ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशगजब! साइबर एक्‍सपर्ट बन गए बंटी-बबली, डाला पोर्टल पर डाका....श्रम विभाग को लगाया एक करोड़ का चूना 

गजब! साइबर एक्‍सपर्ट बन गए बंटी-बबली, डाला पोर्टल पर डाका....श्रम विभाग को लगाया एक करोड़ का चूना 

मास्टर माइंड उदित मिश्रा ग्राहक सेवा केन्द्र संचालित करता था। इसी दौरान वह नैंसी समेत अन्य आरोपितों के सम्पर्क में आया। उदित और नैंसी ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी के कई कोर्स कर चुके हैं।

गजब! साइबर एक्‍सपर्ट बन गए बंटी-बबली, डाला पोर्टल पर डाका....श्रम विभाग को लगाया एक करोड़ का चूना 
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता,कानपुरThu, 15 Feb 2024 05:59 AM
ऐप पर पढ़ें

Fraud in Labour Department:  ग्राहक सेवा केंद्र चलाने वाले हैकर उदित ने अपनी साइबर एक्सपर्ट प्रेमिका नैंसी के साथ मिलकर गिरोह बनाया और श्रम विभाग के सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल को हैक कर 1.10 करोड़ रुपये ठग लिए। क्राइम ब्रांच ने बुधवार को घटना का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत छह को गिरफ्तार कर लिया। गुडवर्क करने वाली टीम को पुलिस कमिश्नर ने एक लाख रुपये इनाम की घोषणा की है। श्रम विभाग के पोर्टल में सेंधमारी कर 1 करोड़ 10 लाख 55 हजार रुपये हड़पने के मामले में क्राइम ब्रांच की साइबर सेल जांच कर रही थी।

ये पकड़े गए

डीसीपी क्राइम आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में सजेती निवासी मास्टरमाइंड उदित मिश्रा जो वर्तमान में 19वीं मंजिल बिल्डिंग पारा लखनऊ में रह रहा है, उसके भाई अंकित मिश्रा, उदित की गर्लफ्रेंड वीर सावरकर नगर फेस 2 बुटी बोरी नागपुर निवासी नैंसी ठाकुर, वासिदपुर टिगरी मुरादाबाद निवासी मोहम्मद यासीन, अम्बेडकरनगर कटघर मुरादाबाद निवासी ललित कश्यप और आदर्श नगर सेक्टर 1 सीतापुर निवासी शिक्षा विभाग में एकाउंटेंट विनय दीक्षित को गिरफ्तार किया है।

ऐसे किया साइबर फ्रॉड

एडीसीपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि मास्टर माइंड उदित मिश्रा डेढ़ साल पहले तक सजेती में ग्राहक सेवा केन्द्र संचालित करता था। इसी दौरान यह नैंसी समेत अन्य आरोपितों के सम्पर्क में आया। उदित और नैंसी ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी के कई कोर्स कर चुके हैं। इस कारण दोनों ही खुद को एथिकल हैकर बताते हैं। इस दौरान उदित मिश्रा ने श्रम विभाग के कई अधिकारियों के साथ मेल मिलाप बढ़ा लिया था। उसे श्रम विभाग में आसानी से एंट्री मिल जाती थी। पोर्टल की कोई भी समस्या होने पर उसे बाकयादा फोन करके बुलाया जाता था। पोर्टल को ठीक करने की आड़ में वह उन बग के बारे में जानकारी प्राप्त कर चुका था, जिसे पोर्टल बनाते समय खामियों के लिए जानबूझकर छोड़ा गया था। इन खामियों की जानकारी के बाद उदित ने कई तरह के बाईपास तलाशे। जिससे बिना अधिकारी के वेरीफिकेशन के प्रक्रिया को स्किप किया जा सके।

ये बरामद हुआ
88 लाख रुपये विभिन्न खातों में फ्रीज कराए गए, 5 मोबाइल, 5 लैपटॉप, 1 सोने की चेन, 2.29 हजार नकद, 4 रसीदे (खरीदी गई वस्तुओं की), 1 बैंक पासबुक और 1 चेकबुक

इनक्रिप्टेड-की के जरिए सेंध
सीतापुर में तैनात शिक्षा विभाग में संविदा एकाउंटेंट विनय दीक्षित के यहां भी लेखाधिकारी के आखिरी परमिशन के बाद भुगतान की व्यवस्था है। उसी ने लेखाधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) तक मास्टरमाइंड उदित मिश्रा को पहुंचाया। दोनों विभागों का एक ही लेखाधिकारी होता है। चूंकी भुगतान लखनऊ के खाते से होना था इस कारण सीतापुर की डीएससी काम नहीं करती। इसपर उदित ने ओरिजनल सर्टिफिकेट नहीं लिया। उसके जरिए उसने डीएससी की इनक्रिप्टेड-की तैयार की और तब बिना किसी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के खातों में पैसा ट्रांसफर करा दिया गया। आरोपित मोहम्मद यासीन और ललित कश्यप ने आवेदकों के खाते उपलब्ध कराए थे।

तीन टीमों ने किया खुलासा
एडीसीपी क्राइम मनीष सोनकर के नेतृत्व में तीन टीमें बनीं। एक साइबर थाना प्रभारी हरमीत सिंह के नेतृत्व में, दूसरी सर्विलांस सेल प्रभारी अंजनी कुमार और तीसरी स्वाट के जनार्दन यादव की टीम ने खुलासा किया।

यह था मामला
एक फरवरी को अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें बताया कि सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर कन्या विवाह योजना के तहत फर्जी आवेदनों पर अधिकारियों के फर्जी डिजिटल सिग्नेचर हुए। आवेदनों को आवंटित किया गया। ठगों ने फंड रिलीज के आखिरी स्टेप लेखाधिकारी की आईडी को स्किप कर सीधे रकम ट्रांसफर कर दी। 25 से 30 जनवरी के बीच में 259 आवेदनों के जरिए 1.10 करोड़ का घपला हुआ।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें