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हजारों कुंतल अनाज बेचने वाले व्यापारियों की भी जांच हो : राकेश टिकैट

शाहजहांपुर। संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Sat, 18 Sep 2021 05:11 PM
हजारों कुंतल अनाज बेचने वाले व्यापारियों की भी जांच हो : राकेश टिकैट

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान आंदोलन का प्रमुख चेहरा राकेश टिकैत ने शनिवार को यहां केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। किसान सौ कुंटल अनाज बेचता है तो सरकार जांच कराती है, लेकिन 10 से 50 हजार कुंटल अनाज बेचने वाले व्यापारी की जांच नहीं होती, आखिर वह अनाज कहां बेचता है, इसकी जांच होनी चाहिए और यह किसानों को भी बताया जाना चाहिए।

बंडा स्थित नानकदेव गुरुद्वारे में संत बाबा सुखदेव सिंह महाराज के बरसी में शामिल होने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार फसलों और नस्लों को बरबाद करना चाहती है। आरोप लगाया कि एमएसपी पर अनाज तो व्यापारी और अधिकारी का खरीदा जाता है, किसानों का कागज फर्जी तरीके से लगाया जाता है। किसानों को तो औने पौने दामों में ही अपनी फसल बेचनी पड़ती है, इसीलिए हम एमएसपी पर गारंटी चाहते हैं, ताकि किसान को उसकी खून पसीने की कमाई का मोल मिल सके। कहा कि सरकार किसानों को खेती से अलग करना चाहती है। कभी पराली के नाम पर, कभी कंबाइन मशीन से प्रदूषण के नाम पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। नए कृषि कानून की वजह से मंडियां बंद हो रही हैं। बिहार में 800 रुपये कुंटल धान बिक रहा है।

27 सितंबर को किसान लॉकडाउन 

किसान नेता टिकैत ने 27 सितंबर को भारत बंद के आह्वान में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने  किसानों से कहा अपना कीमती समय निकाल कर भारत बंदी में सहयोग करें। उन्होंने इस बंदी को किसान लॉकडाउन नाम दिया। कहा कि किसान आंदोलन में मुजफ्फरनगर में 5 सितंबर को ऐतिहासिक रैली थी। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सभी क्षेत्रों से पुराना नाता रहा है, जो घटनाएं किसान आंदोलन के दौरान हुई किसानों पर अत्याचार हुआ है, हम फिर भी समाज के लिए एक साथ खड़े रहे। हमको बदनाम बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन साजिश नाकाम हुई। 

किसान नहीं, सरकार ही पीछे हटेगी 

टिकैत ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी के लिए चल रहे आंदोलन में किसान पीछे नहीं हटेगा, सरकार को ही पीछे हटना होगा। किसान केवल अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है, जब तक कानून वापस नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त र्मोर्चा की ओर से सरकार को चिट्ठी लिखकर वार्ता का न्यौता दिया गया था, लेकिन हम सरकार की किसी शर्त पर वार्ता करने को तैयार नहीं है। हमारी एक ही मांग है कि तीनों कृषि कानून वापस हों, एमएसपी की गारंटी दो। सियासत पर बयानबाजी के दौरान उन्होंने फिर दोहराया कि बीजेपी को जिताने के लिए चचाजान ओवैसी यूपी आ चुके हैं। कहा कि अब्बाजान जैसे शब्द बोलना भी बीजेपी ने ही सिखाया है, चचाजान कह दिया जो क्या गलत है। 

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