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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी में मानवता शर्मसार: बेटी के शव को ठेले पर लादकर अंतिम संस्कार के लिए ले गया पिता

यूपी में मानवता शर्मसार: बेटी के शव को ठेले पर लादकर अंतिम संस्कार के लिए ले गया पिता

अंबेडकर नगर से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां बेटी की मौत के बाद एक पिता को ठेले पर लादकर अपनी बेटी का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाना पड़ा।

यूपी में मानवता शर्मसार: बेटी के शव को ठेले पर लादकर अंतिम संस्कार के लिए ले गया पिता
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,अंबेडकरनगरSun, 02 Jun 2024 05:01 PM
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यूपी के अंबेडकर नगर से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां बेटी की मौत के बाद एक पिता को ठेले पर लादकर अपनी बेटी का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाना पड़ा। इस दौरान न तो शव को कंधा नसीब हुआ न ही अपनों की भीड़ साथ रही। ये मामला मालीपुर क्षेत्र का है। जहां ठेले पर शव लादकर एक व्यक्ति को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते लोगों ने देखा।

पूछने पर पता चला कि ठेले पर लदा शव 10 साल की सोनम का है, जो दो सालों से बीमार चल रही थी और उसकी मौत हो गयी। ठेला चला रहा मृतका का बड़े पिता राम लाल और शव पकड़कर पीछे बैठे लड़की का पिता मुंशी लाल छे, जो अपनी बेटी को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। साथ में न कोई रिश्तेदार न ही शव को कंधा देने वाले लोग थे।

पिता ने कारण बताने से पिता ने इनकार कर दिया लेकिन इस तरह का दृश्य समाज के मुंह पर एक तमाचा है। ठेले पर लदा शव मालीपुर में भीड़भाड़ वाले चौराहे से थाने के सामने होते हुआ गुजरा लेकिन कोई चार आदमी ऐसे सामने नहीं आये जो ठेले पर रखी अर्थी को कंधा दे देते। लोग दूर से तमाशबीन बने रहे, जिसने न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया बल्कि समाजसेवा के ठेकेदारों पर भी सवाल उठाये।

गरीबी से लाचार था पिता 

10 साल की बेटी की लाश को ठेले पर लादकर श्मशान घाट ले जा रहे पिता मुंशीलाल मजदूरी करते हैं। घर से सुरहुरपुर स्थित घाट की दूरी करीब पांच किमी. की बताई जा रही है। पीड़ित पिता गरीबी के कारण लाश को ठेले पर लेकर जा रहा था। ऐसे में समाज के ठेकेदारों का भी दिल नहीं पसीजा। लोग जहां ट्रैक्टर ट्रालियों से शव को घाट पर ले जाते हैं, एक गरीब की मदद के लिए किसी ने साहस नहीं जुटाया। वहीं मालीपुर चौराहे पर पुलिस भी मौजूद रहती है, लेकिन किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी।

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