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Hindi News उत्तर प्रदेशपहले भाभी फिर देवर ने फांसी लगाकर की आत्‍महत्‍या, सब हैरान; दोनों का एक साथ हुआ अंतिम संस्‍कार 

पहले भाभी फिर देवर ने फांसी लगाकर की आत्‍महत्‍या, सब हैरान; दोनों का एक साथ हुआ अंतिम संस्‍कार 

प्रयागराज के सोरांव के इस्माइलपुर में गुरुवार को विवाहिता के फांसी लगाने के बाद उसी दोपहर पटना में रह रहे देवर के भी फांसी लगा लेने की घटना से सब स्तब्ध रह गए। घर-परिवारवाले भी, गांव वाले भी।

पहले भाभी फिर देवर ने फांसी लगाकर की आत्‍महत्‍या, सब हैरान; दोनों का एक साथ हुआ अंतिम संस्‍कार 
Ajay Singhकंदर्प नारायण पांडेय,प्रयागराजSat, 22 Jun 2024 10:11 AM
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Bhabhi-Devar Committed Suicide: प्रयागराज के सोरांव के इस्माइलपुर में गुरुवार को विवाहिता के फांसी लगाने के बाद उसी दोपहर पटना में रह रहे देवर के भी फांसी लगा लेने की घटना से सभी स्तब्ध हैं। घर-परिवारवाले भी, गांव वाले भी। इस भीषण गर्मी में सामान्य मौत होती तो हीट वेव का असर कहा जा सकता था लेकिन दोनों का जाना फांसी लगाकर हुआ। वह भी एक के पीछे एक। दोनों की चिताएं भी एक साथ जलीं। नाजुक डोर वाले देवर-भाभी संबंध को लेकर चर्चाएं तमाम हैं लेकिन दोनों घटनाओं ने एक कसक तो छोड़ ही दिया है कि जिनसे घर आबाद था, किसी भावावेश के वशीभूत जान गंवा बैठे। साथ ही परिवार को गमों के दलदल में धकेल दिया।

इस्माइलपुर का जितेंद्र कुमार शुक्ल मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है। उसका छोटा भाई शंकर लाल शुक्ल पटना में रहकर शटरिंग का काम करता था। वहीं उसकी पहचान पिंकी के परिजनों से हुई। संबंध भरोसेमंद हुआ तो शंकरलाल ने पिंकी की शादी अपने भाई जीतेंद्र से करा दी। पिंकी अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ गांव में रहती थी। सब ठीक चल रहा था कि गुरुवार को अचानक पिंकी के फंदे से लटकने की सूचना ने मुंबई से पटना तक भावुकता हिलोर खा गई। जीतेंद्र तो मुंबई से गांव के लिए चल पड़ा लेकिन शंकरलाल इतना धैर्य न रख सका। उसने अपने किराए के कमरे में फांसी लगा ली। कुछ ही घंटों के अंतराल में जीतेंद्र को पत्नी और भाई के फांसी लगाने की मनहूस खबर मिली। पिंकी के तीनों बच्चे खुद को अभिभावकविहीन पाकर बिलखते रहे। पुलिस तफ्तीश करती रही, गांव वाले दोनों घटनाओं के तार जोड़ने में लगे रहे। देवर-भाभी का संबंध बहुत नाजुक होता है।

पहली नजर में उनके बीच प्रेम संबंध होने की आशंका होती है, लेकिन यह जरूरी नहीं। आत्मीयता की डोर, गहरे पारिवारिक लगाव से भी मृत्यु की सूचना झटका दे सकती है। संभव है कि कि पिंकी के मायके वालों से मिलने वाले संभावित तानों की आशंका ने भी शंकरलाल को व्यथित और हताश कर दिया होगा। लेकिन कोई इस तरह अपना जीवन कुर्बान नहीं करता। जो भी हो, दोनों फांसी ने एक आबाद घर को आशंकाओं के बियाबान में धकेल दिया।

देवर-भाभी का एक साथ किया गया अंतिम संस्कार
इस्माइलपुर निवासी जितेंद्र कुमार की पत्नी पिंकी शुक्ल ने गुरुवार सुबह घर में फांसी लगा ली। पिंकी की मौत की सूचना पटना में देवर शंकर लाल शुक्ल को हुई तो बहुत दुखी हो गया। गुरुवार दोपहर ही शंकर लाल ने पटना स्थित अपने किराए कमरे में फांसी लगा ली। एक ही दिन देवर भाभी की मौत से कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर मुंबई में रहे पिंकी का पति जितेंद्र इस्माइलपुर आ गया। उधर शंकर लाल का शव पटना से गांव लाया गया। शुक्रवार को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।

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