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बेटे की डिग्री पर पिता ने किया इलाज, बच्ची की मौत

doctor arrested

मामूली बुखार के आने पर परिजन सोमवार रात बच्ची को कस्बे के एक क्लीनिक पर ले गए। जहां डॉक्टर की जगह उसके पिता ने बच्ची का इलाज कर दिया। इससे बच्ची की मौत हो गई। परिजनों के हंगामे पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। हालांकि परिजनों का ने पिता की जगह बेटे के उपचार करने पर बच्ची की मौत का आरोप लगाते हुए बेटे शिवपद के खिलाफ तहरीर दी है। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने जांच कराई है।

कस्बा न्यूरिया के रहने वाले विष्णु मौर्या की तीन साल की बेटी निवरत मौर्या को सोमवार की शाम को तेज बुखार आ गया था। इस पर परिजन उसे सोमवार की रात करीब तीन बजे कस्बा के ही एक क्लीनिक पर ले गए। यहां शिवपद ने अपने बेटे बबलू की जगह खुद इलाज कर दिया। आरोप है कि उसने बच्ची के नाक और मुंह में दवा डाली और घर ले जाने को कहा। परिजन बच्ची को घर ले ही जा रहे थे उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। मौत से घर में कोहराम मच गया। सुबह परिजनों ने झोलाछाप की दुकान पर जाकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही न्यूरिया एसओ भी मौके पर पहुंच गए और जानकारी ली। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया।

बच्ची के पिता ने बबलू के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी। बताया जाता है कि काफी देर तक बात चीत होने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया तो पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि सीएमओ की जांच में तहरीर से अलग तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार बेटा बबलू डिग्रीधारक है। उसके स्थान पर पिता शिवपद बच्ची का इलाज कर रहा था।

किसी की डिग्री, कोई और कर रहा इलाज

सोमवार रात को हुई घटना से एक बात तो साफ खुलकर सामने आ गई कि जिले में कई ऐसे क्लीनिक भी चल रहे हैं, जिनमें किसी के नाम पंजीकरण और डिग्री है और इलाज कोई और कर रहा है। यदि सीएमओ की जांच ही सही मान ली जाए तो बबलू के नाम पर क्लीनिक का पंजीकरण है और उसके पास डिग्री भी है, लेकिन उसका क्लीनिक उसके पिता शिवपद संभाल रहे हैं। यदि इसी बिंदु पर जांच की जाए तो जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मामले खुलकर आ सकते हैं।

घटना की जानकारी होने पर मौके पर जाकर जांच कराई गई थी। जांच के दौरान शिवपद के बेटे का पंजीकरण देखा गया तो वह ठीक था। बेटे ने बताया कि बच्ची का इलाज उसके पिता ने किया था। पिता के पास कोई डिग्री नहीं है। दुकान को बंद करा दिया गया है। तहरीर में बेटे के स्तर से इलाज करने की बात कही गई। यदि पिता ने इलाज किया तो वह झोलाछाप है। इसकी जांच कराने के बाद कार्रवाई होगी।
डॉ. सीमा अग्र्रवाल, सीएमओ

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