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Hindi News उत्तर प्रदेशफिरोजाबाद बवाल: जेल में बंद कैदी की मौत पुलिस के लिए बन गई गले की फांस, 40 घंटे में ही बदल गई मेडिकल रिपोर्ट

फिरोजाबाद बवाल: जेल में बंद कैदी की मौत पुलिस के लिए बन गई गले की फांस, 40 घंटे में ही बदल गई मेडिकल रिपोर्ट

फिरोजाबाद जेल में बंद में आकाश की मौत पुलिस प्रशासन के लिए अब गले की फांस बन गई है। जेल प्रशासन की लापरवाही को मृतक के पिता नाराज हैं। दरअसल 40 घंटे के भीतर ही मेडिकल रिपोर्ट में अंतर आ गया है।

फिरोजाबाद बवाल: जेल में बंद कैदी की मौत पुलिस के लिए बन गई गले की फांस, 40 घंटे में ही बदल गई मेडिकल रिपोर्ट
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,फिरोजाबादSun, 23 Jun 2024 07:20 PM
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आकाश तो दुनिया से चला गया लेकिन बूढ़े बाप को पुलिस प्रशासन से लेकर जेल प्रशासन तक की लापरवाही को लेकर गुस्सा आ रहा है। 40 घंटे में ही मेडिकल रिपोर्ट में इतना अंतर कैसे आ गया। जेल भेजते समय कराई मेडिकल रिपोर्ट में तो इतनी चोटें नहीं थीं। मौत के बाद हुए पोस्टमॉर्टम में 14 चोटें और हेड इंजरी सामने आई। इसके अलावा न तो थाने में पुलिस ने चालान होने तक बताया और न जेल में बीमार होने से लेकर जिला अस्पताल तक दम तोड़ने तक कोई सूचना दी थी।

आकाश के पिता वीरी सिंह ने बताया कि 21 जून की सुबह वह सो रहे थे। दो पुलिसकर्मी जो खुद को जिला कारागार का बता रहे थे, सादी वर्दी में आए थे। उन्होंने पूछा कि आकाश का घर यही है। वीरी सिंह ने कहा कि हां बताओ मैं उसका पिता हूं तो बोले ये कागज साइन कराना है। वीरी सिंह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं तो उन्होंने अपना नाम कागज पर लिख दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी एक कागज उन्हें थमाते हुए बोले बड़े दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि आपका बेटा जो जेल में बंद था उसकी उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई है। मोर्चरी पर शव रखा है पंचनामा की कार्रवाई होनी है आ जाना।

पिता बोले- हेड इंजरी कहां से आ गई

वीरी सिंह ने कहा कि बेटे को पोस्टमार्टम में 14 चोटें आने की बात सामने आई है। हेड इंजरी से पुलिस मौत होने की बात कह रही है। आखिर हेड इंजरी और इतनी चोटें कहां से आईं। उसका शरीर नीला पड़ा था, जगह-जगह चोटों के निशान पीएम से पहले ही दिखाई दे रहे थे। नाक से खून आ रहा था।

प्रशासन जवाब दे, पिटाई कहां पर हुई थी

वीरी सिंह ने कहा है कि बेटे आकाश की मौत के जिम्मेदार कौन हैं इसका खुलासा प्रशासन करे। अगर पुलिस ने जेल भेजा और हवालात में पिटाई नहीं हुई थी तो जेल में किस लिए बेटे को पीटा। अगर जेल में पिटाई नहीं हुई तो पुलिस जिम्मेदारी ले। आखिर 19 को जेल भेजने से लेकर 21 की सुबह तक 40 घंटे के अंदर ही जेल में बेटा कैसे मर सकता है।

जमानत की तैयारी थी मिली मौत की सूचना

वीरी सिंह रोते हुए बताते हैं कि उनके पैरों तले जमीन खिसक गई थी। कारण सुबह सबसे पत्नी यानी आकाश की मां शकुंतला को मिलाई के लिए जेल भेज दिया था। कहा था कि आकाश से पता करके आए कि किस मामले में उसको क्यों जेल भेजा है ताकि जमानत के लिए वकील किया जा सके।

पुलिस से लेकर जेल प्रशासन तक ने छिपाया

वीरी सिंह कहते हैं कि बेटे को पुलिस 17 जून को पकड़कर ले गई थी। वह पत्नी के साथ 15 जून से ही अलग कमरा लेकर रहने गया था। 17 को गायब हुआ तो पत्नी ने सोचा कि पिता के घर गया होगा और पिता ने सोचा कि पत्नी के पास कमरे पर होगा। इसलिए ज्यादा पूछताछ नहीं की। उधर पुलिस ने पकड़ा भी तो कोई जानकारी नहीं दी और 19 जून को बाइक चोरी में चालान कर दिया तब जेल भेजते समय उन्हें बताया। जेल में बीमार हुआ तो उसकी जानकारी भी नहीं दी। जेल प्रशासन  20 को तबीयत बिगड़ने की बात कह रहा है। उसे अस्पताल में भर्ती कराने और 21 को जिला अस्पताल में मौत के बाद परिवार को सूचना दी गई।

परिवार इन सवालों का मांग रहा जवाब

-17 जून को परिवार के अनुसार पुलिस ने आकाश को बाइक चोरी में उठाया था।
-19 जून को आकाश को जिला अस्पताल में मेडिकल कराकर जेल भेज दिया था।
-20 जून को आकाश की जिला जेल में तबीयत बिगड़ने की बात कही जा रही है।
-21 जून की अलसुबह उसकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
-19 से 21 जून की सुबह तक 40 घंटे में पीएम में आकाश को कैसे 14 चोटें आईं और कैसे हेड इंजरी हो गई।

छोटे से गुडवर्क ने पुलिस की करा दी छीछालेदर

पुलिस को एक छोटा सा गुडवर्क ले डूबा। बाइक चोरी में जेल गए आकाश की मौत पुलिस के गले की फांस बन गई। इतने सवाल हैं कि उनका जवाब देते नहीं बन रहा है। मृतक आकाश की पत्नी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसके पति की हत्या की गई है। आकाश के पिता भी इस बात का समर्थन कर रहे हैं। पिता कहते हैं कि पुलिस की कहानी में झोल ही झोल हैं। बाइक चोरी में उठाया गया तब घरवालों को कोई जानकारी नहीं दी गई। दो मेडिकल रिपोर्टों में अंतर है। इतना सब होने के बाद घरवालों को जानकारी भी मौत के बाद दी गई। जब पंचनामा भरने की कार्रवाई करनी थी तब पुलिस वालों ने आकर चिट्ठी साइन कराई और बेटे की मौत के बारे में बताया। घरवालों के इन आरोपों का पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है। पुलिस जांच की बात कहकर आगे बढ़ जाती है।

फिरोजाबाद बवाल में पुलिस ने खंगाले वीडियो

बंदी आकाश की मौत के बाद हिमायूंपुर चौराहे पर शुक्रवार की रात में जो बवाल हुआ है उसमें बवालियों को चिह्नित करने के लिए अब तक दुकानों और मकानों के 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और लोगों द्वारा उपलब्ध कराए वीडियो के आधार पर 30 बवालियों को अब तक चिह्नित कर लिया है। बता दें कि शुक्रवार को आकाश की मौत के बाद भीम आर्मी और बसपा नेताओं के साथ आसपास के इलाके के युवाओं द्वारा हिमायूंपुर चौराहे पर धरना दिया जा रहा था। धरने के दौरान लोगों ने पुलिस को निशाना बनाकर पथराव किया था जिसके चलते पुलिस कोई वीडियो नहीं बना पाई थी।

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