी में नदियों का पानी अभी बढ़ता ही जा रहा है। चार सौ से अधिक गांव बाढ़ का कहर लोगों पर भारी पड़ रहा है। हालांकि गोण्डा, बलरामपुर और श्रावस्ती में नदियों का जलस्तर स्थिर होने से राहत मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार को जल शक्ति मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने सीतापुर, बाराबंकी, बहराइच के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थानीय अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए। 

सीतापुर में उफनाई घाघरा और शारदा ने गुरुवार रात लहरपुर तहसील क्षेत्र के बसंतापुर के करीब बने बंध (बैंक) को काट दिया। ऐसे में बसंतापुर गांव जलमग्न हो गया। रेस्क्यू टीम ने मशक्कत के बाद गांव के लोगों को नाव से सुरक्षित स्थान पहुंचाया। तंबौर कस्बे में भी पानी आ गया है। स्वास्थ्य केन्द्र और बिजली उपकेन्द्र में पानी भरने से सेवाएं प्रभावित हुईं। तीन दिनों के भीतर बिसवां, लहरपुर और महमूदाबाद तहसील क्षेत्रों की कुल 25 हजार से अधिक आबादी प्रभावित हो गई है। 67 ग्राम पंचायतों की दस हजार हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो गई है।  

वहीं बहराइच में शुक्रवार को जलस्तर में कमी आने के बाद मिहींपुरवा क्षेत्र में कटान शुरू हो गई है। शुक्रवार को दर्जनों किसानों की 125 बीघे कृषि भूमि नदी में समाहित हो गई है। जबकि महसी, नानपारा व मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के लगभग 130 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। उधर बाराबंकी में सरयू का कहर बढ़ता ही जा रहा है। खतरे के निशान से 78 सेमी ऊपर बह रही नदी लगभग 120 गांवों में कहर बरपा रही है। इसके कारण सिरौलीगौसपुर, रामनगर और रामसनेहीघाट के एक हजार से अधिक परिवार बंधे या फिर अन्य सुरक्षित स्थानों पर अस्थाई बनाए गए घरों में रहने को मजबूर हैं। 

इसी तरह गोण्डा में खतरे के निशान से 75 सेमी ऊपर घाघरा पहुंच गई है। करनैलगंज के एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के पानी से गांव घिरने लगे हैं, ग्रामीणों की रातें दहशत में कट रहीं हैं। ऐसे ही अम्बेडकरनगर जिले के टांडा में घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। अयोध्या केंद्रीय जल आयोग के अनुसार टांडा की घाघरा नदी लाल ख़तरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। घाघरा के बढ़ने से धान की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। धान के खेत में नाव चल रही है। इतना ही नहीं मुबारकपुर सड़क के करीब नदी का पानी पहुंच गया। हालांकि बरामपुर और श्रावस्ती में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे थमने लगा है जिससे लोग राहत की सांस ली है।

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